स्टिंग ऑपरेशन जांच हर कोण से जारी: प्रियांक खड़गे ने कुमारस्वामी के आरोपों को किया खारिज
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के गृह एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री प्रियांक खड़गे ने सोमवार, 2 नवंबर 2026 को स्पष्ट किया कि सिद्धारमैया से जुड़े स्टिंग ऑपरेशन मामले की जांच बेंगलुरु पुलिस द्वारा हर संभव कोण से की जा रही है। केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी द्वारा जांच अधिकारियों और राज्य सरकार पर लगाए जा रहे आरोपों को खड़गे ने सिरे से नकारते हुए पलटवार किया।
मुख्य घटनाक्रम
खड़गे ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पुलिस मामले के हर पहलू की जांच कर रही है और कुमारस्वामी की यह जल्दबाज़ी समझ से परे है। उन्होंने सवाल उठाया, 'पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। कुमारस्वामी इतनी जल्दी में क्यों हैं?'
खड़गे ने कहा कि सरकार पहले ही एक आधिकारिक बयान जारी कर जांच की प्रगति का विवरण सार्वजनिक कर चुकी है — जिसमें स्टिंग ऑपरेशन को अंजाम देने वाले व्यक्तियों और वीडियो में दिखाई देने वालों की जानकारी शामिल है।
प्रज्वल रेवन्ना मामले का संदर्भ
खड़गे ने प्रज्वल रेवन्ना मामले का हवाला देते हुए कहा कि उस मामले में जांच अधिकारियों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के अंतर्गत केंद्र सरकार की ओर से पुरस्कार प्रदान किए गए हैं। उन्होंने कुमारस्वामी से पूछा कि उन्हीं अधिकारियों पर अब वे झूठे आरोप क्यों लगा रहे हैं और उन पुरस्कारों के बारे में उनकी क्या राय है।
यह टिप्पणी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह सवाल उठाती है कि केंद्र सरकार द्वारा सम्मानित वही अधिकारी अब कुमारस्वामी की आलोचना के निशाने पर हैं।
कुमारस्वामी पर तीखा पलटवार
केंद्रीय मंत्री की रोज़ाना की आलोचना पर खड़गे ने कहा, 'अगर नए आरोप हैं तो हम उन्हें स्पष्ट कर सकते हैं। लेकिन अगर वह हर दिन और हर रात कुछ न कुछ कहते रहेंगे, तो मैं क्या कहूं? क्या उन्होंने कोई दस्तावेज़ जारी किया है? एक बार फिर, यह एक हिट-एंड-रन घटना प्रतीत होती है।'
खड़गे ने कटाक्ष करते हुए यह भी कहा कि कुमारस्वामी के पास शायद करने के लिए और कोई काम नहीं है, क्योंकि वह हर सुबह मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार, सिद्धारमैया और खुद उनके बारे में ही बात करते हैं।
जांच की स्थिति
खड़गे ने स्पष्ट किया कि जांचकर्ताओं ने वीडियो में दिखाई देने वाले सभी व्यक्तियों के बयान दर्ज कर लिए हैं और पूछताछ कई दौर में हो चुकी है। उन्होंने कुमारस्वामी पर सवाल दागा कि उन्हें यह कैसे पता चला कि पुलिस ने किससे और कितनी बार पूछताछ की है।
उन्होंने कहा, 'सभी बयान वीडियो पर रिकॉर्ड किए जा रहे हैं। उन्हें कैसे पता कि हमने किससे और कितनी बार पूछताछ की है? मैं गैरजिम्मेदाराना तरीके से नहीं बोल सकता।' शेष विवरण जांच पूरी होने के बाद सार्वजनिक किए जाएंगे, यह भी उन्होंने स्पष्ट किया।
आगे क्या
कर्नाटक में कांग्रेस सरकार और विपक्ष के बीच यह वाकयुद्ध ऐसे समय में तेज़ हुआ है जब राज्य में कई राजनीतिक मामले एक साथ चल रहे हैं। जांच के नतीजे और सरकार द्वारा जारी होने वाला अंतिम विवरण ही यह तय करेगा कि राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का यह दौर कहाँ जाकर रुकेगा।