पीयूष गोयल: जलवायु लक्ष्यों में भारत G20 के शीर्ष तीन देशों में, 2030 तक 500 GW स्वच्छ ऊर्जा का लक्ष्य
सारांश
Key Takeaways
वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार, 29 अप्रैल को नई दिल्ली में कहा कि जलवायु परिवर्तन के विरुद्ध कार्रवाई में भारत विश्व स्तर पर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले देशों में शामिल है और देश ने नवीकरणीय ऊर्जा का अपना लक्ष्य निर्धारित समय से आठ साल पहले ही हासिल कर लिया है। उन्होंने यह भी बताया कि भारत अब 2030 तक 500 गीगावाट स्वच्छ ऊर्जा क्षमता अर्जित करने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य की दिशा में अग्रसर है।
मुख्य घटनाक्रम
गोयल 'जलवायु परिवर्तन के साथ लचीलेपन को बढ़ावा देना' विषय पर आयोजित राष्ट्रीय संवाद में मुख्य भाषण दे रहे थे। उन्होंने भारत के राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान (INDC) की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत लगातार G20 देशों में शीर्ष तीन देशों में बना हुआ है।
उन्होंने बताया कि पहले 9-10 वर्षों में केवल 20 गीगावाट सौर ऊर्जा क्षमता विकसित करने की योजना थी, किंतु 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद इस लक्ष्य को बढ़ाकर 100 गीगावाट कर दिया गया और यह लक्ष्य समय पर प्राप्त कर लिया गया।
पेरिस COP 21 में भारत की भूमिका
गोयल ने पेरिस COP 21 में भारत के नेतृत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने विकसित, विकासशील और अल्पविकसित देशों को एक मंच पर लाकर सर्वसम्मति से ऐसा निष्कर्ष निकाला जिसने सभी देशों को अपने जलवायु लक्ष्य स्वयं निर्धारित करने की स्वतंत्रता दी। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में भारत की छवि एक नकारात्मक सोच वाले देश से बदलकर वैश्विक नेता के रूप में स्थापित हुई।
वैश्विक व्यापार साझेदारी का विस्तार
भारत की बढ़ती वैश्विक आर्थिक भागीदारी का उल्लेख करते हुए गोयल ने बताया कि पेरू, चिली, कनाडा, कतर, बहरीन, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, ब्राजील, रूस, यूरेशिया क्षेत्र और इज़राइल सहित 12 से अधिक देशों और क्षेत्रों के साथ व्यापार एवं आर्थिक साझेदारी पर सक्रिय बातचीत जारी है।
जलवायु कार्रवाई: मजबूरी नहीं, अवसर
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पिछले एक दशक में भारत में जलवायु कार्रवाई को मजबूरी की बजाय आर्थिक रूप से व्यवहार्य प्रस्ताव के रूप में देखा जाने लगा है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि विकसित देशों द्वारा फंडिंग और प्रौद्योगिकी संबंधी प्रतिबद्धताएँ पूरी न होने के बावजूद भारत ने सराहनीय प्रदर्शन किया है।
गोयल के अनुसार, नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र की अग्रणी कंपनियाँ रोज़गार सृजन, आर्थिक गतिविधियों और पूंजीगत वस्तुओं, बिजली, प्रौद्योगिकी तथा सेवाओं के निर्यात में भविष्य की क्षमता विकसित कर रही हैं। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर हरित ऊर्जा संक्रमण की गति तेज़ हो रही है और भारत इस दौड़ में अपनी स्थिति मज़बूत करना चाहता है।