इंद्रनील सेन केस: कोलकाता पुलिस SIT में 4 नए अधिकारी जुड़े, जांच का दायरा बढ़ा
सारांश
मुख्य बातें
कोलकाता पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) में 4 नवंबर 2026 को चार और अधिकारियों को शामिल किया गया है, जो पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन से जुड़े फर्जी दुर्गा पूजा पास घोटाले की जांच कर रही है। इस घोटाले का संबंध यूनेस्को-मान्यता प्राप्त दुर्गा पूजा उत्सव टूर से जुड़े करोड़ों रुपये के कथित फर्जीवाड़े से है। SIT की सदस्य संख्या अब पाँच से बढ़कर 9 हो गई है।
SIT का विस्तार क्यों किया गया
पुलिस सूत्रों के अनुसार, नए शामिल किए गए चारों अधिकारी वित्तीय फर्जीवाड़े और धोखाधड़ी से जुड़े मामलों की जांच में विशेषज्ञ हैं। गौरतलब है कि जांच अधिकारियों को मूल दुर्गा पूजा पास मामले के अलावा, राज्य के पर्यटन विभाग और सूचना एवं सांस्कृतिक मामलों के विभाग में टेंडर से जुड़ी कथित अनियमितताओं में भी इंद्रनील सेन की संलिप्तता के सुराग मिले हैं। इन नए पहलुओं ने जांच का दायरा काफी विस्तृत कर दिया है।
इंद्रनील सेन से पूछताछ और गिरफ्तारी का पृष्ठभूमि
गायक से राजनेता बने इंद्रनील सेन को कोलकाता पुलिस ने पिछले सप्ताह तब गिरफ्तार किया था, जब वे ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) के साल्ट लेक कार्यालय से बाहर निकल रहे थे। पुलिस हिरासत में उनसे जांच अधिकारी प्रतिदिन कई घंटों तक पूछताछ कर रहे हैं। SIT उन दोनों सरकारी विभागों के संपर्क में है ताकि आवश्यक दस्तावेज़ प्राप्त किए जा सकें।
मधुछंदा सेन और 'मास आर्ट' संस्था की भूमिका
इस मामले में नौ अन्य लोगों से भी SIT पूछताछ कर चुकी है। इनमें सबसे महत्वपूर्ण नाम इंद्रनील सेन की पत्नी मधुछंदा सेन का है, जो 'मास आर्ट' नामक संस्था की मालकिन बताई जाती हैं। आरोप है कि इसी संस्था के माध्यम से कथित तौर पर फर्जी दुर्गा पूजा पास बेचे गए थे। हालांकि अदालत में इन आरोपों की पुष्टि अभी बाकी है।
10 नवंबर की अदालती पेशी और आगे की कार्रवाई
इंद्रनील सेन को 10 नवंबर 2026 को कोलकाता की एक निचली अदालत में पेश किया जाना है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांच अधिकारी इस तारीख से पहले अधिकतम साक्ष्य जुटाने में लगे हैं, ताकि पूर्व मंत्री को जमानत मिलने से रोका जा सके। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ दल से जुड़े कई भ्रष्टाचार के मामले एक साथ सुर्खियों में हैं।