3 नवंबर 2026
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दुर्गा पूजा पास स्कैम: पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन की पत्नी-बेटी से कोलकाता पुलिस करेगी दूसरे दौर की पूछताछ

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दुर्गा पूजा पास स्कैम: पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन की पत्नी-बेटी से कोलकाता पुलिस करेगी दूसरे दौर की पूछताछ

सारांश

कोलकाता पुलिस के लिए असली पहेली यह है — 'मास आर्ट' का असली मालिक कौन था? पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन और उनकी पत्नी के परस्पर विरोधी बयानों ने जांच को नई दिशा दे दी है। दूसरे दौर की पूछताछ तय मानी जा रही है।

मुख्य बातें

कोलकाता पुलिस पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन की पत्नी मधुछंदा सेन और बेटी अवेरी सेन को दूसरे दौर की पूछताछ के लिए बुला सकती है।
मधुछंदा सेन और इंद्रनील सेन ने कंपनी 'मास आर्ट' में अपनी भूमिकाओं को लेकर परस्पर विरोधी बयान दिए हैं।
अवेरी सेन 2 नवंबर 2026 को हुई पूछताछ में 'आईस्केप' और 'मायरा' संस्थाओं के वित्तीय लेन-देन का संतोषजनक जवाब नहीं दे पाईं।
दोनों ने जांच में धुरभोज्योति बसु को 'मास आर्ट' की परिचालन गतिविधियों का जिम्मेदार बताया।
इंद्रनील सेन पुलिस हिरासत में हैं और 10 नवंबर 2026 को अदालत में पेश होंगे।
कोलकाता पुलिस और प्रवर्तन निदेशालय (ED) इस मामले की समानांतर जांच कर रहे हैं।

कोलकाता पुलिस नकली दुर्गा पूजा पास स्कैम मामले में पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन की पत्नी मधुछंदा सेन और बेटी अवेरी सेन को दूसरे दौर की पूछताछ के लिए बुला सकती है। जांच अधिकारियों के अनुसार, 3 नवंबर 2026 तक मिली जानकारी के आधार पर दोनों के पहले दिए गए बयान कई अहम सवालों के संतोषजनक जवाब देने में नाकाम रहे हैं। यह मामला यूनेस्को-मान्यता प्राप्त दुर्गा पूजा उत्सव से जुड़े कथित फेस्टिवल टूर के लिए नकली पास बेचने से जुड़े करोड़ों रुपये के घोटाले से संबंधित है।

परस्पर विरोधी बयान बने जांच की बाधा

पुलिस सूत्रों के अनुसार, इंद्रनील सेन और उनकी पत्नी मधुछंदा सेन ने कंपनी 'मास आर्ट' में अपनी-अपनी भूमिकाओं को लेकर बिल्कुल उलटे बयान दिए हैं। पूर्व मंत्री ने दावा किया कि 'मास आर्ट' के रोज़मर्रा के कामकाज में उनकी कोई भूमिका नहीं थी, जबकि उनकी पत्नी ने स्वीकार किया कि कंपनी आधिकारिक रूप से उनके नाम पर पंजीकृत थी, लेकिन समस्त बड़े निर्णय उनके पति ही लेते थे।

सूत्र ने बताया, 'मास आर्ट' वही कंपनी है जिसके ज़रिए कथित तौर पर नकली पास बेचे गए थे। दोनों के बयानों में सीधा विरोधाभास होने के कारण जांचकर्ताओं को मधुछंदा सेन से पुनः पूछताछ आवश्यक लग रही है।

धुरभोज्योति बसु का नाम दोनों ने लिया

पुलिस सूत्रों के अनुसार, इंद्रनील सेन और उनकी पत्नी दोनों ने जांच के दौरान एक ही व्यक्ति — धुरभोज्योति बसु — का नाम लगातार लिया है, जिसे 'मास आर्ट' की परिचालन गतिविधियों का ज़िम्मेदार बताया गया है। जांचकर्ता अब इस कंपनी के वास्तविक नियंत्रण को लेकर और स्पष्टता चाहते हैं — कि निर्णय-शक्ति किसके पास थी।

गौरतलब है कि यह ऐसे मामलों में एक आम रणनीति मानी जाती है, जहाँ कंपनी एक व्यक्ति के नाम पर होती है, परंतु संचालन किसी अन्य द्वारा किया जाता है। जांच एजेंसियाँ इसी कड़ी को सुलझाने में लगी हैं।

अवेरी सेन और वित्तीय लेन-देन का मामला

2 नवंबर 2026 को लालबाजार स्थित कोलकाता पुलिस मुख्यालय में हुई अपनी पहली पूछताछ के दौरान अवेरी सेन कथित तौर पर दो अन्य संस्थाओं — 'आईस्केप' और 'मायरा' — से जुड़े वित्तीय लेन-देन के बारे में संतोषजनक जवाब नहीं दे पाईं। जांच में इन दोनों संस्थाओं के बैंक खातों में बार-बार धनराशि के हस्तांतरण का पता चला है।

पुलिस सूत्र के अनुसार, इन दोनों संस्थाओं को कथित तौर पर अवेरी सेन ही नियंत्रित करती थीं। जांचकर्ता अब उनसे इन वित्तीय लेन-देन और संस्थाओं की भूमिका के बारे में विस्तृत जानकारी माँगने की तैयारी में हैं।

इंद्रनील सेन की राजनीतिक पृष्ठभूमि और मौजूदा स्थिति

गायक से नेता बने इंद्रनील सेन पश्चिम बंगाल सरकार में पर्यटन मंत्री और सूचना व सांस्कृतिक मामलों के राज्य मंत्री रह चुके हैं। फिलहाल वे पुलिस हिरासत में हैं और 10 नवंबर 2026 को शहर की एक अदालत में पुनः पेश किए जाने हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब कोलकाता पुलिस और प्रवर्तन निदेशालय (ED) इस मामले की समानांतर जांच कर रहे हैं। दोनों एजेंसियाँ 'मास आर्ट' से जुड़े वित्तीय लेन-देन और कथित भूमिकाओं की अलग-अलग परतें खंगाल रही हैं।

क्या होगा आगे

जांच अभी अपने निर्णायक दौर में है। मधुछंदा सेन और अवेरी सेन को दूसरे दौर की पूछताछ के लिए समन जारी होने की संभावना है। जांचकर्ताओं का लक्ष्य 'मास आर्ट', 'आईस्केप' और 'मायरा' के बीच धन प्रवाह की पूरी श्रृंखला स्थापित करना है। 10 नवंबर को अदालत में इंद्रनील सेन की अगली पेशी से इस मामले की दिशा और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह है कि पति-पत्नी के बयान खुद एक-दूसरे को काटते हैं — यह जांच एजेंसियों के लिए असामान्य रूप से सुलभ सुराग है। 'मास आर्ट', 'आईस्केप' और 'मायरा' — तीन संस्थाओं का जाल बताता है कि यह कोई व्यक्तिगत लापरवाही नहीं, बल्कि संरचित वित्तीय नेटवर्क की संभावना है। ED की समानांतर जांच यह संकेत देती है कि मामला केवल नकली पास तक सीमित नहीं रहेगा — मनी ट्रेल कहाँ जाती है, यही असली सवाल है।
RashtraPress
3 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दुर्गा पूजा पास स्कैम क्या है?
यह यूनेस्को-मान्यता प्राप्त दुर्गा पूजा उत्सव से जुड़े फेस्टिवल टूर के लिए कथित तौर पर नकली पास बेचने से जुड़ा करोड़ों रुपये का घोटाला है। कोलकाता पुलिस और प्रवर्तन निदेशालय (ED) इस मामले की समानांतर जांच कर रहे हैं।
इंद्रनील सेन कौन हैं और उन पर क्या आरोप हैं?
इंद्रनील सेन पश्चिम बंगाल के पूर्व पर्यटन मंत्री और सूचना एवं सांस्कृतिक मामलों के राज्य मंत्री रह चुके हैं। उन पर आरोप है कि उनकी पत्नी के नाम पर पंजीकृत कंपनी 'मास आर्ट' के ज़रिए नकली दुर्गा पूजा पास बेचे गए। वे अभी पुलिस हिरासत में हैं।
मधुछंदा सेन और अवेरी सेन से दोबारा पूछताछ क्यों होगी?
मधुछंदा सेन के बयान पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन के बयान से सीधे विरोधाभासी हैं — दोनों 'मास आर्ट' में अपनी भूमिकाएँ एक-दूसरे पर डाल रहे हैं। अवेरी सेन 'आईस्केप' और 'मायरा' संस्थाओं के बैंक खातों में हुए बार-बार के वित्तीय लेन-देन का स्पष्टीकरण नहीं दे पाईं।
'मास आर्ट', 'आईस्केप' और 'मायरा' इस मामले से कैसे जुड़े हैं?
'मास आर्ट' वह कंपनी है जिसके ज़रिए कथित तौर पर नकली पास बेचे गए और यह मधुछंदा सेन के नाम पर पंजीकृत है। 'आईस्केप' और 'मायरा' दो अन्य संस्थाएँ हैं जिन्हें कथित तौर पर अवेरी सेन नियंत्रित करती थीं। जांच में इन तीनों के बीच धन हस्तांतरण की श्रृंखला की पड़ताल हो रही है।
इंद्रनील सेन की अदालत में अगली पेशी कब है?
इंद्रनील सेन को 10 नवंबर 2026 को कोलकाता की एक अदालत में पुनः पेश किया जाना है। उनकी पुलिस हिरासत की अवधि उसी सुनवाई में निर्धारित होगी।
राष्ट्र प्रेस
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