23 अक्टूबर 2026
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कुमारस्वामी का बड़ा आरोप: सिद्दारमैया स्टिंग के पीछे कांग्रेस की आंतरिक प्रतिद्वंद्विता

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कुमारस्वामी का बड़ा आरोप: सिद्दारमैया स्टिंग के पीछे कांग्रेस की आंतरिक प्रतिद्वंद्विता

सारांश

कुमारस्वामी ने बेंगलुरु में दो-टूक आरोप लगाए — सिद्दारमैया स्टिंग कांग्रेस की घरेलू लड़ाई की उपज है, मीडिया प्रमुख को बचाया जा रहा है, और एक संदिग्ध मौत को दबाया गया। जेडी(एस) और कांग्रेस के बीच यह टकराव कर्नाटक की राजनीति को एक नए मोड़ पर ले आया है।

मुख्य बातें

केंद्रीय मंत्री एच.डी.
कुमारस्वामी ने 23 अक्टूबर 2026 को आरोप लगाया कि सिद्दारमैया स्टिंग ऑपरेशन कांग्रेस की आंतरिक राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता का नतीजा है।
उन्होंने मुख्यमंत्री डी.के.
शिवकुमार पर आरोप लगाया कि वे अहम सवालों को दरकिनार कर पार्टी हाईकमान को रिपोर्ट सौंप रहे हैं।
एक कन्नड़ मीडिया चैनल प्रमुख को कथित तौर पर राज्य सरकार के प्रभावशाली लोगों और कुछ पुलिस अधिकारियों द्वारा कानूनी कार्रवाई से बचाने के प्रयास का आरोप।
विक्की नामक युवक की संदिग्ध मौत और 2024 में एक अन्य व्यक्ति की मौत को यूडीआर के रूप में दर्ज किए जाने पर गंभीर सवाल उठाए।
कुमारस्वामी ने पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दारमैया से मिलने की पेशकश करते हुए कहा कि जेडी(एस) से उनके पुराने संबंध हैं।

केंद्रीय भारी उद्योग और इस्पात मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने 23 अक्टूबर 2026 को बेंगलुरु में आरोप लगाया कि कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दारमैया से जुड़ा स्टिंग ऑपरेशन कांग्रेस के भीतर की आपसी राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता का नतीजा है। जनता दल (सेक्युलर) — जेडी(एस) के मुख्यालय जे.पी. भवन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने उस रिपोर्ट पर भी सवाल उठाए, जो पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व को सौंपी गई थी और जिसमें जेडी(एस) पर इस विवाद का राजनीतिक दोहन करने का आरोप था।

मुख्य आरोप और सवाल

कुमारस्वामी ने कई सीधे सवाल दागे — स्टिंग ऑपरेशन किसने करवाया, इसका मास्टरमाइंड कौन था, और कथित तौर पर वह कौन सी महिला कांग्रेस नेता थी जिसने एक कन्नड़ मीडिया प्रमुख की वीडियो रिकॉर्डिंग में सहायता की थी। उनका दावा है कि इन लोगों की पहचान पहले ही उजागर हो चुकी है।

उन्होंने मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार पर निशाना साधते हुए पूछा कि इन अहम मुद्दों पर चर्चा किए बिना उन्होंने पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व को रिपोर्ट कैसे सौंप दी। कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि मौजूदा मुख्यमंत्री भी इस नेटवर्क का हिस्सा हैं। उन्होंने एक कन्नड़ मुहावरे का हवाला देते हुए कटाक्ष किया कि यह ठीक वैसा ही है जैसे कोई अपनी ही हथेली के घाव को देखने के लिए आईना तलाशे।

मीडिया प्रमुख और कानूनी संरक्षण के आरोप

कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार के कुछ प्रभावशाली लोग एक कन्नड़ मीडिया चैनल के प्रमुख — जिन्हें उन्होंने इस स्टिंग ऑपरेशन का मास्टरमाइंड बताया — को कानूनी कार्रवाई से बचाने की कोशिश में हैं। उनका आरोप है कि इस व्यक्ति को सुविधाजनक ढंग से जमानत दिलाने की कवायद जारी है और कुछ पुलिस अधिकारी पर्दे के पीछे से इसमें सहयोग कर रहे हैं।

उन्होंने दावा किया कि अतीत में भी इस मीडिया प्रमुख को कई मामलों में बचाया जा चुका है। कुमारस्वामी ने यह भी जोड़ा कि कथित तौर पर आरोपी मुख्यमंत्री के करीबी और भरोसेमंद सहयोगी रहे हैं।

संदिग्ध मौत का मामला

केंद्रीय मंत्री ने विक्की नामक एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का जिक्र किया, जो कथित तौर पर मीडिया से जुड़ा काम करता था और आरोपी द्वारा संचालित एक संस्था में कार्यरत था। कुमारस्वामी ने स्पष्ट किया कि यह निश्चित नहीं है कि विक्की का स्टिंग ऑपरेशन से सीधा संबंध था, लेकिन उनका कहना है कि 'हो सकता है कि उसका शोषण किया गया हो।'

उन्होंने बताया कि रिपोर्टों के मुताबिक 2024 में एक व्यक्ति की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी, जिसे 'अप्राकृतिक मौत' (यूडीआर) के रूप में दर्ज किया गया। कुमारस्वामी ने कहा कि यह दर्ज करने का तरीका शायद मामले को दबाने के लिए अपनाया गया था — हालाँकि उन्होंने यह बात 'खबरों के मुताबिक' कहकर श्रेय दिया।

शेट्टी के सहयोगियों पर खतरे की चिंता

कुमारस्वामी ने उन खबरों का भी उल्लेख किया जिनके अनुसार शेट्टी — जिन पर स्टिंग ऑपरेशन के वीडियो शूट करने का आरोप है — के साथ काम करने वाले लोग खतरे में बताए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ वीडियो अभी तक सार्वजनिक नहीं किए गए हैं, जो इस पूरे मामले में एक अनसुलझी कड़ी बने हुए हैं।

सिद्दारमैया से मिलने की पेशकश

कुमारस्वामी ने कहा कि यदि परिस्थितियाँ माँगें, तो वे पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दारमैया से मिलने को तैयार हैं। उन्होंने याद दिलाया कि सिद्दारमैया कभी जेडी(एस) के सदस्य रह चुके हैं, इसलिए उनसे बातचीत में कोई संकोच नहीं है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक की राजनीति में स्टिंग विवाद को लेकर तनाव बढ़ा हुआ है और सत्तारूढ़ कांग्रेस पर दबाव लगातार बढ़ रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन उनकी असली धार यह है कि वे जेडी(एस)-भाजपा गठबंधन की जमीन पर कर्नाटक कांग्रेस को उसी के भीतरी अंतर्विरोध से घेर रहे हैं। सिद्दारमैया और शिवकुमार के बीच की खींचतान कोई नई बात नहीं — लेकिन एक स्टिंग ऑपरेशन को इस प्रतिद्वंद्विता से जोड़ना, और साथ में एक संदिग्ध मौत का जिक्र करना, इसे महज बयानबाजी से ऊपर उठाता है। मुख्यधारा की कवरेज जो अक्सर चूक जाती है वह यह है कि अगर ये आरोप जाँच की माँग करते हैं, तो कर्नाटक की पुलिस और न्यायिक तंत्र की स्वायत्तता पर भी सवाल खड़े होते हैं — और यही असली दांव है।
RashtraPress
23 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कर्नाटक स्टिंग ऑपरेशन विवाद क्या है?
यह मामला पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दारमैया से जुड़े एक कथित स्टिंग ऑपरेशन से संबंधित है, जिसमें एक कन्नड़ मीडिया चैनल प्रमुख पर वीडियो बनाने का आरोप है। केंद्रीय मंत्री कुमारस्वामी का दावा है कि यह ऑपरेशन कांग्रेस के भीतर की आपसी राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता की देन है।
कुमारस्वामी ने मुख्यमंत्री शिवकुमार पर क्या आरोप लगाए?
कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार अहम सवालों — जैसे स्टिंग का मास्टरमाइंड कौन था और कौन सी महिला कांग्रेस नेता इसमें शामिल थी — को संबोधित किए बिना पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व को रिपोर्ट सौंप रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि शिवकुमार इस नेटवर्क का हिस्सा हैं।
कन्नड़ मीडिया प्रमुख शेट्टी पर क्या आरोप हैं?
कुमारस्वामी के अनुसार शेट्टी ने स्टिंग ऑपरेशन के वीडियो शूट किए और कुछ वीडियो अभी तक सार्वजनिक नहीं हुए हैं। उनका आरोप है कि राज्य सरकार के प्रभावशाली लोग और कुछ पुलिस अधिकारी शेट्टी को आसान जमानत दिलाने की कोशिश में हैं।
विक्की की मौत का इस मामले से क्या संबंध है?
कुमारस्वामी ने विक्की नामक एक युवक की संदिग्ध मौत का जिक्र किया, जो कथित तौर पर आरोपी की संस्था में काम करता था। उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट नहीं है कि विक्की का स्टिंग से सीधा संबंध था, लेकिन उसके शोषण की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
क्या कुमारस्वामी और सिद्दारमैया के बीच कोई पुराना संबंध है?
हाँ, कुमारस्वामी ने खुद याद दिलाया कि सिद्दारमैया कभी जेडी(एस) के सदस्य रह चुके हैं। उन्होंने कहा कि इसी पुराने रिश्ते के कारण जरूरत पड़ने पर वे उनसे मिलने में कोई संकोच नहीं करेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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