26 जून 2026
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महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए 21वीं सदी में ठोस दिशा-निर्देश की आवश्यकता: प्रो. गीता भट्ट

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महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए 21वीं सदी में ठोस दिशा-निर्देश की आवश्यकता: प्रो. गीता भट्ट

सारांश

दिल्ली में चल रहे 'भारती-नारी से नारायणी' सम्मेलन में महिलाओं के सशक्तीकरण और नेतृत्व पर गहन चर्चा हो रही है। प्रो. गीता भट्ट ने इस पहल की जरूरत पर जोर दिया है।

मुख्य बातें

महिलाओं का सशक्तीकरण आवश्यक है।
निर्णय लेने में महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है।
गीता भट्ट का दृष्टिकोण प्रेरणादायक है।
कार्यक्रम से सकारात्मक विचार सामने आएंगे।
महिलाओं को ऊर्जा और सामर्थ्य की आवश्यकता है।

नई दिल्ली, 7 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली में महिला बुद्धिजीवियों का राष्ट्रीय सम्मेलन 'भारती-नारी से नारायणी' का आयोजन हो रहा है। यह दो दिवसीय कार्यक्रम 7 से 8 मार्च तक विज्ञान भवन में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें महिलाओं की राष्ट्र निर्माण में भूमिका, सशक्तीकरण और नेतृत्व की महत्वपूर्ण चर्चा की जाएगी।

कार्यक्रम के बाद प्रोफेसर गीता भट्ट ने राष्ट्र प्रेस के साथ विशेष बातचीत में कहा, "भारत विद्वत परिषद और अन्य संस्थाओं को इस पहल का स्वागत करना चाहिए। इसके साथ ही, देशभर की वे महिलाएं जो विभिन्न क्षेत्रों में निर्णायक भूमिकाएं निभा रही हैं, उन्हें भी इसे समर्थन देना चाहिए। भारत में महिलाएं देश की आधी जनसंख्या हैं, इसलिए 21वीं सदी में उनके सशक्तिकरण के लिए एक स्पष्ट रोडमैप की आवश्यकता है।"

उन्होंने इस आयोजन का स्वागत करते हुए कहा कि यह पहल देशभर की निर्णय लेने वाली महिलाओं को एक मंच पर लाकर नारी को शक्ति के रूप में देखने का प्रयास है।

गीता भट्ट ने कहा, "शक्ति का मतलब है सामर्थ्य, ऊर्जा और कार्य करने की क्षमता। वर्तमान में तकनीकी और सामाजिक चुनौतियों के समय में महिलाओं को इनसे निपटने की शक्ति दी जानी चाहिए। भारतीय संस्कृति में नारी का स्थान हमेशा ऊँचा रहा है और निर्णय प्रक्रिया में उनकी भागीदारी महत्वपूर्ण रही है। अब समय है कि 21वीं सदी में वे और अधिक सशक्त होकर आगे बढ़ें। इस दो दिवसीय सम्मेलन से कई सकारात्मक विचार और समाधान सामने आएंगे, जो महिलाओं के सशक्तीकरण और राष्ट्र निर्माण में मदद करेंगे।"

इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आंतरिक शक्ति, ऊर्जा और सामर्थ्य के साथ देखना है और उन्हें निर्णय लेने वाली भूमिकाओं में आगे लाना है। यह कार्यक्रम महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस सम्मेलन का उद्देश्य क्या है?
इस सम्मेलन का उद्देश्य महिलाओं के सशक्तीकरण और उन्हें निर्णय लेने वाली भूमिकाओं में लाना है।
प्रो. गीता भट्ट ने क्या कहा?
प्रो. गीता भट्ट ने सशक्तीकरण के लिए स्पष्ट रोडमैप की आवश्यकता पर जोर दिया।
राष्ट्र प्रेस
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