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अंबुजा सीमेंट्स Q2 FY27: ₹9,197 करोड़ की आय, 16.5 मिलियन टन बिक्री; EBITDA मार्जिन 13.8%

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अंबुजा सीमेंट्स Q2 FY27: ₹9,197 करोड़ की आय, 16.5 मिलियन टन बिक्री; EBITDA मार्जिन 13.8%

सारांश

मौसमी चुनौतियों और लागत दबावों के बावजूद अंबुजा सीमेंट्स ने Q2 FY27 में ₹9,197 करोड़ का राजस्व और 16.5 मिलियन टन की बिक्री दर्ज की। ट्रेड वॉल्यूम में 8.6% की सालाना वृद्धि और कर्ज-मुक्त बैलेंस शीट अदाणी ग्रुप की सीमेंट कंपनी की स्थिर वित्तीय स्थिति का संकेत देती है।

मुख्य बातें

अंबुजा सीमेंट्स का Q2 FY27 परिचालन राजस्व ₹9,197 करोड़ रहा।
तिमाही में 16.5 मिलियन टन सीमेंट की बिक्री; ट्रेड वॉल्यूम में सालाना 8.6% वृद्धि।
ऑपरेटिंग EBITDA ₹1,271 करोड़ ; EBITDA मार्जिन 13.8% ; प्रति टन EBITDA ₹770 ।
तिमाही में 4.6 MTPA नई क्षमता चालू; वारिसलीगंज में 2.4 MTPA FY27 की दूसरी छमाही में अपेक्षित।
बैलेंस शीट कर्ज-मुक्त ; नेट वर्थ ₹72,238 करोड़ ; नकदी ₹1,070 करोड़ ।
कुल लागत ₹4,182 रुपए प्रति टन ; भू-राजनीतिक प्रभाव सहित ₹4,410 रुपए प्रति टन ।

अदाणी ग्रुप की कंपनी अंबुजा सीमेंट्स ने 29 अक्टूबर 2026 को वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही (Q2 FY27) के नतीजे जारी किए, जिसमें परिचालन से कुल आय ₹9,197 करोड़ रही और सीमेंट बिक्री 16.5 मिलियन टन दर्ज की गई। ऑपरेटिंग EBITDA ₹1,271 करोड़ और EBITDA मार्जिन 13.8 प्रतिशत रहा, जो मौसमी चुनौतियों और लागत दबावों के बीच कंपनी के अनुशासित प्रदर्शन को दर्शाता है।

बिक्री और ट्रेड बिजनेस का प्रदर्शन

स्टॉक एक्सचेंज में की गई रेगुलेटरी फाइलिंग के अनुसार, तिमाही के दौरान कंपनी ने 16.5 मिलियन टन सीमेंट की बिक्री की, जिसमें ट्रेड बिजनेस की लगातार बढ़ती हिस्सेदारी अहम रही। ट्रेड वॉल्यूम में सालाना आधार पर 8.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि कुल बिक्री में ट्रेड सेल्स का हिस्सा 6 प्रतिशत अंक बढ़कर 74 प्रतिशत पर पहुँच गया।

इसके अलावा, ट्रेड सेल्स में प्रीमियम उत्पादों की हिस्सेदारी 37 प्रतिशत रही, जो एक वर्ष पूर्व की तुलना में 2 प्रतिशत अंक अधिक है। यह संकेत देता है कि कंपनी उच्च-मूल्य वाले उत्पाद श्रेणियों में अपनी पकड़ मज़बूत कर रही है।

क्षमता विस्तार और नई परियोजनाएँ

इस तिमाही में अंबुजा सीमेंट्स ने 4.6 मिलियन टन प्रति वर्ष (MTPA) की नई उत्पादन क्षमता शुरू की, जिसमें दहेज, सलाई बनवां और कलंबोली की परियोजनाएँ शामिल हैं। बठिंडा और जोधपुर पेन्ना में 3.2 MTPA की अतिरिक्त क्षमता को स्थिर और विस्तारित किया जा रहा है।

गौरतलब है कि वारिसलीगंज में 2.4 MTPA की क्षमता के वित्त वर्ष 2027 की दूसरी छमाही में चालू होने की उम्मीद है। यह विस्तार कार्यक्रम भारत में बुनियादी ढाँचे और आवासीय निर्माण की बढ़ती माँग के अनुरूप है।

लागत दबाव और मार्जिन पर असर

कंपनी के अनुसार, इस तिमाही में कुल लागत ₹4,182 रुपए प्रति टन रही। हालाँकि भू-राजनीतिक व्यवधानों के प्रभाव को जोड़ने पर यह लागत ₹4,410 रुपए प्रति टन हो जाती है। पेटकोक और कोयले की ऊँची कीमतों, डीजल की अधिक लागत और पैकेजिंग खर्च में बढ़ोतरी के चलते उद्योग के मार्जिन पर दबाव बना रहा।

लॉजिस्टिक्स मोर्चे पर, हालाँकि पिछले वर्ष की तुलना में लागत में मामूली वृद्धि हुई, लेकिन प्राइमरी लीड दूरी को 265 किमी से घटाकर 254 किमी करने से इस प्रभाव को काफी हद तक सीमित रखा जा सका। प्रति टन EBITDA ₹770 रुपए रहा।

सीईओ की प्रतिक्रिया

अंबुजा सीमेंट्स के होल-टाइम डायरेक्टर और सीईओ विनोद बहेती ने कहा, 'वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही और पहली छमाही का हमारा प्रदर्शन यह दिखाता है कि मौसमी और बाहरी चुनौतियों के बावजूद अंबुजा का फोकस गुणवत्तापूर्ण विकास पर है। व्यापार को मजबूत करने और प्रीमियम उत्पादों के मिश्रण से राजस्व की गुणवत्ता में सुधार हुआ है, जबकि अनुशासित क्रियान्वयन और लागत प्रबंधन ने मुनाफे को बढ़ाने में मदद की है।'

वित्तीय स्थिति और क्रेडिट रेटिंग

वित्तीय सेहत के मोर्चे पर, अंबुजा सीमेंट्स ने अपनी बैलेंस शीट को कर्ज-मुक्त बनाए रखा है। कंपनी की नेट वर्थ ₹72,238 करोड़ है और उसके पास ₹1,070 करोड़ की नकदी उपलब्ध है। कंपनी को क्रिसिल, केयर रेटिंग्स, इंडिया रेटिंग्स और आईसीआरए जैसी प्रमुख रेटिंग एजेंसियों से सर्वोच्च AAA/A1+ क्रेडिट रेटिंग प्राप्त है, जो बाज़ार में इसकी मज़बूत साख को रेखांकित करती है।

यह ऐसे समय में आया है जब भारत का सीमेंट उद्योग उच्च इनपुट लागत और माँग में मौसमी उतार-चढ़ाव के बीच अपने विस्तार कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। आने वाली तिमाहियों में वारिसलीगंज क्षमता के चालू होने के बाद अंबुजा के परिणामों पर बाज़ार की कड़ी नज़र बनी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन 13.8% का EBITDA मार्जिन बताता है कि पेटकोक, कोयला और डीजल की बढ़ती लागत का दबाव अभी पूरी तरह नहीं उतरा है। ट्रेड सेल्स में 74% हिस्सेदारी और प्रीमियम मिश्रण में सुधार सही दिशा में कदम हैं, लेकिन असली परीक्षा तब होगी जब वारिसलीगंज समेत नई क्षमताएँ पूरी तरह चालू होंगी और माँग का माहौल अनुकूल बनेगा। कर्ज-मुक्त बैलेंस शीट निस्संदेह ताकत है, पर बाज़ार यह देखना चाहेगा कि विस्तार की यह रफ्तार मार्जिन को ऊपर ले जाती है या लागत के बोझ तले दबी रहती है।
RashtraPress
29 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अंबुजा सीमेंट्स का Q2 FY27 में राजस्व कितना रहा?
अंबुजा सीमेंट्स का वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में परिचालन से राजस्व ₹9,197 करोड़ रहा। इस दौरान कंपनी ने 16.5 मिलियन टन सीमेंट की बिक्री दर्ज की।
अंबुजा सीमेंट्स का EBITDA मार्जिन Q2 FY27 में कितना रहा?
कंपनी का ऑपरेटिंग EBITDA ₹1,271 करोड़ और EBITDA मार्जिन 13.8% रहा। प्रति टन EBITDA ₹770 रुपए रहा।
अंबुजा सीमेंट्स ने इस तिमाही में कितनी नई क्षमता जोड़ी?
कंपनी ने Q2 FY27 में दहेज, सलाई बनवां और कलंबोली परियोजनाओं सहित 4.6 MTPA की नई क्षमता चालू की। इसके अलावा वारिसलीगंज में 2.4 MTPA की क्षमता FY27 की दूसरी छमाही में शुरू होने की उम्मीद है।
अंबुजा सीमेंट्स की वित्तीय स्थिति कैसी है?
कंपनी की बैलेंस शीट कर्ज-मुक्त है, नेट वर्थ ₹72,238 करोड़ है और नकदी ₹1,070 करोड़ उपलब्ध है। क्रिसिल, केयर रेटिंग्स, इंडिया रेटिंग्स और आईसीआरए से सर्वोच्च AAA/A1+ क्रेडिट रेटिंग भी प्राप्त है।
अंबुजा सीमेंट्स के मार्जिन पर किन कारणों से दबाव बना?
पेटकोक और कोयले की ऊँची कीमतें, डीजल की अधिक लागत और पैकेजिंग खर्च में बढ़ोतरी से उद्योग के मार्जिन पर दबाव बना रहा। भू-राजनीतिक व्यवधानों को जोड़ने पर कुल लागत ₹4,410 रुपए प्रति टन रही।
राष्ट्र प्रेस
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