3 नवंबर 2026
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भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट: PM मोदी पहुंचे 'टीम यूरोप' पवेलियन, EU राजदूत ने किया स्वागत

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भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट: PM मोदी पहुंचे 'टीम यूरोप' पवेलियन, EU राजदूत ने किया स्वागत

सारांश

PM मोदी का 'टीम यूरोप' पवेलियन दौरा महज़ शिष्टाचार नहीं था — यह भारत-EU स्वच्छ ऊर्जा साझेदारी को सर्वोच्च राजनीतिक समर्थन का संकेत था। भारत मंडपम में आयोजित रिन्यूएबल एनर्जी समिट ने 2016 से चली आ रही इस साझेदारी को नई ऊर्जा दी है।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी ने 3 नवंबर 2026 को भारत मंडपम, नई दिल्ली में भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट का उद्घाटन किया।
मोदी ने 'टीम यूरोप' पवेलियन का दौरा किया; EU राजदूत जीन-एरिक पाक्वेट ने इसे 'सम्मान की बात' बताया।
पाक्वेट ने एक्स पर पोस्ट कर भारत-EU स्वच्छ ऊर्जा एवं जलवायु साझेदारी की प्रशंसा की।
भारत-EU स्वच्छ ऊर्जा साझेदारी की शुरुआत 2016 में हुई थी; इसमें हरित हाइड्रोजन, स्मार्ट ग्रिड और नवीकरणीय ऊर्जा तकनीक शामिल हैं।
समिट 2 से 5 नवंबर 2026 तक चलेगा, जिसमें अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि, निवेशक और तकनीकी विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 3 नवंबर 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट का विधिवत उद्घाटन किया और 'टीम यूरोप' पवेलियन का दौरा किया। यूरोपीय संघ (EU) के राजदूत जीन-एरिक पाक्वेट ने प्रधानमंत्री की उपस्थिति को 'सम्मान की बात' बताते हुए भारत-EU स्वच्छ ऊर्जा एवं जलवायु साझेदारी की सराहना की। दोनों पक्षों ने नवीकरणीय ऊर्जा में नवाचार और नई तकनीकों को बढ़ावा देने पर बल दिया।

समिट का स्वरूप और उद्देश्य

भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट एंड एक्सपो का आयोजन 2 से 5 नवंबर 2026 तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में किया जा रहा है। इस आयोजन में दुनिया के विभिन्न देशों के प्रतिनिधि, ऊर्जा क्षेत्र की कंपनियाँ, निवेशक और तकनीकी विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं। समिट का मुख्य उद्देश्य नवीकरणीय ऊर्जा में निवेश, तकनीकी नवाचार और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को नई गति देना है।

EU राजदूत की प्रतिक्रिया

राजदूत जीन-एरिक पाक्वेट ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर तस्वीरें और एक क्लिप साझा करते हुए लिखा, 'भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट के साथ साझेदारी करना खुशी की बात है।' उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के उस विचार का भी उल्लेख किया जिसमें नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में नवाचार और साहसिक सोच की आवश्यकता पर जोर दिया गया था। पाक्वेट ने कहा, 'भारत और यूरोपीय संघ की स्वच्छ ऊर्जा एवं जलवायु साझेदारी इसी दिशा में काम कर रही है। प्रधानमंत्री मोदी का टीम यूरोप पवेलियन पहुँचना हमारे लिए सम्मान की बात रही।'

भारत-EU साझेदारी की पृष्ठभूमि

भारत और यूरोपीय संघ के बीच स्वच्छ ऊर्जा एवं जलवायु साझेदारी की नींव वर्ष 2016 में रखी गई थी। इस ढाँचे के अंतर्गत नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा दक्षता, स्मार्ट ग्रिड, हरित हाइड्रोजन और स्वच्छ ऊर्जा तकनीकों जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग जारी है। गौरतलब है कि यह साझेदारी ऐसे समय में और अधिक प्रासंगिक हो गई है जब भारत अपनी बढ़ती ऊर्जा माँग को पूरा करते हुए स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों की हिस्सेदारी बढ़ाने के अपने लक्ष्यों पर तेज़ी से काम कर रहा है।

रणनीतिक महत्व

यूरोपीय संघ के लिए भारत नवीकरणीय ऊर्जा के एक बड़े बाज़ार और स्वच्छ ऊर्जा तकनीक में सहयोग के एक अहम साझेदार के रूप में उभरा है। विशेषज्ञों के अनुसार, दोनों पक्षों का यह सहयोग निवेश, तकनीकी आदान-प्रदान और जलवायु लक्ष्यों की दिशा में काम आने वाले प्रयासों को नई रफ़्तार दे सकता है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर ऊर्जा परिवर्तन की प्रक्रिया तेज़ हो रही है और भारत इसमें एक केंद्रीय भूमिका निभाने की स्थिति में है।

आगे की राह

समिट के दौरान होने वाली चर्चाएँ और समझौते भारत-EU संबंधों में स्वच्छ ऊर्जा सहयोग को एक ठोस रूप दे सकते हैं। समिट 5 नवंबर 2026 तक जारी रहेगा, जिसमें आने वाले दिनों में और अधिक द्विपक्षीय बैठकों और घोषणाओं की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और यूरोप के लिए भारत का विशाल बाज़ार — यह रिश्ता पारस्परिक रूप से महत्वपूर्ण है, लेकिन इसे मूर्त रूप देने के लिए उच्चस्तरीय प्रतीकात्मकता से आगे जाकर क्रियान्वयन पर ध्यान देना होगा।
RashtraPress
3 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट 2026 क्या है?
यह नई दिल्ली के भारत मंडपम में 2 से 5 नवंबर 2026 तक आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन है, जिसका उद्देश्य नवीकरणीय ऊर्जा में निवेश, तकनीकी नवाचार और वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देना है। इसमें दुनिया भर के प्रतिनिधि, ऊर्जा कंपनियाँ और विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं।
PM मोदी ने 'टीम यूरोप' पवेलियन का दौरा क्यों किया?
यह दौरा भारत-EU स्वच्छ ऊर्जा एवं जलवायु साझेदारी को उच्चतम राजनीतिक समर्थन देने का प्रतीक था। EU राजदूत जीन-एरिक पाक्वेट ने इसे दोनों पक्षों के बीच गहरे सहयोग की प्रतिबद्धता का संकेत बताया।
भारत-EU स्वच्छ ऊर्जा साझेदारी में क्या-क्या शामिल है?
वर्ष 2016 में शुरू हुई इस साझेदारी में नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा दक्षता, स्मार्ट ग्रिड, हरित हाइड्रोजन और स्वच्छ ऊर्जा तकनीकों पर सहयोग शामिल है। यह ढाँचा दोनों पक्षों के जलवायु लक्ष्यों को हासिल करने में सहायक है।
EU राजदूत जीन-एरिक पाक्वेट ने समिट पर क्या कहा?
पाक्वेट ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि 'भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट के साथ साझेदारी करना खुशी की बात है' और PM मोदी का टीम यूरोप पवेलियन आना उनके लिए 'सम्मान की बात' रही। उन्होंने भारत-EU स्वच्छ ऊर्जा साझेदारी के कार्यों की भी सराहना की।
यह समिट भारत के ऊर्जा लक्ष्यों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
भारत अपनी बढ़ती ऊर्जा माँग को पूरा करते हुए स्वच्छ और टिकाऊ ऊर्जा स्रोतों की हिस्सेदारी बढ़ाने पर काम कर रहा है। यूरोपीय संघ की तकनीक और निवेश इस दिशा में भारत के प्रयासों को गति दे सकते हैं, जिससे यह साझेदारी रणनीतिक रूप से अहम है।
राष्ट्र प्रेस
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