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क्या भारत और जर्मनी ने द्विपक्षीय व्यापार में महत्वपूर्ण समझौते किए?

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क्या भारत और जर्मनी ने द्विपक्षीय व्यापार में महत्वपूर्ण समझौते किए?

सारांश

भारत और जर्मनी के बीच हाल ही में कई महत्वपूर्ण एमओयू साइन किए गए हैं, जो द्विपक्षीय व्यापार को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। पीएम मोदी और चांसलर मर्ज की उपस्थिति में हुए इस समझौते से दोनों देशों के बीच संबंध और मजबूत होंगे।

मुख्य बातें

भारत और जर्मनी के बीच व्यापार 50 अरब डॉलर को पार किया।
2000 से अधिक जर्मन कंपनियां भारत में सक्रिय हैं।
इंडिया-जर्मनी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की गई।
बढ़ता टेक्नोलॉजी सहयोग और नवाचार ।
खेल और शिक्षा में सहयोग बढ़ाने पर सहमति।

नई दिल्ली, 12 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारत और जर्मनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की उपस्थिति में एक नई रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाते हुए कई महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) साइन किए हैं।

संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीएम मोदी ने बताया कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार अब 50 अरब डॉलर के आंकड़े को पार कर चुका है, जो कि एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।

उन्होंने आगे कहा कि लगभग 2000 से अधिक जर्मन कंपनियां भारत में कार्य कर रही हैं, जो कि भारत में निवेश के प्रति विश्वास और अवसरों को दर्शाता है।

प्रधानमंत्री मोदी ने उल्लेख किया कि पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों के बीच टेक्नोलॉजी सहयोग में निरंतर वृद्धि हुई है, जो अब संयुक्त परियोजनाओं और निवेश के माध्यम से स्पष्ट हो रहा है।

उन्होंने कहा, "भारत और जर्मनी नवीकरणीय ऊर्जा और जलवायु कार्रवाई में समान प्राथमिकताओं को साझा करते हैं।"

इन क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ाने के लिए दोनों देशों ने इंडिया-जर्मनी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने का निर्णय लिया है, जो ज्ञान, टेक्नोलॉजी और नवाचार साझा करने के लिए एक मंच के रूप में कार्य करेगा।

दोनों देश जलवायु, ऊर्जा, शहरी विकास और शहरी मोबिलिटी से जुड़े परियोजनाओं पर एक साथ काम कर रहे हैं।

पीएम मोदी ने एक नए मेगा ग्रीन हाइड्रोजन प्रोजेक्ट का उल्लेख किया, जो कि ऊर्जा के भविष्य के लिए गेम चेंजर साबित होगा।

प्रधानमंत्री ने सप्लाई चेन में सहयोग पर भी जोर दिया और कहा कि भारत और जर्मनी मिलकर एक सुरक्षित और भरोसेमंद प्रणाली बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं।

दोनों नेताओं ने खेल और शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति जताई। पीएम मोदी ने कहा कि खेल दोनों देशों के युवाओं को जोड़ने में मदद करेंगे, जबकि उच्च शिक्षा का एक नया रोडमैप शैक्षणिक संबंधों को मजबूत करेगा।

प्रधानमंत्री ने जर्मन विश्वविद्यालयों को भारत में अपने कैम्पस खोलने के लिए आमंत्रित किया।

चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने भारत और यूरोपीय संघ के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि ऐसा समझौता भारत-जर्मनी आर्थिक संबंधों की पूरी क्षमता को उजागर करने में मदद करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि दोनों देशों के बीच तकनीकी और शैक्षणिक संबंधों को भी मजबूत करेगा। ऐसे समझौते वैश्विक स्तर पर भारत की स्थिति को और मजबूत बनाते हैं।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या भारत-जर्मनी के बीच समझौते केवल व्यापार पर केंद्रित हैं?
नहीं, समझौतों में तकनीकी, शैक्षणिक और खेल के क्षेत्रों में सहयोग भी शामिल है।
भारत में कितनी जर्मन कंपनियां काम कर रही हैं?
लगभग 2000 से अधिक जर्मन कंपनियां भारत में कार्य कर रही हैं।
नवीनतम समझौते का मुख्य उद्देश्य क्या है?
समझौतों का उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार और तकनीकी सहयोग को बढ़ाना है।
भारत और जर्मनी के बीच तकनीकी सहयोग में क्या शामिल है?
यह सहयोग नवीकरणीय ऊर्जा, जलवायु कार्रवाई और अन्य क्षेत्रों में जुड़ाव को दिखाता है।
क्या जर्मन विश्वविद्यालय भारत में अपने कैंपस खोल सकते हैं?
हां, पीएम मोदी ने जर्मन विश्वविद्यालयों को भारत में कैंपस खोलने के लिए आमंत्रित किया है।
राष्ट्र प्रेस
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