कुमारस्वामी की सिद्दारमैया से अपील: कथित स्टिंग ऑपरेशन साजिश से डरें नहीं, डटकर लड़ें
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय भारी उद्योग और इस्पात मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को बेंगलुरु में मीडिया से बातचीत के दौरान कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दारमैया से आग्रह किया कि वे राजनीतिक नेताओं और उनके परिवारों को निशाना बनाने के लिए स्टिंग ऑपरेशन के कथित दुरुपयोग के खिलाफ निडर होकर आवाज़ उठाएँ। कुमारस्वामी ने स्पष्ट किया कि यह बयान किसी राजनीतिक सहानुभूति से नहीं, बल्कि एक कथित व्यापक प्रवृत्ति के विरोध में है।
मुख्य घटनाक्रम
कुमारस्वामी ने कहा कि सार्वजनिक जीवन और शासन का लंबा अनुभव रखने वाले सिद्दारमैया को अदालत से रोक लगाने की माँग करने के बजाय मज़बूती से सामने खड़े होना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि AHINDA समुदायों के नेता ऐसे घटनाक्रमों का विरोध नहीं करेंगे तो भविष्य में उन्हें इसकी कीमत चुकानी पड़ सकती है।
उन्होंने कहा, 'आपको किसी भी परिस्थिति में इस साजिश से डरना नहीं चाहिए।' कुमारस्वामी ने उच्च स्तरीय जाँच की माँग करते हुए सिद्दारमैया से इस कथित प्रवृत्ति के खिलाफ लड़ाई का नेतृत्व करने की अपील की।
सिद्दारमैया का राजनीतिक कद और संदर्भ
कुमारस्वामी ने रेखांकित किया कि सिद्दारमैया आठ वर्षों तक कर्नाटक के मुख्यमंत्री रह चुके हैं और उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री डी. देवराज उर्स का रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया है। उन्होंने सवाल किया कि आखिर ऐसी स्थिति क्यों पैदा हुई कि इतने अनुभवी नेता को सुरक्षा के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ा।
गौरतलब है कि कुमारस्वामी ने स्वीकार किया कि वे अतीत में राजनीतिक रूप से सिद्दारमैया के विरोधी रहे हैं और विधानसभा में उनके बीच तीखी बहसें भी हुई हैं। उन्होंने कहा, 'मैं सिद्दारमैया के प्रति सहानुभूति के कारण नहीं बोल रहा हूँ। मैं उनके खिलाफ रची जा रही कथित साजिश की बात कर रहा हूँ।'
ध्यान भटकाने का आरोप
कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि जब भी राज्य सरकार या मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार से जुड़े गंभीर सवाल उठते हैं, तब राजनीतिक विरोधियों से जुड़े मामलों को प्रमुखता देकर कथित तौर पर लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश की जाती है। उन्होंने कहा कि गन्ना किसान कई समस्याओं का सामना कर रहे हैं और राज्य सूखे तथा पेयजल संकट जैसी गंभीर चुनौतियों से जूझ रहा है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि वे कांग्रेस सरकार को बर्खास्त करने या गिराने की माँग नहीं कर रहे हैं, बल्कि उनका एकमात्र उद्देश्य उस कथित गलत प्रथा को समाप्त करना है जिसमें लोगों और उनके परिवारों को निशाना बनाने के लिए स्टिंग ऑपरेशन का दुरुपयोग किया जाता है।
सर्वदलीय अपील और जवाबदेही की माँग
कुमारस्वामी ने सभी दलों के विधायकों, मंत्रियों और नेताओं से इस कथित प्रवृत्ति के खिलाफ एकजुट होकर आवाज़ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, 'अगर आज एक व्यक्ति को निशाना बनाया जाता है तो कल किसी और को भी बनाया जा सकता है।'
उन्होंने सरकार पर यह भी ज़ोर दिया कि चूँकि उसके पास विधानसभा में बहुमत है, इसलिए सरकार गिरने के डर से जाँच से बचने की कोई ज़रूरत नहीं है। कुमारस्वामी ने इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई और उन्हें जवाबदेह ठहराने की माँग की। आने वाले दिनों में यह मामला कर्नाटक की राजनीति में एक केंद्रीय मुद्दा बन सकता है।