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क्या तेलंगाना विधानसभा ने मनरेगा को जारी रखने का प्रस्ताव पारित किया?

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क्या तेलंगाना विधानसभा ने मनरेगा को जारी रखने का प्रस्ताव पारित किया?

सारांश

तेलंगाना विधानसभा ने मनरेगा को जारी रखने की मांग की है, जो गरीबों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने इसे गरीबों और महिलाओं के लिए रोजगार का संकट बताया। क्या यह नया कानून इन वर्गों के अधिकारों को कमजोर करेगा? जानिए पूरी जानकारी इस लेख में।

मुख्य बातें

मनरेगा को जारी रखने की मांग।
गरीबों और महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा।
नया कानून रोजगार गारंटी को खतरे में डाल सकता है।
मुख्यमंत्री का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित।
मनरेगा का उद्देश्य 100 दिनों का रोजगार सुनिश्चित करना।

हैदराबाद, 2 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। तेलंगाना विधानसभा ने शुक्रवार को महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) को बनाए रखने की मांग करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया। इस प्रस्ताव में हाल ही में पारित विकसित भारत गारंटी रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम (वीबीजी जी रामजीजी) को गरीबों के अधिकारों के लिए हानिकारक बताया गया।

मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने यह प्रस्ताव पेश किया, जिसे ध्वनि मत से सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया।

प्रस्ताव में कहा गया है कि नया कानून गरीबों के अधिकारों, महिला श्रमिकों के अधिकारों के खिलाफ है और यह संघवाद की भावना का उल्लंघन करता है।

इस प्रस्ताव में उल्लेख किया गया है कि मनरेगा को 2005 में डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार द्वारा ग्रामीण गरीबों को रोजगार और आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए लागू किया गया था। यह अधिनियम गरीबी, बेरोजगारी, पलायन और श्रमिकों के शोषण को कम करने के लिए बनाया गया था।

इसका मुख्य उद्देश्य प्रत्येक ग्रामीण परिवार को प्रति वर्ष कम से कम 100 दिनों का रोजगार और न्यूनतम मजदूरी सुनिश्चित करना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 20 वर्षों में राज्य में इस योजना के लगभग 90 प्रतिशत लाभार्थी अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़े वर्ग से हैं, जिनमें से 62 प्रतिशत महिलाएं हैं।

उन्होंने आगे कहा कि नया कानून ग्रामीण महिलाओं और कमजोर वर्गों के लिए रोजगार गारंटी को खतरे में डालता है, जो इस योजना पर निर्भर हैं।

प्रस्ताव में कहा गया है कि नया कानून गरीबों के अधिकारों के खिलाफ है क्योंकि यह रोजगार गारंटी अधिनियम के मूल उद्देश्य को कमजोर करता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में लागू मनरेगा में लगभग 62 प्रतिशत लाभार्थी महिलाएं हैं, और नए कानून में शामिल सीमित आवंटन प्रणाली से कार्यदिवसों की संख्या कम हो जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिससे ग्रामीण समाज को लाभ मिले।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तेलंगाना विधानसभा ने मनरेगा को जारी रखने का प्रस्ताव क्यों पारित किया?
तेलंगाना विधानसभा ने गरीबों और महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा के लिए मनरेगा को जारी रखने की मांग की है।
नया कानून गरीबों के अधिकारों को कैसे प्रभावित करेगा?
मुख्यमंत्री ने कहा कि नया कानून गरीबों और महिलाओं के लिए रोजगार गारंटी को खतरे में डालता है।
राष्ट्र प्रेस
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