क्या प्रगति की 50वीं बैठक में प्रधानमंत्री के नेतृत्व में शासन में तकनीकी और सक्रिय कार्यप्रणाली का प्रभाव देखा गया?

Click to start listening
क्या प्रगति की 50वीं बैठक में प्रधानमंत्री के नेतृत्व में शासन में तकनीकी और सक्रिय कार्यप्रणाली का प्रभाव देखा गया?

सारांश

प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में प्रगति की 50वीं बैठक में तकनीकी और सक्रिय कार्यप्रणाली के माध्यम से शासन में सुधार पर चर्चा हुई। इस बैठक ने प्रगति मैकेनिज्म के प्रभावशाली परिणामों को उजागर किया। जानें, कैसे यह तंत्र राष्ट्रीय प्राथमिकताओं को ठोस परिणामों में बदलता है।

Key Takeaways

  • प्रगति मैकेनिज्म समन्वय और निर्णय लेने में तेजी लाता है।
  • प्रधानमंत्री मोदी ने 50वीं बैठक की अध्यक्षता की।
  • तकनीकी नवाचारों से शासन में सुधार होता है।
  • 40,000 करोड़ रुपए की परियोजनाओं की समीक्षा की गई।
  • 85 लाख करोड़ रुपए की परियोजनाओं को गति देने में मदद मिली।

नई दिल्ली, 2 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। कैबिनेट सचिव और अन्य विभागीय सचिवों ने प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में संपन्न प्रगति मैकेनिज्म (प्रो-एक्टिव गवर्नेंस एंड टाइमली इम्प्लीमेंटेशन) के परिणामों के बारे में मीडिया को जानकारी दी।

ब्रीफिंग के दौरान, कैबिनेट सचिव ने प्रगति-आधारित इकोसिस्टम के तहत एक संरचित प्रोजेक्ट और मुद्दों के समाधान के मैकेनिज्म पर विशेष ध्यान दिया। यह तंत्र विभिन्न स्तरों और राज्य सरकारों के बीच मुद्दों की व्यवस्थित निगरानी और उनके समाधान को सक्षम बनाता है।

कैबिनेट सचिव ने बताया कि प्रारंभ में मुद्दों का समाधान मंत्रालय स्तर पर किया जाता है, जबकि जटिल और महत्वपूर्ण मामलों को उच्च-स्तरीय समीक्षा के लिए संस्थागत तंत्रों द्वारा आगे बढ़ाया जाता है। इनका समाधान अंततः प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में होने वाली प्रगति बैठकों में किया जाता है।

यह एस्केलेशन फ्रेमवर्क अंतर-मंत्रालयी समन्वय, समयबद्ध निर्णय लेने और राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं में कार्यान्वयन से जुड़ी बाधाओं के समाधान को सुनिश्चित करता है। कैबिनेट सचिव ने जोर दिया कि ‘प्रगति’ उच्चतम स्तर पर निरंतर निगरानी और समीक्षा के माध्यम से जवाबदेही तय करने और परियोजना कार्यान्वयन की गति बढ़ाने के लिए एक प्रभावी मंच के रूप में कार्य कर रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने बुधवार को प्रगति की 50वीं बैठक की अध्यक्षता की। प्रगति, सक्रिय शासन और समयबद्ध कार्यान्वयन के लिए सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) आधारित बहुआयामी मंच है। यह बैठक प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सहयोगात्मक और परिणामोन्मुखी शासन के एक दशक लंबे सफर की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

यह उपलब्धि दर्शाती है कि प्रौद्योगिकी-आधारित नेतृत्व, वास्तविक समय की निगरानी और केंद्र-राज्य के निरंतर सहयोग ने राष्ट्रीय प्राथमिकताओं को जमीनी स्तर पर ठोस परिणामों में बदला है।

बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने सड़क, रेलवे, बिजली, जल संसाधन और कोयला सहित विभिन्न क्षेत्रों की पांच महत्वपूर्ण अवसंरचना परियोजनाओं की समीक्षा की। ये परियोजनाएं पांच राज्यों में फैली हुई हैं, जिनकी कुल लागत 40,000 करोड़ रुपए से अधिक है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्षों से प्रगति के नेतृत्व वाले इकोसिस्टम ने 85 लाख करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाओं को गति देने में मदद की है और बड़े पैमाने पर प्रमुख कल्याणकारी कार्यक्रमों के जमीनी स्तर पर कार्यान्वयन में सहयोग किया है।

Point of View

जो शासन में तकनीकी नवाचार और सक्रिय कार्यप्रणाली को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण है। यह दृष्टिकोण न केवल केंद्र-राज्य के सहयोग को दृढ़ करता है, बल्कि राष्ट्रीय प्राथमिकताओं को जमीनी स्तर पर प्रभावी परिणामों में बदलने में सहायक है।
NationPress
02/01/2026

Frequently Asked Questions

प्रगति मैकेनिज्म क्या है?
प्रगति मैकेनिज्म एक सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) आधारित मंच है, जो सक्रिय शासन और समयबद्ध कार्यान्वयन के लिए कार्य करता है।
इस बैठक में किन परियोजनाओं की समीक्षा की गई?
बैठक में सड़क, रेलवे, बिजली, जल संसाधन और कोयला सहित पांच महत्वपूर्ण अवसंरचना परियोजनाओं की समीक्षा की गई।
प्रधानमंत्री मोदी ने क्या कहा?
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि प्रगति के नेतृत्व वाले इकोसिस्टम ने 85 लाख करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाओं को गति देने में मदद की है।
Nation Press