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जम्मू में शीतकालीन दरबार मूव: विधानसभा अध्यक्ष अब्दुल रहीम राथर का भव्य स्वागत

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जम्मू में शीतकालीन दरबार मूव: विधानसभा अध्यक्ष अब्दुल रहीम राथर का भव्य स्वागत

सारांश

जम्मू-कश्मीर विधानसभा का शीतकालीन दरबार मूव शुरू — अध्यक्ष अब्दुल रहीम राथर का जम्मू में भव्य स्वागत हुआ। 90 सदस्यीय सदन में NC नेतृत्व वाली सरकार के साथ यह पहली शीतकालीन पारी अनुच्छेद 370 के बाद के नए लोकतांत्रिक ढाँचे की परीक्षा भी है।

मुख्य बातें

जम्मू-कश्मीर विधानसभा सचिवालय का शीतकालीन दरबार मूव 2 नवंबर 2026 को जम्मू में शुरू हुआ।
विधानसभा अध्यक्ष अब्दुल रहीम राथर का वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों ने औपचारिक स्वागत किया।
राथर ने व्यावसायिकता , पारदर्शिता और जन-केंद्रित संस्थागत दृष्टिकोण पर बल दिया।
जम्मू-कश्मीर विधानसभा में कुल 90 सदस्य हैं; NC के 41 , BJP के 29 सदस्य।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला सदन के नेता; BJP के सुनील शर्मा विपक्ष के नेता।

जम्मू-कश्मीर विधानसभा के अध्यक्ष अब्दुल रहीम राथर का सोमवार, 2 नवंबर 2026 को जम्मू में वरिष्ठ अधिकारियों और सचिवालय कर्मचारियों ने गर्मजोशी से स्वागत किया, जब शीतकालीन 'दरबार मूव' के तहत विधानसभा सचिवालय ने जम्मू में अपना शीतकालीन कामकाज आधिकारिक रूप से शुरू किया। यह वार्षिक परंपरा जम्मू-कश्मीर के प्रशासनिक और विधायी ढाँचे की एक विशिष्ट पहचान रही है, जिसमें गर्मियों में श्रीनगर और सर्दियों में जम्मू से कामकाज संचालित होता है।

स्वागत समारोह और अध्यक्ष का संबोधन

विधानसभा सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों ने अध्यक्ष राथर का औपचारिक स्वागत करते हुए उन्हें शीतकालीन कामकाज की शुरुआत पर बधाई दी। अधिकारियों और कर्मचारियों से सीधे संवाद करते हुए राथर ने सचिवालय के सुचारू संचालन के प्रति उनके समर्पण और निष्ठा की प्रशंसा की।

उन्होंने व्यावसायिकता, अनुशासन और कार्यकुशलता के उच्चतम मानकों को अपनाने पर विशेष ज़ोर दिया। राथर ने कहा कि आधिकारिक जिम्मेदारियों को निभाते समय इन मूल्यों से कोई समझौता नहीं होना चाहिए।

बेहतर समन्वय और जन-सेवा पर बल

अध्यक्ष ने सचिवालय की सभी शाखाओं के बीच प्रभावी तालमेल की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि आधिकारिक कार्यों का समय पर निपटारा हो सके और सेवाएँ बिना किसी रुकावट के आम नागरिकों तक पहुँचाई जा सकें। उन्होंने उत्तरदायी, पारदर्शी और जन-केंद्रित संस्थागत दृष्टिकोण बनाए रखने की आवश्यकता को भी रेखांकित किया।

गौरतलब है कि यह पहली शीतकालीन पारी उस दौर में हो रही है जब जम्मू-कश्मीर एक चुने हुए विधानमंडल के साथ पूर्ण लोकतांत्रिक प्रक्रिया की ओर अग्रसर है — अनुच्छेद 370 की समाप्ति के बाद हुए पहले विधानसभा चुनावों के बाद गठित यह सदन संस्थागत पुनर्गठन की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण पड़ाव है।

जम्मू-कश्मीर विधानसभा की संरचना

जम्मू-कश्मीर विधानसभा में कुल 90 सदस्य हैं। सत्ताधारी नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के 41 सदस्य हैं, जबकि मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (BJP) के 29 सदस्य हैं।

कांग्रेस के 6, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) के 4, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) [CPI(M)] का 1, अवामी इत्तेहाद पार्टी (AIP) का 1, पीपुल्स कॉन्फ्रेंस (PC) का 1, आम आदमी पार्टी (AAP) का 1 और 6 निर्दलीय सदस्य हैं।

सरकार की स्थिति और विपक्ष का नेतृत्व

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली NC सरकार को कांग्रेस के 6 सदस्यों, CPI(M) के 1 सदस्य और 5 निर्दलीय सदस्यों का समर्थन प्राप्त है। सदन के नेता स्वयं उमर अब्दुल्ला हैं, जबकि BJP के सुनील शर्मा विधानसभा में विपक्ष के नेता (LOP) हैं।

अध्यक्ष राथर ने अधिकारियों और कर्मचारियों को शीतकालीन कार्यकाल के लिए शुभकामनाएँ देते हुए विश्वास जताया कि विधानसभा सचिवालय विधायिका की गरिमा, परंपराओं और संस्थागत जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा से बनाए रखेगा। आने वाले महीनों में विधायी प्रक्रियाओं की सक्रियता और सचिवालय के कार्यसंचालन की गुणवत्ता पर सभी की नज़रें टिकी रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जब अनुच्छेद 370 की समाप्ति के बाद पहली बार एक निर्वाचित विधानसभा इस परंपरा को आगे बढ़ा रही है। अध्यक्ष राथर का पारदर्शिता और जवाबदेही पर ज़ोर सुनने में अच्छा लगता है, लेकिन असली कसौटी यह होगी कि शीतकालीन सत्र में विपक्ष को सार्थक बहस का मौका मिलता है या नहीं। 90 सदस्यीय सदन में NC-नेतृत्व वाली सरकार के पास बहुमत स्पष्ट है, फिर भी BJP के 29 सदस्यों वाले मज़बूत विपक्ष की उपस्थिति में सदन के भीतर जवाबदेही का माहौल बनाना ही इस विधानसभा की विश्वसनीयता तय करेगा।
RashtraPress
2 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जम्मू-कश्मीर में शीतकालीन दरबार मूव क्या है?
शीतकालीन दरबार मूव जम्मू-कश्मीर की वह ऐतिहासिक प्रशासनिक परंपरा है जिसमें सरकारी कामकाज गर्मियों में श्रीनगर और सर्दियों में जम्मू से संचालित होता है। इस परंपरा के तहत विधानसभा सचिवालय समेत प्रमुख सरकारी कार्यालय नवंबर से जम्मू स्थानांतरित हो जाते हैं।
अब्दुल रहीम राथर कौन हैं?
अब्दुल रहीम राथर जम्मू-कश्मीर विधानसभा के अध्यक्ष (स्पीकर) हैं। उन्हें अनुच्छेद 370 की समाप्ति के बाद गठित पहली निर्वाचित विधानसभा का अध्यक्ष चुना गया है।
जम्मू-कश्मीर विधानसभा में कितने सदस्य हैं और किसकी सरकार है?
जम्मू-कश्मीर विधानसभा में कुल 90 सदस्य हैं। नेशनल कॉन्फ्रेंस के 41 सदस्यों के साथ मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व में सरकार बनी है, जिसे कांग्रेस के 6, CPI(M) के 1 और 5 निर्दलीय सदस्यों का समर्थन प्राप्त है।
जम्मू-कश्मीर विधानसभा में विपक्ष का नेता कौन है?
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सुनील शर्मा जम्मू-कश्मीर विधानसभा में विपक्ष के नेता (LOP) हैं। BJP के पास सदन में 29 सदस्य हैं।
शीतकालीन दरबार मूव का आम जनता पर क्या असर पड़ता है?
शीतकालीन दरबार मूव के दौरान विधायी और प्रशासनिक सेवाएँ जम्मू से संचालित होती हैं, जिससे जम्मू क्षेत्र के नागरिकों को सरकारी कामकाज तक बेहतर पहुँच मिलती है। अध्यक्ष राथर ने इस दौरान सेवाओं में कोई रुकावट न आने देने के निर्देश दिए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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