क्या 'प्रगति' जवाबदेही को बढ़ावा दे रही है और परियोजना कार्यान्वयन में तेजी ला रही है?

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क्या 'प्रगति' जवाबदेही को बढ़ावा दे रही है और परियोजना कार्यान्वयन में तेजी ला रही है?

सारांश

कैबिनेट सचिव टीवी सोमनाथन ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी का प्रगति प्रणाली ने भारत की कल्याणकारी योजनाओं को तेजी से लागू करने में मदद की है। जानें, यह प्रणाली कैसे जवाबदेही और समन्वय को बढ़ावा दे रही है।

Key Takeaways

  • प्रगति प्रणाली ने कार्यान्वयन में तेजी लाई है।
  • जवाबदेही को सुनिश्चित करने में सहायक है।
  • परियोजनाओं के लिए समन्वय को बढ़ावा देती है।
  • टेक्नोलॉजी आधारित निगरानी से सुधार हुआ है।
  • प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाते हैं।

नई दिल्ली, 2 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। कैबिनेट सचिव टीवी सोमनाथन ने शुक्रवार को बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रो-एक्टिव गवर्नेंस और टाइमली इम्प्लीमेंटेशन (प्रगति) प्रणाली ने बड़े प्रोजेक्ट्स और महत्वपूर्ण कल्याणकारी योजनाओं के कार्यान्वयन की गति को तेज कर दिया है।

कैबिनेट सचिव ने प्रगति के तहत परियोजनाओं और समस्याओं के समाधान तंत्र पर प्रकाश डाला, जो विभिन्न स्तरों और राज्य सरकारों में मुद्दों की व्यवस्थित निगरानी और समाधान में मदद करता है।

कैबिनेट सचिवालय के अनुसार, सोमनाथन ने कहा कि प्रारंभ में मुद्दों को मंत्रालय स्तर पर सुलझाया जाता है, जबकि जटिल और महत्वपूर्ण मुद्दे उच्चस्तरीय समीक्षा के लिए निर्धारित संस्थागत तंत्र के माध्यम से आगे बढ़ाए जाते हैं, जिसका समापन प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में प्रगति बैठकों में होता है।

यह संरचना राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं में समन्वित अंतर-मंत्रालयी कार्रवाई, समय पर निर्णय लेने और कार्यान्वयन बाधाओं के लक्षित समाधान को सुनिश्चित करती है।

सोमनाथन ने कहा कि प्रगति उच्चतम स्तर पर निगरानी और समीक्षा के जरिए जवाबदेही सुनिश्चित करने और परियोजना कार्यान्वयन में गति लाने के लिए एक प्रभावी मंच बन गई है।

प्रधानमंत्री मोदी ने बुधवार को कहा था कि पिछले दशक में प्रगति मंच ने केंद्र और राज्यों के बीच घनिष्ठ समन्वय से 85 लाख करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाओं को तेज करने और लंबे समय से लंबित मुद्दों को हल करने में मदद की है।

प्रगति की 50वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 50 प्रगति बैठकों का सफल होना भारत की शासन प्रणाली में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन का संकेत है, जहां निर्णय समय पर लिए जाते हैं, जवाबदेही तय होती है, और विभागों तथा राज्यों के बीच समन्वय मजबूत होता है।

इस महत्वपूर्ण बैठक में यह बताया गया कि प्रौद्योगिकी आधारित निगरानी और नियमित अनुवर्ती कार्रवाई ने भारत में शासन के कार्य करने के तरीके को कैसे बदल दिया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "इस दृष्टिकोण से जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन में प्रत्यक्ष सुधार हुआ है और लोगों के दैनिक जीवन में सरकारी कार्रवाई अधिक स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगी है।"

बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने सड़क, रेलवे, बिजली, जल संसाधन और कोयले से संबंधित पांच प्रमुख अवसंरचना परियोजनाओं की समीक्षा की। ये परियोजनाएं पांच राज्यों में फैली हुई हैं और इनमें कुल 40,000 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश शामिल है।

प्रधानमंत्री मोदी ने निरंतर निगरानी के माध्यम से समय पर क्रियान्वयन सुनिश्चित करने और बाधाओं को दूर करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

Point of View

जो न केवल जवाबदेही को बढ़ावा देती है, बल्कि विभिन्न राज्यों के साथ समन्वय को भी मजबूत करती है। यह प्रणाली प्रशासनिक सुधारों के लिए आवश्यक है और इससे परियोजनाओं का कार्यान्वयन भी तेज होता है।
NationPress
02/01/2026

Frequently Asked Questions

प्रगति प्रणाली क्या है?
प्रगति प्रणाली एक पहल है जो प्रधानमंत्री मोदी द्वारा शुरू की गई है, जिसका उद्देश्य परियोजनाओं के कार्यान्वयन में तेजी लाना है।
कैबिनेट सचिव का क्या कहना है?
कैबिनेट सचिव टीवी सोमनाथन ने बताया कि यह प्रणाली जवाबदेही और समय पर निर्णय लेने में मदद कर रही है।
इसका लाभ क्या है?
इस प्रणाली के माध्यम से कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का प्रभावी कार्यान्वयन संभव हो रहा है।
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