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जम्मू-कश्मीर विधानसभा शरदकालीन सत्र 2026: श्रीनगर में कड़ी सुरक्षा, 21-30 सितंबर तक 7 बैठकें

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जम्मू-कश्मीर विधानसभा शरदकालीन सत्र 2026: श्रीनगर में कड़ी सुरक्षा, 21-30 सितंबर तक 7 बैठकें

सारांश

जम्मू-कश्मीर विधानसभा का शरदकालीन सत्र 21 सितंबर से शुरू हो गया है। श्रीनगर में कड़ी सुरक्षा के बीच 30 सितंबर तक 7 बैठकें होंगी। BJP-PDP विपक्ष में जनहित मुद्दे उठाएगी, जबकि कांग्रेस ने भी NC सरकार के साथ गठबंधन के बावजूद स्वतंत्र रुख अपनाने का संकेत दिया है।

मुख्य बातें

जम्मू-कश्मीर विधानसभा का शरदकालीन सत्र 21 सितंबर 2026 से शुरू, 30 सितंबर तक चलेगा।
कुल 7 बैठकें निर्धारित; 23 सितंबर (महाराजा हरि सिंह जयंती), 26 सितंबर और 27 सितंबर (रविवार) को अवकाश।
विधानसभा कॉम्प्लेक्स और सिविल सचिवालय के बाहर व्यापक सुरक्षा; कर्मचारियों के निजी वाहनों के प्रवेश पर रोक।
विधानसभा अध्यक्ष अब्दुल रहीम राथर ने सत्र से पहले सुरक्षा और यातायात व्यवस्था की समीक्षा की।
BJP और PDP विपक्षी दल के रूप में जनहित के मुद्दे उठाएंगे; JKPCC अध्यक्ष तारिक हमीद कर्रा ने भी स्वतंत्र रुख का संकेत दिया।

जम्मू-कश्मीर विधानसभा का शरदकालीन सत्र 21 सितंबर 2026 से श्रीनगर में शुरू हो गया है, जिसके मद्देनजर विधानसभा कॉम्प्लेक्स और सिविल सचिवालय के इर्द-गिर्द सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। सत्र 30 सितंबर तक चलेगा, जिसमें कुल 7 बैठकें निर्धारित हैं। सुरक्षा बल पूरी तरह हाई-अलर्ट पर हैं और आवाजाही पर कड़ा नियंत्रण रखा जा रहा है।

सुरक्षा व्यवस्था और यातायात दिशानिर्देश

सामान्य प्रशासन विभाग ने सत्र के दौरान सिविल सचिवालय और विधानसभा परिसर में वाहनों के प्रवेश एवं पार्किंग को लेकर विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए हैं। निर्देशों के अनुसार, सचिवालय और विधानसभा के कर्मचारियों तथा पुलिसकर्मियों के निजी वाहनों को परिसर में प्रवेश से रोका गया है।

मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, मंत्रियों, मुख्यमंत्री के सलाहकार, अध्यक्ष और विधायकों के वाहनों को विधानसभा परिसर के भीतर निर्धारित स्थानों पर ही पार्क करने का निर्देश दिया गया है। मान्यता प्राप्त मीडियाकर्मियों की अधिकृत गाड़ियों को सुरक्षा जाँच के बाद प्रवेश की अनुमति होगी, जबकि एस्कॉर्ट गाड़ियाँ तय स्थान पर खड़ी की जाएंगी।

स्पीकर की तैयारी बैठक

सत्र शुरू होने से पहले विधानसभा अध्यक्ष अब्दुल रहीम राथर ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर सुरक्षा, यातायात, परिवहन और अन्य प्रशासनिक व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को विधानसभा सचिवालय और विधायक हॉस्टल में व्यापक सुरक्षा सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए।

सत्र का कार्यक्रम और अवकाश

सत्र की शुरुआत शोक संदेशों के साथ होगी, इसके बाद प्रश्नकाल और अन्य सूचीबद्ध कामकाज निपटाए जाएंगे। 23 सितंबर को महाराजा हरि सिंह की जयंती के कारण अवकाश रहेगा, 26 सितंबर को भी छुट्टी है और 27 सितंबर को रविवार होने के कारण सदन की कार्यवाही नहीं होगी।

राजनीतिक दलों की रणनीति

विपक्षी दलों भारतीय जनता पार्टी (BJP) और पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) ने घोषणा की है कि वे सत्र के दौरान जनहित के मुद्दों को प्रभावी ढंग से सदन के पटल पर रखेंगे। कांग्रेस भले ही सत्ताधारी नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) सरकार को समर्थन दे रही है, लेकिन जम्मू-कश्मीर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (JKPCC) के अध्यक्ष तारिक हमीद कर्रा ने स्पष्ट किया है कि गठबंधन का मतलब यह नहीं कि उनकी पार्टी जनता से जुड़े मुद्दों पर चुप रहे। गौरतलब है कि यह सत्र ऐसे समय में हो रहा है जब केंद्र शासित प्रदेश में नवनिर्वाचित विधानसभा अपनी पहली पूर्ण वर्ष की कार्यवाही पूरी कर रही है।

आगे क्या होगा

सत्र के दौरान बजट से जुड़े प्रस्तावों, स्थानीय शासन के मुद्दों और संभावित नीतिगत घोषणाओं पर नजर रहेगी। विधानसभा के सुचारू संचालन के लिए प्रशासनिक तंत्र पूरी तरह सक्रिय है और सुरक्षा एजेंसियाँ सत्र की समाप्ति तक हाई-अलर्ट पर बनी रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

दोनों पर बारीक नजर जरूरी है। दिलचस्प बात यह है कि कांग्रेस, NC की सहयोगी होते हुए भी, सार्वजनिक रूप से स्वतंत्र स्वर अपना रही है — यह गठबंधन राजनीति की उस पेचीदगी को दर्शाता है जो दिल्ली तक असर डाल सकती है। विपक्ष की सक्रियता से सत्र बहस-बहुल रहने की उम्मीद है, लेकिन असली कसौटी यह होगी कि सदन के भीतर उठाए मुद्दों का जमीनी असर आम कश्मीरी तक पहुँचता है या नहीं।
RashtraPress
21 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जम्मू-कश्मीर विधानसभा का शरदकालीन सत्र 2026 कब से कब तक चलेगा?
यह सत्र 21 सितंबर 2026 से शुरू होकर 30 सितंबर 2026 तक चलेगा, जिसमें कुल 7 बैठकें निर्धारित हैं। 23 सितंबर, 26 सितंबर और 27 सितंबर (रविवार) को अवकाश रहेगा।
श्रीनगर में सुरक्षा क्यों बढ़ाई गई है?
विधानसभा सत्र के सुचारू संचालन और संभावित सुरक्षा खतरों को देखते हुए विधानसभा कॉम्प्लेक्स और सिविल सचिवालय के आसपास कड़ी सुरक्षा तैनात की गई है। सामान्य प्रशासन विभाग ने वाहन प्रवेश और पार्किंग पर भी प्रतिबंध लगाए हैं।
सत्र के दौरान विपक्ष का क्या रुख है?
BJP और PDP ने घोषणा की है कि वे सत्र में जनहित के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाएंगे। कांग्रेस की JKPCC ने भी स्पष्ट किया है कि NC सरकार का समर्थन करने के बावजूद वह जनता के मुद्दों पर चुप नहीं रहेगी।
विधानसभा अध्यक्ष अब्दुल रहीम राथर ने सत्र की क्या तैयारी की?
विधानसभा अध्यक्ष अब्दुल रहीम राथर ने सत्र से पहले वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की, जिसमें सुरक्षा, यातायात, परिवहन और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। उन्होंने विधानसभा सचिवालय और विधायक हॉस्टल में व्यापक सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
सत्र में मीडिया के लिए क्या व्यवस्था है?
मान्यता प्राप्त मीडियाकर्मियों की अधिकृत गाड़ियों को सुरक्षा जाँच के बाद सिविल सचिवालय में प्रवेश की अनुमति होगी। एस्कॉर्ट गाड़ियों को निर्धारित स्थान पर पार्क करने का निर्देश दिया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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