क्या ओडिशा को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने का समय आ गया है? मुख्यमंत्री मोहन माझी

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क्या ओडिशा को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने का समय आ गया है? मुख्यमंत्री मोहन माझी

सारांश

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने ओडिशा को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए सतर्कता विभाग को दिए निर्देश। क्या यह अभियान राज्य में सरकारी अधिकारियों के भ्रष्ट आचरण को रोकने में सफल होगा? जानिए इस महत्वपूर्ण बैठक की सभी जानकारियाँ।

Key Takeaways

  • भ्रष्टाचार विरोधी अभियान को जारी रखने का निर्देश
  • 125 भ्रष्टाचार मामले की जांच
  • 488 मामलों का निपटारा 2025 में
  • भ्रष्ट सरकारी अधिकारियों के 1,199 बैंक खाते फ्रीज
  • 36.69 करोड़ रुपए और 8.8 करोड़ रुपए की नकद राशि जब्त

भुवनेश्वर, 2 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने शुक्रवार को सतर्कता विभाग को भ्रष्टाचार विरोधी अभियान जारी रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि ओडिशा को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने और एक ऐसा उदाहरण प्रस्तुत करने का समय आ गया है जो सरकारी अधिकारियों को भ्रष्ट आचरण में लिप्त होने से रोकेगा।

मुख्यमंत्री ने लोक सेवा भवन में सतर्कता विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह टिप्पणी की।

मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के एक आधिकारिक बयान के अनुसार, मांझी ने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार ओडिशा सतर्कता विभाग की विभिन्न आवश्यकताओं (क्षमता निर्माण, भर्ती और रिक्त पदों को भरना शामिल) का मूल्यांकन करेगी और जल्द से जल्द उचित निर्णय लेगी।

बैठक में बताया गया कि राज्य सरकार ने 1 अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 के बीच सतर्कता विभाग को जांच के लिए रिकॉर्ड 125 भ्रष्टाचार के मामले भेजे।

मुख्यमंत्री कार्यालय ने कहा कि राज्य सरकार ने नौ महीने की अवधि में इतनी बड़ी संख्या में मामले पहले कभी जांच के लिए नहीं सौंपे थे।

समीक्षा में यह भी पता चला कि 2025 में कुल 488 भ्रष्टाचार के मामलों का निपटारा किया गया। इनमें से अनुपातहीन संपत्ति (डीए) से संबंधित मामलों की संख्या सबसे अधिक थी।

इस वर्ष डीए से संबंधित 173 मामलों का निपटारा किया गया, जो अब तक का सर्वकालिक रिकॉर्ड है।

सतर्कता विभाग ने इस वर्ष प्रवर्तन कार्रवाई को भी तेज किया। 2025 में, सतर्कता टीमों ने राज्य भर में 487 स्थानों पर छापे मारे और अनुपातहीन संपत्ति और रिश्वतखोरी से जुड़े मामलों में कार्रवाई की।

इस कार्रवाई के तहत, भ्रष्ट सरकारी अधिकारियों से जुड़े 1,199 बैंक खाते फ्रीज कर दिए गए। इन अभियानों के दौरान महत्वपूर्ण संपत्तियां जब्त की गईं, जिनमें 153 इमारतें, 417 भूखंड, 12 फार्महाउस और 18.3 किलोग्राम सोना शामिल हैं।

इसके अलावा, 36.69 करोड़ रुपए की जमा राशि और 8.8 करोड़ रुपए की नकद राशि भी जब्त की गई। मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि के लिए राज्य सतर्कता अकादमी और सतर्कता विभाग की सराहना की।

Point of View

जिससे ओडिशा को भ्रष्टाचार से मुक्त बनाने की दिशा में एक ठोस प्रयास दिखाई देता है। मुख्यमंत्री द्वारा उठाए गए कदमों से यह संकेत मिलता है कि सरकार भ्रष्टाचार पर काबू पाने के लिए गंभीर है। लेकिन इसे सफल बनाने के लिए अधिकारियों की ईमानदारी और जनता का समर्थन भी आवश्यक है।
NationPress
02/01/2026

Frequently Asked Questions

मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार को रोकने के लिए क्या कदम उठाए हैं?
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने सतर्कता विभाग को भ्रष्टाचार विरोधी अभियान जारी रखने के निर्देश दिए हैं।
ओडिशा में कितने भ्रष्टाचार के मामले जांच के लिए भेजे गए हैं?
राज्य सरकार ने 1 अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 के बीच 125 भ्रष्टाचार के मामले जांच के लिए भेजे हैं।
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