स्टिंग ऑपरेशन विवाद: मंत्री चेलुवरायस्वामी ने कुमारस्वामी को दी CBI जांच की चुनौती
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के जल संसाधन मंत्री एन. चेलुवरायस्वामी ने बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को स्टिंग ऑपरेशन विवाद को लेकर केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कुमारस्वामी को सीधी चुनौती दी कि यदि उनमें साहस है, तो वे केंद्र सरकार की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से इस पूरे मामले की जांच कराएं।
विवाद की पृष्ठभूमि
केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने आरोप लगाया था कि पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दारमैया को निशाना बनाने वाले कथित स्टिंग ऑपरेशन के पीछे मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार का हाथ है। इस आरोप पर पलटवार करते हुए मंत्री चेलुवरायस्वामी ने कहा कि शिवकुमार अपनी ही पार्टी के वरिष्ठ नेता के विरुद्ध ऐसा कदम क्यों उठाएंगे।
उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, 'क्या शिवकुमार पागल हो गए हैं जो अपनी ही पार्टी के वरिष्ठ नेता के खिलाफ स्टिंग ऑपरेशन करवाएंगे? लोग उनके व्यवहार से परेशान हो चुके हैं।'
कुमारस्वामी पर सीधा हमला
मंत्री ने कहा कि कुमारस्वामी एक केंद्रीय मंत्री हैं, लेकिन उनके बयानों से यह नहीं लगता कि वे अपनी जिम्मेदारियां ईमानदारी से निभा रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि स्टिंग ऑपरेशन विवाद का आम जनता से क्या सरोकार है।
चेलुवरायस्वामी ने कहा, 'अगर ऐसा कोई स्टिंग ऑपरेशन हुआ है और उसकी जानकारी सामने आई है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी। केंद्र सरकार के पास CBI है — उससे जांच करा लें।' यह बयान राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है क्योंकि यह राज्य सरकार की ओर से CBI जांच की खुली चुनौती है।
प्रज्वल रेवन्ना प्रकरण का उल्लेख
मंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि कुमारस्वामी पूर्व हासन सांसद प्रज्वल रेवन्ना के प्रति सहानुभूति का भाव रख रहे हैं। उनका कहना था कि कुमारस्वामी कांग्रेस के भीतर भ्रम की स्थिति उत्पन्न करने और सिद्दारमैया की छवि को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से 'स्टिंग ऑपरेशन का ड्रामा' रच रहे हैं।
चेलुवरायस्वामी ने कहा, 'जेडी(एस) के अलावा यह और कौन कर सकता है? जब सिद्दारमैया को पार्टी से बाहर किया गया था या उनका बार-बार मजाक उड़ाया गया था, तब कुमारस्वामी ने ऐसी कोई चिंता नहीं दिखाई। अब अचानक यह सहानुभूति कहां से आ गई?'
सिद्दारमैया का बचाव
मंत्री ने सिद्दारमैया का बचाव करते हुए कहा कि उनकी राजनीतिक यात्रा, नेतृत्व और सार्वजनिक जीवन सबके सामने है। उन्होंने कहा, 'सिद्दारमैया का इतिहास कुमारस्वामी जैसा नहीं है। अगर उनकी भी कोई गलती है, तो हम उसे स्वीकार करने के लिए तैयार हैं।'
गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस और जनता दल (सेक्युलर) — JD(S) के बीच राजनीतिक तनाव लगातार बढ़ रहा है। स्टिंग ऑपरेशन का यह विवाद अब राज्य की राजनीति में एक नई जंग का रूप ले रहा है।
आगे क्या होगा
इस सवाल पर कि क्या राज्य मंत्रिमंडल इस विवाद पर चर्चा करेगा, चेलुवरायस्वामी ने कहा कि यदि अगली कैबिनेट बैठक में यह मुद्दा उठता है तो मुख्यमंत्री और सभी मंत्री मिलकर आगे की कार्रवाई पर फैसला करेंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जरूरत पड़ने पर राज्य सरकार अपने स्तर पर भी जांच पर विचार कर सकती है। यह टकराव आने वाले दिनों में और तेज होने के संकेत दे रहा है।