अमोल मजूमदार का खुलासा: इंग्लैंड से हार के बाद ड्रेसिंग रूम में लिया था बड़ा फैसला, जीता वनडे विश्व कप 2025
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय महिला क्रिकेट टीम के हेड कोच अमोल मजूमदार ने खुलासा किया है कि आईसीसी महिला वनडे विश्व कप 2025 के ग्रुप स्टेज में इंग्लैंड के हाथों मिली हार के बाद उन्होंने ड्रेसिंग रूम में सीधा हस्तक्षेप करने का अहम फैसला किया था। यह टूर्नामेंट में भारत की तीसरी हार थी और मजूमदार का मानना था कि बिना तत्काल कदम उठाए टीम की दिशा नहीं बदली जा सकती थी। अंततः भारतीय महिला टीम ने दक्षिण अफ्रीका को फाइनल में हराकर यह ऐतिहासिक खिताब अपने नाम किया।
मैच खत्म न कर पाने की पीड़ा
मजूमदार के अनुसार, इंग्लैंड के खिलाफ ग्रुप स्टेज मुकाबला वह था जिसे भारत को बड़े अंतर से जीतना था, लेकिन टीम मैच फिनिश नहीं कर सकी। उन्होंने कहा, 'इंग्लैंड के खिलाफ ग्रुप स्टेज का मैच, जिसे हमें अच्छे मार्जिन से जीतना था, हम खत्म नहीं कर पाए और हार गए। यह वर्ल्ड कप में हमारी तीसरी हार थी। मैं इससे खुश नहीं था, न ही खिलाड़ी।'
कोच ने स्वीकार किया कि वह इस स्थिति से निराश थे और उन्हें महसूस हुआ कि एक और रूटीन बैठक से कोई खास फर्क नहीं पड़ने वाला। यह ऐसे समय में आया जब टूर्नामेंट का भारत का सफर दबाव में था।
सपोर्ट स्टाफ की आपत्ति के बावजूद लिया फैसला
मजूमदार ने बताया कि जब उन्होंने ड्रेसिंग रूम में सीधे खिलाड़ियों से बात करने का इरादा जताया, तो उनके सपोर्ट स्टाफ ने उन्हें रोकने की कोशिश की। उन्होंने कहा, 'मेरे सपोर्ट स्टाफ ने कहा, 'अभी नहीं, अमोल।' लेकिन मैंने कुछ और ही तय किया। मैंने कहा, 'नहीं, अगर अभी नहीं, तो कभी नहीं।' मैंने दखल दिया।'
उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने ड्रेसिंग रूम की खिड़कियाँ बंद करवाईं ताकि बातचीत पूरी तरह आंतरिक रहे। 'मैंने बस वही कहा जो मैंने अपने दिल से महसूस किया। टीम की तरफ से यह बहुत अच्छा था कि उन्होंने इसे सकारात्मक तरीके से लिया क्योंकि यह टीम की बेहतरी के लिए था।'
प्रतिभा और प्रदर्शन के बीच की खाई
मजूमदार के अनुसार उनका हस्तक्षेप इसलिए जरूरी था क्योंकि टीम में मौजूद व्यक्तिगत प्रतिभा और मैदान पर दिख रहे प्रदर्शन के बीच बड़ा अंतर था। उन्होंने कहा, 'हर कोई जानता है कि ये खिलाड़ी कितने टैलेंटेड हैं। मैं लकी था कि मुझे बहुत टैलेंटेड खिलाड़ियों को संभालने का मौका मिला।'
उन्होंने जोड़ा, 'जब तक आप मैदान पर वह टैलेंट नहीं दिखाते, तब तक उसका कोई नतीजा नहीं निकलने वाला था। आप ड्रेसिंग रूम में, मीटिंग में, ड्राइंग रूम में या होटलों में बोल सकते हैं, लेकिन जब तक आप इसे मैदान पर नहीं दिखाते, तब तक इसका कोई मतलब नहीं होता।' गौरतलब है कि यह संदेश न केवल रणनीतिक था, बल्कि मनोवैज्ञानिक भी था।
ऐतिहासिक खिताब से हुआ सफर पूरा
उस निराशाजनक हार के बाद जो बदलाव आया, उसका नतीजा सुनहरा रहा। भारतीय महिला टीम ने वनडे विश्व कप 2025 के फाइनल में दक्षिण अफ्रीका को हराकर खिताब जीता — और यह भारतीय महिला क्रिकेट का पहला आईसीसी खिताब था। मजूमदार का वह ड्रेसिंग रूम हस्तक्षेप इस ऐतिहासिक जीत की नींव का एक अहम हिस्सा बन गया।
यह जीत भारतीय महिला क्रिकेट के लिए एक नया अध्याय है और आने वाले टूर्नामेंट्स में इस टीम से और भी बड़ी उपलब्धियों की उम्मीद रखी जाएगी।