क्या केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह 13 से 15 जनवरी तक इजरायल की यात्रा करके मत्स्य पालन और जलीय कृषि में सहयोग को मजबूत करेंगे?
सारांश
Key Takeaways
- भारत और इजरायल के बीच बढ़ते आर्थिक संबंध.
- मत्स्य पालन और जलीय कृषि में सहयोग की संभावनाएं.
- द्विपक्षीय बैठकें और संस्थानिक साझेदारी.
- नवाचार और तकनीकी जानकारी का आदान-प्रदान.
- खाद्य सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित.
नई दिल्ली, 12 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह (ललन सिंह) 13 से 15 जनवरी तक इजरायल की यात्रा पर रहेंगे। सोमवार को जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि यह यात्रा भारत और इजरायल के बीच बढ़ते रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को दर्शाती है।
बयान में उल्लेख किया गया है कि मंत्री राजीव रंजन सिंह इजरायल के कृषि और खाद्य सुरक्षा मंत्री एवी डिक्टर के निमंत्रण पर 'सेकेंड ग्लोबल समिट ऑन ब्लू फूड सिक्योरिटी: सी द फ्यूचर' में भाग लेंगे।
इस यात्रा से भारत और इजरायल के बीच पुरानी साझेदारी को और मजबूती मिलने की संभावना है। इसके साथ ही, मत्स्य पालन और जलीय कृषि के क्षेत्र में सहयोग बढ़ेगा और नए अवसर भी उपलब्ध होंगे जो आपसी हितों से जुड़े हैं।
मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के अनुसार, यह यात्रा इस बात का संकेत है कि दोनों देश मत्स्य पालन और जलीय कृषि के क्षेत्र में आपसी सहयोग को और गहरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
'सी द फ्यूचर समिट' में भाग लेने के अलावा, राजीव रंजन सिंह इजरायल के कृषि मंत्री एवी डिक्टर और सम्मेलन में शामिल अन्य देशों के मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे।
मंत्रालय ने बताया कि इन बैठकों में नीतियों में तालमेल, संस्थागत साझेदारी को मजबूत करने, टिकाऊ मत्स्य प्रबंधन और आधुनिक जलीय कृषि तकनीकों को बढ़ावा देने, अनुसंधान, प्रशिक्षण और नवाचार को आगे बढ़ाने, बेहतर बाजार पहुंच और मानकों के माध्यम से व्यापार व निवेश को बढ़ाने, उन्नत जलीय कृषि में संयुक्त अनुसंधान एवं पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन से निपटने की क्षमता और खाद्य सुरक्षा पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
मंत्री राजीव रंजन सिंह इजरायल की प्रमुख कंपनियों और स्टार्टअप्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों से भी बातचीत करेंगे, जो कृषि, मत्स्य पालन और जलीय कृषि के क्षेत्र में कार्यरत हैं।
इस यात्रा के दौरान मंत्री उन प्रमुख संस्थानों और नवाचार केंद्रों का भी दौरा करेंगे, जहां उन्हें इजरायल की आधुनिक और उन्नत तकनीकों के बारे में जानकारी प्राप्त होगी।