26 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या पीएम मोदी ने प्रगति की 50वीं बैठक की अध्यक्षता की, 85 लाख करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं को मिला गति?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या पीएम मोदी ने प्रगति की 50वीं बैठक की अध्यक्षता की, 85 लाख करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं को मिला गति?

सारांश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रगति की 50वीं बैठक की अध्यक्षता की और 85 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं में तेजी लाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए। यह बैठक प्रौद्योगिकी-आधारित शासन के एक दशक के सफर को दर्शाती है। जानें इस बैठक के प्रमुख बिंदुओं के बारे में।

मुख्य बातें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रगति की 50वीं बैठक ने प्रमुख अवसंरचना परियोजनाओं की समीक्षा की।
85 लाख करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं को गति दी गई।
प्रौद्योगिकी-आधारित शासन के सिद्धांतों को लागू किया गया।
समयबद्ध कार्यान्वयन और जवाबदेही को बढ़ावा दिया गया।
पीएम श्री योजना को भविष्य के लिए तैयार किया जा रहा है।

नई दिल्ली, 31 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को प्रगति की 50वीं बैठक की अध्यक्षता की। प्रगति एक सक्रिय शासन और समयबद्ध कार्यान्वयन के लिए सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) पर आधारित एक बहुआयामी मंच है। यह बैठक प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सहयोगात्मक और परिणामोन्मुखी शासन के एक दशक के सफर में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

इस उपलब्धि से यह स्पष्ट होता है कि प्रौद्योगिकी-आधारित नेतृत्व, वास्तविक समय की निगरानी, और केंद्र-राज्य के निरंतर सहयोग ने राष्ट्रीय प्राथमिकताओं को जमीनी स्तर पर ठोस परिणामों में बदल दिया है।

बैठक के दौरान, प्रधानमंत्री ने सड़क, रेलवे, बिजली, जल संसाधन और कोयला जैसे विभिन्न क्षेत्रों की पाँच महत्वपूर्ण अवसंरचना परियोजनाओं की समीक्षा की। ये परियोजनाएं 5 राज्यों में फैली हुई हैं, जिनकी कुल लागत 40,000 करोड़ रुपये से अधिक है।

पीएम श्री योजना की समीक्षा करते हुए, प्रधानमंत्री ने इस बात पर बल दिया कि पीएम श्री योजना को समग्र और भविष्य के लिए तैयार स्कूली शिक्षा का राष्ट्रीय मानक बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसका कार्यान्वयन बुनियादी ढांचे पर केंद्रित होने के बजाय परिणामोन्मुखी होना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने बताया कि गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने अनुशासन, पारदर्शिता और समयबद्ध कार्रवाई के साथ जनता की शिकायतों को समझने और उनका समाधान करने के लिए प्रौद्योगिकी-सक्षम स्वागत प्लेटफॉर्म का आरंभ किया था।

केंद्र में पदभार ग्रहण करने के बाद, उन्होंने प्रगति के माध्यम से उसी भावना को राष्ट्रीय स्तर पर विस्तारित किया, जिसमें बड़ी परियोजनाओं, प्रमुख कार्यक्रमों और शिकायत निवारण के लिए एकीकृत मंच पर लाया गया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्षों से प्रगति के नेतृत्व वाले इकोसिस्टम ने 85 लाख करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं को गति देने में मदद की है और बड़े पैमाने पर प्रमुख कल्याणकारी कार्यक्रमों के जमीनी स्तर पर कार्यान्वयन में सहयोग दिया है।

2014 से प्रगति के तहत 377 परियोजनाओं की समीक्षा की गई है और इनमें से 3,162 मुद्दों में से 2,958 - यानी लगभग 94 प्रतिशत का समाधान किया गया है, जिससे देरी, लागत में वृद्धि और समन्वय विफलताओं में काफी कमी आई है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की प्रगति की गति तेज होने के साथ ही प्रगति की प्रासंगिकता और बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि सुधारों की गति को बनाए रखने और कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए प्रगति आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि 2014 से सरकार ने क्रियान्वयन और जवाबदेही को संस्थागत रूप देने के लिए काम किया है, जिससे एक ऐसी प्रणाली बनी है जिसमें काम को निरंतर निगरानी के साथ आगे बढ़ाया जाता है और समय-सीमा और बजट के भीतर पूरा किया जाता है।

प्रगति मंच के अंतर्गत शुरू की गई कई परियोजनाएं, जो दशकों से रुकी हुई थीं, पूरी हो गईं या निर्णायक रूप से आगे बढ़ने के लिए तैयार हो गईं। प्रधानमंत्री ने बताया कि परियोजनाएं केवल इरादे की कमी के कारण विफल नहीं होतीं। कई परियोजनाएं समन्वय की कमी और अलग-थलग कार्यप्रणाली के कारण विफल होती हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के लिए पर्याप्त संसाधन सुनिश्चित किए हैं और सभी क्षेत्रों में निरंतर निवेश किया है। उन्होंने प्रत्येक मंत्रालय और राज्य से योजना से लेकर कार्यान्वयन तक की पूरी प्रक्रिया को मजबूत करने और निविदा प्रक्रिया से लेकर जमीनी स्तर पर परियोजना वितरण तक की देरी को कम करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 एक राष्ट्रीय संकल्प और समयबद्ध लक्ष्य दोनों है, और प्रगति इसे हासिल करने का एक शक्तिशाली माध्यम है। उन्होंने राज्यों को विशेष रूप से सामाजिक क्षेत्र के लिए मुख्य सचिव स्तर पर प्रगति जैसी समान व्यवस्थाओं को संस्थागत रूप देने के लिए प्रोत्साहित किया।

प्रगति को अगले स्तर पर ले जाने के लिए, प्रधानमंत्री ने परियोजना जीवन चक्र के प्रत्येक चरण में प्रौद्योगिकी के उपयोग पर जोर दिया।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रगति की बैठक में कौन-कौन सी परियोजनाएं शामिल थीं?
बैठक में सड़क, रेलवे, बिजली, जल संसाधन और कोयला सहित विभिन्न क्षेत्रों की परियोजनाओं की समीक्षा की गई।
पीएम श्री योजना का उद्देश्य क्या है?
पीएम श्री योजना का उद्देश्य समग्र और भविष्य के लिए तैयार स्कूली शिक्षा का राष्ट्रीय मानक बनाना है।
क्या प्रगति मंच के तहत सभी मुद्दों का समाधान हो गया है?
हाँ, प्रगति के तहत 94 प्रतिशत मुद्दों का समाधान किया गया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने प्रगति के माध्यम से क्या सिखाया है?
उन्होंने प्रौद्योगिकी और समन्वय के माध्यम से परियोजनाओं के सफल क्रियान्वयन का महत्व बताया है।
भारत का विकसित होना किस दिशा में है?
भारत का विकसित होना 2047 का एक राष्ट्रीय संकल्प है, जिसका लक्ष्य समयबद्ध तरीके से विकास करना है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 6 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 1 साल पहले