टनल बोरिंग मशीन पर चीन की रोक तो भारत खुद बनाएगा TBM: पीयूष गोयल का स्पष्ट संदेश
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को स्पष्ट किया कि यदि चीन भारत को टनल बोरिंग मशीन (TBM) की आपूर्ति बंद कर देता है, तो भारत इस तकनीक को स्वदेश में ही विकसित करेगा। उन्होंने कहा कि भारत अपने रणनीतिक हितों की रक्षा के लिए किसी भी बाहरी दबाव के सामने नहीं झुकेगा।
मंत्री का कड़ा संदेश
नई दिल्ली स्थित दिल्ली विश्वविद्यालय के किरोड़ीमल कॉलेज में आयोजित यंग लीडर्स डिस्कोर्स फोरम को संबोधित करते हुए गोयल ने कहा, "अगर वे हमें टनल बोरिंग मशीन नहीं देंगे, तो हम उसे भारत में ही विकसित कर लेंगे। भारत ऐसा देश नहीं है जो दबाव में झुक जाए।" उन्होंने यह भी जोड़ा कि भारत किसी महत्वपूर्ण तकनीक तक पहुँच के लिए दूसरे देशों से रियायतें माँगने या अपने हितों से समझौता करने वाला देश नहीं है।
TBM और भारत की बुनियादी ढाँचा जरूरतें
टनल बोरिंग मशीनें भारत की महत्वाकांक्षी बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं — जिनमें मेट्रो नेटवर्क, रेलवे सुरंगें और हाइड्रोपावर परियोजनाएँ शामिल हैं — के लिए अत्यंत आवश्यक उपकरण हैं। भारत अब तक इन भारी भरकम मशीनों की आपूर्ति के लिए काफी हद तक चीनी निर्माताओं पर निर्भर रहा है। गोयल की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब भारत चीन संबंध और आर्थिक निर्भरता को लेकर नई बहस चल रही है।
गोयल ने कहा, "भारत की प्रगति की यात्रा में चाहे जितनी भी दीवारें खड़ी की जाएं, हम हर बेड़ी को तोड़ सकते हैं।" यह बयान 'आत्मनिर्भर भारत' के उस व्यापक एजेंडे से मेल खाता है जिसके तहत सरकार घरेलू विनिर्माण क्षमता को प्राथमिकता दे रही है।
युवाओं और राष्ट्र निर्माण पर संवाद
मंत्री ने फोरम में उपस्थित छात्रों के साथ देश के आर्थिक विकास, उभरते अवसरों और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि भारत की विकास गाथा में युवा पीढ़ी का नवाचार, कौशल और संकल्प निर्णायक भूमिका निभाएगा। गोयल ने छात्रों की जिज्ञासा और देश के भविष्य के प्रति उनके उत्साह की सराहना की।
शिक्षकों की हड़ताल पर चिंता
गोयल ने कार्यक्रम के दौरान कॉलेजों में चल रही शिक्षकों की हड़ताल का भी उल्लेख किया और उम्मीद जताई कि यह विवाद शीघ्र सुलझेगा ताकि छात्र बिना किसी व्यवधान के अपनी पढ़ाई जारी रख सकें। उन्होंने अपने मुंबई के छात्र जीवन को याद करते हुए बताया कि बारिश और जलभराव के कारण स्कूल कॉलेज बंद होने की संभावना विद्यार्थियों में अलग ही उत्साह भर देती थी।
आगे की राह
गोयल के इस बयान से संकेत मिलता है कि सरकार रणनीतिक बुनियादी ढाँचा तकनीकों में आत्मनिर्भरता को और तेज़ी से आगे बढ़ाना चाहती है। TBM विनिर्माण क्षमता को घरेलू स्तर पर विकसित करना अल्पकालिक नहीं, बल्कि दीर्घकालिक नीतिगत प्रतिबद्धता की माँग करेगा — और अब मंत्री के सार्वजनिक वक्तव्य के बाद इस दिशा में ठोस कदमों की प्रतीक्षा रहेगी।