29 अक्टूबर 2026
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पश्चिम बंगाल: काली पूजा और छठ पर ग्रीन पटाखों को मंजूरी, रात 8–10 बजे तक ही जला सकेंगे

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पश्चिम बंगाल: काली पूजा और छठ पर ग्रीन पटाखों को मंजूरी, रात 8–10 बजे तक ही जला सकेंगे

सारांश

पश्चिम बंगाल सरकार ने काली पूजा और छठ पर पटाखों की समयसीमा, ध्वनि सीमा और प्रकार तय कर दिए हैं — सिर्फ ग्रीन पटाखे, रात 8 से 10 बजे तक। कोलकाता में 110 किग्रा प्रतिबंधित पटाखे बरामद हो चुके हैं। डीजीपी ने उल्लंघन पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।

मुख्य बातें

पश्चिम बंगाल सरकार ने 29 अक्टूबर 2026 को काली पूजा और छठ पूजा के लिए पटाखा गाइडलाइन जारी की।
केवल ग्रीन पटाखों की अनुमति; काली पूजा पर रात 8–10 बजे और छठ पर सुबह 6–8 बजे तक ही जला सकेंगे।
तेज़ आवाज वाले पटाखों की सीमा 125 डेसिबल , अन्य के लिए 90 डेसिबल तय।
अस्पतालों और वृद्धाश्रमों के 100 मीटर दायरे में पटाखे पूरी तरह प्रतिबंधित।
कोलकाता पुलिस ने 110 किलोग्राम प्रतिबंधित पटाखे बरामद किए; दोषियों पर कार्रवाई जारी।
आकाशदीप उड़ाने के लिए अग्निशमन विभाग से लाइसेंस अनिवार्य।

पश्चिम बंगाल सरकार ने 29 अक्टूबर 2026 को काली पूजा और छठ पूजा के दौरान पटाखों के इस्तेमाल को लेकर सख्त नई गाइडलाइन जारी की, जिसमें केवल पर्यावरण-अनुकूल ग्रीन पटाखों की अनुमति दी गई है और समयसीमा निर्धारित कर दी गई है। कोलकाता स्थित राज्य सचिवालय नवान्न में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह घोषणा करते हुए सरकार ने स्पष्ट किया कि त्योहारी उत्साह, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक सुरक्षा के बीच संतुलन बनाना अनिवार्य है।

नई गाइडलाइन में क्या है

नए नियमों के तहत काली पूजा की रात केवल रात 8 बजे से 10 बजे के बीच पटाखे जलाने की अनुमति होगी। छठ पूजा के अवसर पर सुबह 6 बजे से 8 बजे तक ही पटाखे जलाए जा सकेंगे। तेज आवाज वाले पटाखों के लिए अधिकतम ध्वनि सीमा 125 डेसिबल और अन्य पटाखों के लिए 90 डेसिबल तय की गई है।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि अस्पतालों और वृद्धाश्रमों के 100 मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार के पटाखे जलाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। बहुमंजिला इमारतों में रहने वाले नागरिकों को धुएं के स्तर पर निगरानी रखने की सलाह दी गई है।

आकाशदीप और पटाखा बाज़ार पर नई शर्तें

आकाशदीप (पेपर लालटेन) उड़ाने के लिए अब अग्निशमन विभाग से अनिवार्य रूप से लाइसेंस लेना होगा। इसके अलावा पटाखों के बाज़ार आबादी वाले इलाकों से दूर स्थापित करने और उन पर कड़ी प्रशासनिक निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

पुलिस की कार्रवाई और बरामदगी

इन घोषणाओं के साथ ही कोलकाता पुलिस ने बताया कि शहर में अभियान के दौरान 110 किलोग्राम प्रतिबंधित पटाखे बरामद किए गए हैं और संबंधित दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जा रही है। यह ऐसे समय में आया है जब त्योहारों से ठीक पहले अवैध पटाखों की तस्करी रोकना प्रशासन की प्राथमिकता बन चुकी है।

वरिष्ठ अधिकारियों की चेतावनी और अपील

राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) सिद्ध नाथ गुप्ता ने स्पष्ट चेतावनी दी कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। राज्य सरकार ने शिकायत दर्ज कराने के लिए एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है।

गृह सचिव संघमित्रा घोष ने नागरिकों से जिम्मेदारी के साथ त्योहार मनाने की अपील की और कहा कि उत्सव के दौरान इस बात का ध्यान रखा जाए कि किसी अन्य व्यक्ति को असुविधा या खतरा न हो। उन्होंने सभी नागरिकों से नई गाइडलाइन का सख्ती से पालन करने का आग्रह किया।

आगे क्या होगा

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में काली पूजा और दीपावली एक साथ मनाई जाती है, और पटाखों से जुड़े प्रदूषण व दुर्घटनाओं की शिकायतें पिछले कई वर्षों से सामने आती रही हैं। नई गाइडलाइन के क्रियान्वयन पर पुलिस और प्रशासन की पैनी नज़र रहेगी, और उल्लंघन पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

समयसीमा और ध्वनि सीमाएँ कागज़ी नियम बनकर रह जाती हैं। त्योहार से ठीक पहले जारी गाइडलाइन की परंपरा बताती है कि राज्य हर साल यही चक्र दोहराता है — घोषणा, चेतावनी, और फिर उल्लंघन। जब तक स्थायी निगरानी ढाँचा और जवाबदेही तंत्र नहीं बनता, यह पहल भी पिछले वर्षों की तरह अधूरी रह सकती है।
RashtraPress
29 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पश्चिम बंगाल में काली पूजा पर पटाखे कितने बजे तक जला सकते हैं?
काली पूजा के दिन केवल रात 8 बजे से 10 बजे तक पटाखे जलाने की अनुमति है। इस समयसीमा का उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
क्या छठ पूजा पर भी पटाखों पर पाबंदी है?
पाबंदी नहीं, बल्कि समयसीमा तय की गई है — छठ पूजा के दौरान केवल सुबह 6 बजे से 8 बजे तक ग्रीन पटाखे जलाए जा सकते हैं। इसके बाहर पटाखे जलाना नियमों का उल्लंघन माना जाएगा।
पश्चिम बंगाल सरकार की नई पटाखा गाइडलाइन में ध्वनि सीमा क्या है?
तेज़ आवाज वाले पटाखों के लिए अधिकतम 125 डेसिबल और अन्य पटाखों के लिए 90 डेसिबल की सीमा तय की गई है। इससे अधिक ध्वनि वाले पटाखे प्रतिबंधित माने जाएंगे।
अस्पतालों और वृद्धाश्रमों के पास पटाखे जलाने पर क्या नियम है?
अस्पतालों और वृद्धाश्रमों के 100 मीटर के दायरे में पटाखे जलाना पूरी तरह प्रतिबंधित है। यह नियम सभी प्रकार के पटाखों पर लागू होता है।
आकाशदीप (पेपर लालटेन) उड़ाने के लिए क्या करना होगा?
नई गाइडलाइन के तहत आकाशदीप उड़ाने से पहले अग्निशमन विभाग से लाइसेंस लेना अनिवार्य कर दिया गया है। बिना लाइसेंस के लालटेन उड़ाने पर कार्रवाई हो सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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