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क्या अरुणाचल प्रदेश और लद्दाख को मिले नए डीजीपी?

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क्या अरुणाचल प्रदेश और लद्दाख को मिले नए डीजीपी?

सारांश

गृह मंत्रालय ने अरुणाचल प्रदेश और लद्दाख के लिए नए पुलिस प्रमुखों की नियुक्ति की है। यह बदलाव सीनियर आईपीएस अधिकारियों के ट्रांसफर के तहत किया गया है। जानें इस महत्वपूर्ण खबर के बारे में और नए डीजीपी की पृष्ठभूमि।

मुख्य बातें

शिव दर्शन सिंह जमवाल को अरुणाचल प्रदेश का नया डीजीपी नियुक्त किया गया।
मुकेश सिंह को लद्दाख का डीजीपी बनाया गया।
आनंद मोहन को दिल्ली ट्रांसफर किया गया है।
ये सभी अधिकारी एजीएमयूटी कैडर के हैं।
नए डीजीपी की नियुक्ति से कानून व्यवस्था में सुधार की उम्मीद है।

नई दिल्ली/ईटानगर, 2 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। गृह मंत्रालय ने शुक्रवार को दो सीनियर आईपीएस अधिकारियों के ट्रांसफर का आदेश जारी किया है। एक आधिकारिक नोटिफिकेशन के अनुसार, 1995 बैच के अधिकारी शिव दर्शन सिंह जमवाल को अरुणाचल प्रदेश का नया पुलिस महानिदेशक नियुक्त किया गया है, जबकि 1996 बैच के अधिकारी मुकेश सिंह को लद्दाख का डीजीपी बनाया गया है।

1994 बैच के आईपीएस अधिकारी और अरुणाचल प्रदेश के मौजूदा डीजीपी आनंद मोहन का ट्रांसफर दिल्ली कर दिया गया है और उन्हें दिल्ली पुलिस में जगह मिलने की संभावना है।

शिव दर्शन सिंह जमवाल अपनी नई पोस्टिंग से पहले लद्दाख के डीजीपी के तौर पर कार्यरत थे, जबकि मुकेश सिंह इंडो-तिब्बतन बॉर्डर पुलिस में सेंट्रल डेपुटेशन पर थे।

अपने सेंट्रल डेपुटेशन से पहले मुकेश सिंह जम्मू रेंज के इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस के तौर पर कार्यरत रह चुके हैं। वह मूल रूप से जम्मू और कश्मीर कैडर के थे, जिसे बाद में आर्टिकल 370 हटने और 2019 में पुराने राज्य को जम्मू और कश्मीर तथा लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेशों में बांटने के बाद अरुणाचल प्रदेश-गोवा-मिजोरम-केंद्र शासित प्रदेश कैडर में मिला दिया गया था।

आईटीबीपी में शामिल होने से पहले मुकेश सिंह ने जम्मू रेंज के लिए इंस्पेक्टर जनरल और बाद में एडिशनल डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस के तौर पर भी कार्य किया था।

ये तीनों आईपीएस अधिकारी, आनंद मोहन, शिव दर्शन सिंह जमवाल और मुकेश सिंह अरुणाचल प्रदेश–गोवा–मिजोरम–केंद्र शासित प्रदेश (एजीएमयूटी) कैडर के हैं।

आनंद मोहन को जून 2023 की शुरुआत में गृह मंत्रालय के आधिकारिक आदेशों के बाद अरुणाचल प्रदेश का डीजीपी नियुक्त किया गया था। उन्होंने 1992 बैच के एजीएमयूटी कैडर के आईपीएस अधिकारी सतीश गोलचा की जगह ली थी, जिनका तब दिल्ली ट्रांसफर कर दिया गया था।

7 जून, 2023 को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शिव दर्शन सिंह जमवाल को केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख का पुलिस प्रमुख नियुक्त किया था।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहां पुलिस व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की आवश्यकता है। नए डीजीपी की नियुक्ति से उम्मीद है कि कानून व्यवस्था में सुधार होगा और स्थानीय समस्याओं का प्रभावी समाधान किया जा सकेगा।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या आईपीएस अधिकारियों का ट्रांसफर सामान्य प्रक्रिया है?
हाँ, आईपीएस अधिकारियों का ट्रांसफर नियमित रूप से होता है ताकि प्रशासनिक कार्यों में सुधार किया जा सके।
नए डीजीपी का कार्यकाल कितना होगा?
डीजीपी का कार्यकाल आमतौर पर तीन साल का होता है, लेकिन इसे आगे बढ़ाया भी जा सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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