29 अक्टूबर 2026
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काली पूजा से पहले कोलकाता पुलिस की बड़ी कार्रवाई: बड़ाबाजार में 110 किलो प्रतिबंधित पटाखे जब्त, 19 वर्षीय गिरफ्तार

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काली पूजा से पहले कोलकाता पुलिस की बड़ी कार्रवाई: बड़ाबाजार में 110 किलो प्रतिबंधित पटाखे जब्त, 19 वर्षीय गिरफ्तार

सारांश

काली पूजा से ठीक पहले कोलकाता पुलिस ने बड़ाबाजार के एक परित्यक्त भवन से 110 किलो प्रतिबंधित पटाखे बरामद किए और 19 वर्षीय तौफीक को गिरफ्तार किया। पुलिस अब शहर में सक्रिय संभावित तस्करी नेटवर्क की जाँच कर रही है।

मुख्य बातें

कोलकाता पुलिस ने 29 अक्टूबर 2026 को उत्तर कोलकाता के बड़ाबाजार में करीब 110 किलोग्राम प्रतिबंधित पटाखे जब्त किए।
19 वर्षीय मोहम्मद तौफीक को मौके से गिरफ्तार किया गया; मामला बीएनएस, 2023 और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, 1908 के तहत दर्ज।
छापेमारी तड़के 1:45 बजे उप-निरीक्षक उत्तम कुमार हलदार के नेतृत्व में एक गुप्त सूचना के आधार पर हुई।
पटाखे चार बड़े गत्ते के डिब्बों में एक परित्यक्त भवन में बिना किसी लाइसेंस के रखे गए थे।
जाँचकर्ता संभावित अवैध तस्करी नेटवर्क से जुड़े तारों को खंगाल रहे हैं; काली पूजा तक शहरभर में अभियान और तेज होगा।

कोलकाता पुलिस ने 29 अक्टूबर 2026 को काली पूजा से ठीक पहले उत्तर कोलकाता के बड़ाबाजार इलाके में एक परित्यक्त भवन से करीब 110 किलोग्राम प्रतिबंधित पटाखे जब्त किए और 19 वर्षीय मोहम्मद तौफीक को मौके से गिरफ्तार किया। गुप्त सूचना के आधार पर की गई यह छापेमारी तब हुई जब त्योहारी सीज़न में अवैध पटाखों की माँग चरम पर होती है।

छापेमारी का घटनाक्रम

बड़ाबाजार थाने के उप-निरीक्षक उत्तम कुमार हलदार के नेतृत्व में एक पुलिस टीम गुरुवार तड़के करीब 1:45 बजे 1 एनएस रोड स्थित एनएस रोड इलाके में गश्त और तलाशी अभियान चला रही थी। गुप्त सूचना के आधार पर टीम ने उस परित्यक्त भवन की तलाशी ली, जहाँ चार बड़े गत्ते के डिब्बों में पैक करीब 110 किलोग्राम प्रतिबंधित पटाखे छुपाकर रखे गए थे।

पूरा माल तत्काल जब्त कर लिया गया और मौके पर मौजूद मोहम्मद तौफीक (19) को हिरासत में लेकर बड़ाबाजार थाने लाया गया। प्रारंभिक जाँच के अनुसार, पटाखे बिना किसी सरकारी लाइसेंस या अनुमति के भवन में रखे गए थे।

पुलिस का रुख और कानूनी कार्रवाई

इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, 1908 की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए बिना लाइसेंस और अनुमति के विस्फोटक सामग्री रखने का आरोप लगाया है।

कोलकाता पुलिस के जासूसी विभाग के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त कुणाल अग्रवाल ने कहा कि शहर में अवैध पटाखों की आवाजाही रोकने के लिए पुलिस लगातार अभियान चला रही है। उन्होंने संकेत दिए कि काली पूजा नज़दीक आने के साथ शहरभर में जाँच और छापेमारी का दायरा और बढ़ाया जाएगा।

सुरक्षा खतरे की गंभीरता

पुलिस ने स्पष्ट किया कि घनी आबादी और व्यावसायिक गतिविधियों वाले बड़ाबाजार इलाके में इतनी बड़ी मात्रा में पटाखों का भंडारण किसी बड़े हादसे — आग या विस्फोट — का कारण बन सकता था। गौरतलब है कि बड़ाबाजार कोलकाता के सबसे व्यस्त व्यापारिक केंद्रों में से एक है, जहाँ त्योहारों के आसपास भीड़ कई गुना बढ़ जाती है।

जाँच का दायरा

जाँचकर्ता अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि जब्त पटाखे कहाँ से लाए गए और इनके भंडारण व वितरण में अन्य लोग भी शामिल थे या नहीं। पुलिस यह भी जाँच कर रही है कि कहीं यह खेप शहर में सक्रिय किसी बड़े अवैध पटाखा तस्करी नेटवर्क से जुड़ी तो नहीं है। यदि ऐसा कोई नेटवर्क सामने आया, तो आगे और गिरफ्तारियाँ संभव हैं।

आगे क्या होगा

काली पूजा के मद्देनज़र कोलकाता पुलिस ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंधित पटाखों के भंडारण और बिक्री पर नकेल कसने के लिए अभियान और तेज़ किए जाएँगे। इस वर्ष न्यायालयों और प्रशासन की ओर से पहले ही प्रतिबंधित किस्मों के पटाखों पर कड़ी रोक लगाई जा चुकी है। तौफीक को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की प्रक्रिया चल रही है, जबकि जाँच जारी है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कोलकाता पुलिस ने बड़ाबाजार में कितने पटाखे जब्त किए?
कोलकाता पुलिस ने 29 अक्टूबर 2026 को बड़ाबाजार के 1 एनएस रोड स्थित एक परित्यक्त भवन से करीब 110 किलोग्राम प्रतिबंधित पटाखे जब्त किए। ये पटाखे चार बड़े गत्ते के डिब्बों में पैक होकर बिना किसी लाइसेंस के रखे गए थे।
गिरफ्तार युवक पर क्या आरोप लगाए गए हैं?
गिरफ्तार 19 वर्षीय मोहम्मद तौफीक पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, 1908 की संबंधित धाराओं के तहत बिना लाइसेंस और अनुमति के पटाखे रखने का मामला दर्ज किया गया है।
काली पूजा से पहले कोलकाता में पटाखों पर क्यों प्रतिबंध है?
न्यायालयों और प्रशासन ने पर्यावरण प्रदूषण और सार्वजनिक सुरक्षा के मद्देनज़र कुछ प्रकार के पटाखों पर रोक लगाई है। घनी आबादी वाले इलाकों में इनका भंडारण आग और विस्फोट का बड़ा जोखिम पैदा करता है।
क्या इस मामले में और गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं?
पुलिस जाँच कर रही है कि पटाखे कहाँ से लाए गए और क्या कोई अवैध तस्करी नेटवर्क इसके पीछे है। जाँचकर्ताओं के अनुसार, यदि नेटवर्क की पुष्टि होती है तो आगे और गिरफ्तारियाँ संभव हैं।
काली पूजा के दौरान कोलकाता पुलिस का अभियान आगे कैसा रहेगा?
कोलकाता पुलिस के जासूसी विभाग के अतिरिक्त आयुक्त कुणाल अग्रवाल के अनुसार, काली पूजा नज़दीक आने के साथ शहरभर में जाँच और छापेमारी का अभियान और तेज़ किया जाएगा। उद्देश्य त्योहार के दौरान किसी भी सुरक्षा खतरे को पहले ही रोकना है।
राष्ट्र प्रेस
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