30 सितंबर 2026
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ईडी ने पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन को समन भेजा, दुर्गा पूजा UNESCO घोटाले में ₹60 करोड़ की धांधली का आरोप

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ईडी ने पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन को समन भेजा, दुर्गा पूजा UNESCO घोटाले में ₹60 करोड़ की धांधली का आरोप

सारांश

पश्चिम बंगाल के पूर्व पर्यटन मंत्री इंद्रनील सेन के घर 16 घंटे की छापेमारी के बाद ईडी ने उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग मामले में तलब किया। आरोप है कि UNESCO के नाम पर नकली दुर्गा पूजा पास बेचकर ₹60 करोड़ की धांधली हुई — और तीन वर्षों में पंजीकृत लोगों की संख्या 19,000 से बढ़कर 61,000 हो गई।

मुख्य बातें

ईडी ने मंगलवार, 30 सितंबर को 10 स्थानों पर 16 घंटे से अधिक की छापेमारी की, जिसमें पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन का कस्बा, कोलकाता स्थित आवास शामिल था।
सेन को बुधवार सुबह 11 बजे साल्टलेक स्थित ईडी कार्यालय में पेश होने का निर्देश दिया गया है।
आरोप है कि 'मास आर्ट' संस्था ने UNESCO के नाम पर नकली दुर्गा पूजा पास ₹1,749 से ₹5,499 की कीमत पर बेचे; कुल कथित घोटाला ₹60 करोड़ का।
सेन की पत्नी मधुछंदा सेन का 'मास आर्ट' संस्था से गहरा जुड़ाव कथित तौर पर जाँच के केंद्र में है।
पंजीकृत लोगों की संख्या 2022 में 19,000 से बढ़कर 2024 में 61,000 हो गई।
मामले की जाँच जून में शिकायतकर्ता जॉयदीप मुखर्जी की शिकायत पर शुरू हुई थी।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार, 30 सितंबर को पश्चिम बंगाल के पूर्व पर्यटन मंत्री इंद्रनील सेन के घर और अन्य ठिकानों पर 16 घंटे से अधिक की मैराथन छापेमारी के बाद उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ के लिए कोलकाता के साल्टलेक स्थित ईडी कार्यालय में तलब किया है। सेन को बुधवार सुबह 11 बजे एजेंसी के सामने पेश होने का निर्देश दिया गया है। यह मामला कथित तौर पर यूनेस्को (UNESCO) के नाम और लोगो का दुरुपयोग कर दुर्गा पूजा परिक्रमा के नकली पास बेचने से जुड़ा है, जिसमें शुरुआती अनुमान के मुताबिक करीब ₹60 करोड़ की गड़बड़ी बताई जा रही है।

छापेमारी का विस्तार और निशाने पर कौन-कौन

ईडी अधिकारियों की अलग-अलग टीमों ने मंगलवार को एक साथ दस स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। इनमें दक्षिण कोलकाता के कस्बा इलाके में इंद्रनील सेन और उनकी पत्नी मधुछंदा सेन का आवास प्रमुख था। इसके अलावा सेन के कुछ रिश्तेदारों के घर और एक इवेंट मैनेजर अरिजीत दासगुप्ता के ठिकाने पर भी छापे डाले गए।

गायक से नेता बने इंद्रनील सेन ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से नकारा है। उन्होंने यह भी कहा कि खुद और उनके परिवार के सदस्यों को परेशान किए जाने के विरुद्ध वे कानूनी कार्रवाई करेंगे।

घोटाले की पूरी कहानी: UNESCO के नाम पर नकली पास

यह ऐसे समय में आया है जब 2021 में कोलकाता की दुर्गा पूजा को यूनेस्को की 'अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर' की सूची में शामिल किया गया था। इसके बाद 'मास आर्ट' नामक एक संस्था अस्तित्व में आई, जिसने खुद को यूनेस्को का 'आधिकारिक भागीदार' बताया और दुर्गा पूजा परिक्रमा के लिए पास बेचने शुरू किए।

आरोपों के अनुसार, इन पास की कीमत ₹1,749 से ₹5,499 तक रखी गई थी और इन्हें कोलकाता के 24 दुर्गा पूजा 'प्रीव्यू शो' के नाम पर बेचा गया। जाँच में अब तक इस दावे की पुष्टि नहीं हो सकी है कि यूनेस्को ने उन 24 पंडालों को वास्तव में चुना था। सूत्रों के मुताबिक, इन पास के ज़रिए जुटाई गई रकम का गबन किए जाने का आरोप है।

मधुछंदा सेन का इस संस्था से गहरा जुड़ाव कथित तौर पर जाँच के केंद्र में है। ईडी का कहना है कि यूनेस्को के नाम और लोगो का गैरकानूनी इस्तेमाल कर यह पूरा कारोबार चलाया गया।

पंजीकरण के आँकड़े और घोटाले का दायरा

शुरुआती जाँच से सामने आए आँकड़ों के अनुसार, 2022 में इन पास के लिए लगभग 19,000 लोगों ने पंजीकरण कराया था। 2023 में यह संख्या बढ़कर 34,000 और 2024 में 61,000 हो गई। इन आँकड़ों से घोटाले के बढ़ते दायरे का अंदाज़ा लगाया जा सकता है।

गौरतलब है कि ईडी ने इस मामले की जाँच जून में बो बाजार पुलिस थाने में धोखाधड़ी के शिकार जॉयदीप मुखर्जी की शिकायत के आधार पर शुरू की थी। यह पहली बड़ी कार्रवाई है जो सीधे एक पूर्व राज्य मंत्री तक पहुँची है।

आगे क्या होगा

बुधवार को इंद्रनील सेन की ईडी के समक्ष पेशी के बाद जाँच की दिशा और स्पष्ट होने की संभावना है। एजेंसी कथित तौर पर वित्तीय लेन-देन की पूरी श्रृंखला खंगाल रही है। यदि पूछताछ में नए तथ्य उभरते हैं, तो आगे गिरफ्तारी या अतिरिक्त समन की कार्रवाई से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 से 61,000 तक पहुँचना बताता है कि यह ऑपरेशन व्यवस्थित तरीके से चलाया गया, न कि एकबारगी। मुख्यधारा की कवरेज राजनीतिक कोण पर टिकी है, लेकिन असली सवाल यह है कि राज्य की सांस्कृतिक विरासत के नाम पर चल रही इस तरह की संस्थाओं की निगरानी का तंत्र कहाँ था। जब तक जवाबदेही का यह ढाँचा नहीं बनता, ऐसे घोटाले दोहराए जाते रहेंगे।
RashtraPress
30 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंद्रनील सेन को ईडी ने क्यों तलब किया है?
ईडी ने पश्चिम बंगाल के पूर्व पर्यटन मंत्री इंद्रनील सेन को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ के लिए कोलकाता के साल्टलेक कार्यालय में बुलाया है। यह समन मंगलवार को उनके घर और अन्य 10 ठिकानों पर 16 घंटे से अधिक की छापेमारी के बाद आया है।
दुर्गा पूजा UNESCO पास घोटाला क्या है?
आरोप है कि 'मास आर्ट' नामक संस्था ने खुद को UNESCO का आधिकारिक भागीदार बताते हुए कोलकाता के 24 दुर्गा पूजा 'प्रीव्यू शो' के लिए ₹1,749 से ₹5,499 तक की कीमत पर नकली पास बेचे। ईडी के अनुसार इसमें कथित तौर पर ₹60 करोड़ की धांधली हुई और अब तक यह साबित नहीं हो सका कि UNESCO ने उन पंडालों को वास्तव में चुना था।
इस मामले में मधुछंदा सेन की क्या भूमिका बताई जा रही है?
इंद्रनील सेन की पत्नी मधुछंदा सेन कथित तौर पर 'मास आर्ट' संस्था से गहराई से जुड़ी हुई थीं और जाँच में उनकी भूमिका भी जाँच के दायरे में है। ईडी की टीम ने उनके कस्बा स्थित आवास पर भी छापेमारी की।
इस घोटाले की जाँच कब और कैसे शुरू हुई?
ईडी ने इस मामले की जाँच जून में बो बाजार पुलिस थाने में धोखाधड़ी के शिकार जॉयदीप मुखर्जी की शिकायत के आधार पर शुरू की थी। प्रारंभिक जाँच में पाया गया कि 2022 से 2024 के बीच पंजीकृत लोगों की संख्या 19,000 से बढ़कर 61,000 हो गई।
इंद्रनील सेन ने आरोपों पर क्या कहा है?
इंद्रनील सेन ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को शुरू से ही नकारा है। उन्होंने कहा है कि खुद और उनके परिवार के सदस्यों को परेशान किए जाने के खिलाफ वे कानूनी कार्रवाई करेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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