दुर्गा पूजा पास घोटाला: पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन गिरफ्तार, आज कोलकाता अदालत में होंगे पेश
सारांश
मुख्य बातें
कोलकाता पुलिस ने पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन को बुधवार शाम दुर्गा पूजा पास घोटाले में गिरफ्तार किया — यह घोटाला यूनेस्को-मान्यता प्राप्त उत्सव दौरों से जुड़ा बताया जाता है। गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को सेन को पहले मेडिकल जाँच के लिए ले जाया जाएगा और उसके बाद कोलकाता की एक निचली अदालत में पेश किया जाएगा, जहाँ सरकारी वकील आगे की पूछताछ के लिए उनकी पुलिस हिरासत की माँग करेंगे।
गिरफ्तारी का घटनाक्रम
जाँच से जुड़े पुलिस सूत्रों के अनुसार, ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) के साल्ट लेक कार्यालय में लंबी पूछताछ के बाद जब सेन बाहर निकले, तब कोलकाता पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। कोलकाता पुलिस और ईडी दुर्गा पूजा पास घोटाले की समानांतर जाँच कर रहे थे।
एक वरिष्ठ पुलिस सूत्र ने कहा, 'पूर्व राज्य मंत्री से विस्तार से पूछताछ करना ज़रूरी है, ताकि न केवल दुर्गा पूजा पास घोटाले, बल्कि वित्तीय अनियमितताओं के उन अन्य मामलों के बारे में भी पता चल सके, जिनमें वे पिछली सरकार के दौरान राज्य मंत्रिमंडल के सदस्य के रूप में शामिल थे। इसीलिए सरकारी वकील उनकी कस्टडी की माँग करेंगे।'
मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
गिरफ्तारी के तुरंत बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि उन अन्य प्रभावशाली लोगों को भी नहीं बख्शा जाएगा, जिन्हें उन घोटालों से फायदा हुआ जिनमें सेन आरोपी हैं। उन्होंने बिना नाम लिए पूर्व मुख्यमंत्री पर परोक्ष रूप से निशाना साधा।
अधिकारी ने कहा, 'सेन ने अपने मंत्री पद का फायदा उठाया और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री के साथ अपनी करीबी का इस्तेमाल करके खूब पैसा कमाया। सेन और पूर्व मुख्यमंत्री सरकारी कार्यक्रमों में एक साथ गाना गाते थे। जाहिर है, पिछली कैबिनेट में सेन अकेले ऐसे व्यक्ति नहीं हैं जिन्होंने मंत्री पद का इस्तेमाल करके संपत्ति बनाई है। इसका हिस्सा निश्चित रूप से ऊपर तक पहुँचा होगा — उन्हें भी नहीं बख्शा जाएगा। बस इंतजार कीजिए और देखिए।'
ममता बनर्जी का नाम और ₹30 लाख का कथित लेन-देन
इस महीने की शुरुआत में ईडी ने एक बयान जारी किया था, जिसमें सेन के स्वामित्व वाली कंपनी 'ऑक्टेव रिकॉर्ड्स' से जुड़े एक लेन-देन के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का नाम लिया गया था। एजेंसी के अनुसार, बैंकिंग चैनलों के ज़रिये कंपनी के खातों से कथित तौर पर लगभग ₹30 लाख बनर्जी को ट्रांसफर किए गए। हालाँकि सेन का कहना है कि यह भुगतान रॉयल्टी के रूप में किया गया था।
गौरतलब है कि यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब पश्चिम बंगाल की नई सरकार पिछले तृणमूल कांग्रेस (TMC) शासनकाल के कथित भ्रष्टाचार की व्यापक जाँच में जुटी है।
न्यायिक आयोग की जाँच
राज्य सरकार द्वारा गठित एक न्यायिक जाँच आयोग भी पिछली तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार के दौरान हुए संस्थागत भ्रष्टाचार की जाँच कर रहा है। यह आयोग राज्य के सूचना एवं सांस्कृतिक मामलों के विभाग की टेंडर प्रक्रिया में हुई करोड़ों रुपये की कथित अनियमितताओं पर ध्यान केंद्रित किए हुए है — वही विभाग जहाँ सेन राज्य मंत्री के रूप में कार्यरत रहे। यह जाँच ईडी की मनी लॉन्ड्रिंग जाँच से अलग और स्वतंत्र है।
आगे क्या होगा
गुरुवार को अदालत में पेशी के बाद सेन की हिरासत का भविष्य तय होगा। पुलिस सूत्रों के अनुसार, उनसे वित्तीय अनियमितताओं के कई अन्य पहलुओं पर भी पूछताछ की जानी है। यह मामला आने वाले हफ्तों में और नए नामों और तथ्यों के सामने आने से राजनीतिक रूप से और अधिक गर्म होने की आशंका है।