कर्नाटक BJP अध्यक्ष विजयेंद्र का दावा: स्टिंग ऑपरेशन ने कांग्रेस की अंदरूनी जंग उजागर की
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दारमैया को केंद्र में रखकर किए गए कथित स्टिंग ऑपरेशन ने कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस के भीतर चल रही सत्ता की अंदरूनी लड़ाई को सार्वजनिक कर दिया है। कोलार में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए विजयेंद्र ने राज्य सरकार से माँग की कि वह स्पष्ट करे कि इस ऑपरेशन के पीछे कौन था और इससे किसके राजनीतिक हित साधे जा रहे थे।
स्टिंग ऑपरेशन पर BJP के सवाल
विजयेंद्र ने कहा कि ऐसी रिपोर्टें सामने आई हैं कि पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने इन घटनाक्रमों पर असंतोष जताया है और उनके पुत्र ने भी इस मुद्दे पर बयान दिए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस संबंध में कई गंभीर सवाल उठाए हैं।
विजयेंद्र ने स्पष्ट किया कि राजनीतिक कारणों से कुमारस्वामी को निशाना बनाने की बजाय राज्य के गृह मंत्री और कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेताओं को यह बताना चाहिए कि स्टिंग ऑपरेशन का असली मकसद क्या था, इसे किसने अंजाम दिया और इसमें किसका हित निहित था।
'लोकतंत्र बचाओ' अभियान की शुरुआत
विजयेंद्र की यह प्रेस कॉन्फ्रेंस BJP के राष्ट्रव्यापी जन-जागरूकता अभियान 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' की पदयात्रा शुरू होने से ठीक पहले हुई। इस पदयात्रा में BJP के राष्ट्रीय महासचिव एवं कर्नाटक प्रभारी हरीश द्विवेदी, पूर्व मुख्यमंत्री एवं BJP संसदीय बोर्ड सदस्य बी.एस. येदियुरप्पा, विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक और विधान परिषद में विपक्ष के नेता चलावादी नारायणस्वामी सहित पार्टी के वरिष्ठ नेता शामिल होने वाले थे।
विजयेंद्र ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा की रक्षा करना है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता — जिनमें राहुल गांधी भी शामिल हैं — लगातार संवैधानिक संस्थाओं के बारे में गलत जानकारी फैला रहे हैं क्योंकि वे कथित तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता को स्वीकार नहीं कर पा रहे।
बेरोजगारी और भर्ती अनियमितताओं के आरोप
विजयेंद्र ने मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाया कि राज्य के सरकारी विभागों में लगभग 2.5 लाख पद रिक्त होने के बावजूद बेरोजगार युवाओं की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कहा कि कर्नाटक लोक सेवा आयोग की भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर राज्यभर के युवा सरकार के विरुद्ध विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार कर्नाटक उच्च न्यायालय के समक्ष आरक्षण के मुद्दे का प्रभावी ढंग से बचाव करने में विफल रही है। गौरतलब है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और भर्ती के इंतजार में कई साल बिता चुके युवाओं का भविष्य इस विवाद के कारण अनिश्चित हो गया है।
महंगाई पर कांग्रेस सरकार की आलोचना
विजयेंद्र ने दीपावली और कन्नड़ राज्योत्सव के दौरान उपभोक्ताओं पर महंगाई का बोझ बढ़ाने को लेकर भी कांग्रेस सरकार की तीखी आलोचना की। उन्होंने कहा कि दूध की कीमतों में ₹8 प्रति लीटर की वृद्धि की घोषणा की गई थी, लेकिन विभिन्न बदलावों के चलते उपभोक्ताओं पर कुल ₹12 प्रति लीटर तक का अतिरिक्त बोझ पड़ गया है।
उन्होंने बढ़ी हुई कीमत में से ₹7 दूध उत्पादकों को देने के निर्णय का स्वागत तो किया, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि किसानों को उचित और बेहतर दाम मिलने चाहिए। उनके अनुसार, किसानों को प्रोत्साहन देने का आर्थिक बोझ सरकार को स्वयं वहन करना चाहिए था, उपभोक्ताओं पर नहीं डालना चाहिए था। इसके अलावा उन्होंने बस किराए में प्रस्तावित वृद्धि और दही की बढ़ी कीमतों की भी आलोचना की।
आगे क्या होगा
विजयेंद्र ने दावा किया कि हाल के विधान परिषद चुनावों के नतीजे कांग्रेस सरकार के प्रति जनता की नाराज़गी को दर्शाते हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि आगामी हिरियूर उपचुनाव में मतदाता कांग्रेस सरकार को करारा जवाब देंगे। यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब राज्य में विपक्षी BJP अपने जन-संपर्क अभियान को तेज़ कर रही है और कांग्रेस के भीतर की कथित खींचतान को मुद्दा बनाने की कोशिश में है।