2 नवंबर 2026
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जम्मू सिविल सचिवालय में ₹1.89 करोड़ की बुनियादी परियोजनाओं का उद्घाटन, CM उमर अब्दुल्ला ने किया निरीक्षण

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जम्मू सिविल सचिवालय में ₹1.89 करोड़ की बुनियादी परियोजनाओं का उद्घाटन, CM उमर अब्दुल्ला ने किया निरीक्षण

सारांश

160 साल पुरानी दरबार मूव परंपरा के तहत जम्मू-कश्मीर सरकार के शीतकालीन कामकाज की शुरुआत के साथ ही CM उमर अब्दुल्ला ने जम्मू सिविल सचिवालय में ₹1.89 करोड़ की बुनियादी परियोजनाओं का उद्घाटन किया — एक प्री-फैब्रिकेटेड भवन और नवीनीकृत रिसेप्शन हॉल सहित।

मुख्य बातें

CM उमर अब्दुल्ला ने 2 नवंबर 2026 को जम्मू सिविल सचिवालय में ₹1.89 करोड़ की बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं का उद्घाटन किया।
₹1.58 करोड़ की लागत से कैपेक्स बजट के तहत नया प्री-फैब्रिकेटेड कार्यालय भवन निर्मित किया गया।
₹31.10 लाख की लागत से सचिवालय के प्रवेश द्वार पर स्थित रिसेप्शन हॉल का नवीनीकरण हुआ।
दरबार मूव के तहत 30 अक्टूबर को श्रीनगर में कार्यालय बंद होने के बाद 2 नवंबर से जम्मू में सरकारी कामकाज शुरू हुआ।
यह परंपरा 160 वर्ष से अधिक पुरानी है, जो डोगरा शासकों के समय से चली आ रही है।

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने 2 नवंबर 2026 को जम्मू स्थित सिविल सचिवालय में ₹1.89 करोड़ की लागत से तैयार की गई बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं का उद्घाटन किया। ये परियोजनाएँ सरकारी कर्मचारियों को बेहतर कार्य वातावरण और सचिवालय आने वाले नागरिकों को अधिक सुविधाजनक व्यवस्था उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विकसित की गई हैं। इसी दिन से दरबार मूव की परंपरा के तहत जम्मू-कश्मीर सरकार के सभी शीर्ष कार्यालय शीतकालीन राजधानी जम्मू में औपचारिक रूप से कार्यरत हो गए।

उद्घाटित परियोजनाओं का विवरण

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने दो प्रमुख विकास कार्यों का उद्घाटन किया। पहला, कैपेक्स बजट के अंतर्गत ₹1.58 करोड़ की लागत से निर्मित नया प्री-फैब्रिकेटेड कार्यालय भवन है। दूसरा, सिविल सचिवालय के मुख्य प्रवेश द्वार पर स्थित रिसेप्शन हॉल का नवीनीकरण कार्य है, जिस पर ₹31.10 लाख व्यय हुए हैं।

संबंधित इंजीनियरों ने मुख्यमंत्री को परियोजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। अब्दुल्ला ने नए कार्यालय भवन का स्वयं निरीक्षण किया और कर्मचारियों एवं आगंतुकों के लिए की गई व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

दरबार मूव: 160 वर्ष पुरानी परंपरा

ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर में 30 अक्टूबर को कार्यालय बंद होने के बाद मुख्यमंत्री, मंत्रिपरिषद के सदस्यों और वरिष्ठ नौकरशाहों समेत जम्मू-कश्मीर सरकार के सभी शीर्ष दफ्तर सोमवार से जम्मू में कार्यरत हो गए। यह दरबार मूव की परंपरा का हिस्सा है, जो 160 वर्ष से अधिक पुरानी प्रशासनिक व्यवस्था है। इसकी शुरुआत तत्कालीन डोगरा शासकों ने की थी, जो ग्रीष्मकाल में श्रीनगर और शीतकाल में जम्मू से शासन संचालित करते थे।

जम्मू स्थित सिविल सचिवालय पहुँचने पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया। यह उद्घाटन ऐसे समय में आया है जब श्रीनगर-जम्मू के बीच द्विवार्षिक स्थानांतरण के साथ बुनियादी ढाँचे को उन्नत करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

कार्यक्रम में उपस्थित वरिष्ठ अधिकारी

उद्घाटन समारोह में उपमुख्यमंत्री सुरिंदर कुमार चौधरी, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव धीरज गुप्ता, कार्यवाहक मुख्य सचिव शैलेंद्र कुमार, आयुक्त सचिव एस्टेट्स एम. राजू, सचिव राजस्व अवनी लवासा और महानिदेशक एस्टेट्स जम्मू मुश्ताक अहमद सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

आम जनता और कर्मचारियों पर असर

नव-उद्घाटित प्री-फैब्रिकेटेड भवन से सचिवालय की कार्यालयी क्षमता में वृद्धि होगी, जिससे दरबार मूव के दौरान स्थानांतरित होने वाले विभागों को अतिरिक्त कार्यक्षेत्र मिलेगा। नवीनीकृत रिसेप्शन हॉल नागरिकों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है, ताकि सचिवालय में कामकाज के लिए आने वाले आम लोगों को बेहतर स्वागत-सुविधा मिल सके। गौरतलब है कि यह सचिवालय हर वर्ष शीतकाल में प्रशासनिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बन जाता है।

आगे की राह

जम्मू-कश्मीर प्रशासन की ओर से सचिवालय परिसर में और अधिक बुनियादी सुधारों की संभावना जताई जा रही है, ताकि हर छह महीने पर होने वाले स्थानांतरण के दौरान सुचारु प्रशासनिक संचालन सुनिश्चित हो सके। सरकार का लक्ष्य दोनों राजधानियों में कार्यक्षमता को समान स्तर पर लाना बताया जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इनका समय उल्लेखनीय है — दरबार मूव के पहले ही दिन उद्घाटन यह संदेश देता है कि नई निर्वाचित सरकार दोनों राजधानियों में समान बुनियादी सुविधाओं पर ध्यान दे रही है। फिर भी असली सवाल यह है कि क्या इस 160 साल पुरानी और बेहद खर्चीली प्रशासनिक परंपरा की समीक्षा की जाएगी, जिस पर हर वर्ष करोड़ों रुपये स्थानांतरण पर खर्च होते हैं। पिछले कुछ वर्षों में इस परंपरा को समाप्त या सीमित करने की बहस उठती रही है, लेकिन राजनीतिक संवेदनशीलता के कारण यह अनुत्तरित रही है।
RashtraPress
2 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

CM उमर अब्दुल्ला ने जम्मू सचिवालय में कौन-सी परियोजनाओं का उद्घाटन किया?
उन्होंने दो परियोजनाओं का उद्घाटन किया — ₹1.58 करोड़ की लागत से बना नया प्री-फैब्रिकेटेड कार्यालय भवन और ₹31.10 लाख में नवीनीकृत रिसेप्शन हॉल, कुल लागत ₹1.89 करोड़ रही।
दरबार मूव क्या है और यह कब से चली आ रही है?
दरबार मूव जम्मू-कश्मीर की 160 वर्ष से अधिक पुरानी प्रशासनिक परंपरा है, जिसमें हर छह महीने पर सरकारी कार्यालय ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर और शीतकालीन राजधानी जम्मू के बीच स्थानांतरित होते हैं। इसकी शुरुआत तत्कालीन डोगरा शासकों ने की थी।
इस बार दरबार मूव कब हुआ?
30 अक्टूबर 2026 को श्रीनगर में कार्यालय बंद हुए और 2 नवंबर 2026 से जम्मू में सरकारी कामकाज आधिकारिक रूप से शुरू हो गया।
उद्घाटन समारोह में कौन-कौन से वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे?
समारोह में उपमुख्यमंत्री सुरिंदर कुमार चौधरी, अतिरिक्त मुख्य सचिव धीरज गुप्ता, कार्यवाहक मुख्य सचिव शैलेंद्र कुमार, आयुक्त सचिव एम. राजू, सचिव राजस्व अवनी लवासा और महानिदेशक एस्टेट्स मुश्ताक अहमद सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
इन परियोजनाओं से आम लोगों और सरकारी कर्मचारियों को क्या फायदा होगा?
नए प्री-फैब्रिकेटेड भवन से दरबार मूव के दौरान स्थानांतरित होने वाले विभागों को अतिरिक्त कार्यक्षेत्र मिलेगा, जबकि नवीनीकृत रिसेप्शन हॉल सचिवालय आने वाले नागरिकों को बेहतर स्वागत-सुविधा उपलब्ध कराएगा।
राष्ट्र प्रेस
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