कर्नाटक स्टिंग विवाद: कुमारस्वामी ने सीएम शिवकुमार से माँगा जवाब, जाँच की उठाई माँग
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय भारी उद्योग और इस्पात मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने शनिवार, 10 अक्टूबर 2026 को कर्नाटक में चल रहे स्टिंग ऑपरेशन विवाद की निष्पक्ष जाँच की माँग करते हुए मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार को सीधे घेरा। उन्होंने पूछा कि पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दारमैया को निशाना बनाने वाला यह स्टिंग ऑपरेशन किसने अंजाम दिया, वीडियो किसने लीक किया और इसमें शामिल लोगों को किसका संरक्षण मिल रहा है।
मंदिर में पूजा के बाद मीडिया से मुखातिब हुए कुमारस्वामी
हसन जिले के हरदनहल्ली स्थित माविंकेरे के श्री रंगनाथस्वामी मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद पत्रकारों से बात करते हुए कुमारस्वामी ने कड़े सवाल दागे। उन्होंने कहा, 'पिछले कुछ दिनों से कुछ बातें चल रही हैं, और अब इसे फिर से उठाया गया है। यह किसने किया? स्टिंग ऑपरेशन किसने किया? क्या यह कोई मजाक है? क्या आपने राजनीति को खेल बना दिया है?' यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक की सत्तारूढ़ कांग्रेस पहले से ही कई आंतरिक विवादों से जूझ रही है।
शिवकुमार के दावों की पृष्ठभूमि
मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने हाल ही में दावा किया था कि मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्हें स्टिंग ऑपरेशन के जरिए फँसाने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा था कि उनके पास अपने आरोपों को प्रमाणित करने के लिए तस्वीरें और दस्तावेज मौजूद हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) विधायक बी. बसनागौड़ा पाटिल यतनाल ने आरोप लगाया कि सिद्दारमैया को एक निजी मामले में 'ब्लैकमेल और धमकी' दी गई, जिससे वे 'बेबस' होकर इस्तीफा देने पर मजबूर हुए।
कुमारस्वामी के सवाल और कांग्रेस पर निशाना
कुमारस्वामी ने एक के बाद एक सवाल दागते हुए कहा, 'सिद्दारमैया के खिलाफ स्टिंग ऑपरेशन किसने किया? वे कौन हैं और उनका पेशा क्या है? अब तक उनके खिलाफ क्या कार्रवाई हुई? मीडिया की आड़ में उनके पीछे कौन है और कौन उनकी रक्षा कर रहा है?' उन्होंने यह भी कहा कि सिद्दारमैया ने आठ साल तक मुख्यमंत्री के रूप में कार्य करके आम लोगों के बीच अपनी राजनीतिक प्रतिष्ठा अर्जित की। कुमारस्वामी ने इस 'अस्वस्थ राजनीतिक माहौल' के लिए सीधे कांग्रेस नेतृत्व को जिम्मेदार ठहराया।
पेन ड्राइव विवाद और NICE परियोजना पर पलटवार
कांग्रेस विधायक गनिगा रवि द्वारा पेन ड्राइव प्रदर्शित किए जाने पर कुमारस्वामी ने स्पष्ट किया कि उनकी पूर्व की पेन ड्राइव में सिंचाई विभाग में इंजीनियरों के तबादलों में उन कथित अनियमितताओं का उल्लेख था, जो तब हुईं जब शिवकुमार मंत्री थे। उन्होंने चुनौतीपूर्ण लहजे में कहा, 'वे मेरी शैली की नकल करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन किसी भी हालत में ऐसा नहीं कर सकते।' इसके अतिरिक्त, कुमारस्वामी ने NICE अवसंरचना परियोजना में कथित अनियमितताओं को लेकर अपना अभियान दोहराते हुए कंपनी पर अदालती आदेशों और फ्रेमवर्क समझौते का उल्लंघन करने तथा किसानों को उनकी जमीन से वंचित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि न तो शिवकुमार और न ही कंपनी ने उनके दस्तावेजों का जवाब दिया है।
प्रशासनिक समन्वय पर भी उठाए सवाल
कुमारस्वामी ने हसन के उपायुक्त की कथित पूर्व अनियमितताओं और गणेश प्रतिमा विसर्जन के प्रबंधन पर भी जिला प्रशासन की आलोचना की। उन्होंने जिला प्रशासन और पुलिस के बीच बेहतर तालमेल की अपील करते हुए कहा, 'अगर प्रशासन आपस में समन्वय नहीं करेगा तो वह कैसे काम करेगा? ऐसा व्यवहार उचित नहीं है।' यह विवाद कर्नाटक की राजनीति में नई उठापटक का संकेत देता है, जहाँ सत्तारूढ़ दल और विपक्ष दोनों के आंतरिक समीकरण आने वाले हफ्तों में और उलझ सकते हैं।