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क्या जम्मू-कश्मीर में गणतंत्र दिवस समारोह से पहले सुरक्षा व्यवस्था और अधिक कड़ी की गई है?

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क्या जम्मू-कश्मीर में गणतंत्र दिवस समारोह से पहले सुरक्षा व्यवस्था और अधिक कड़ी की गई है?

सारांश

जम्मू-कश्मीर में गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर सुरक्षा व्यवस्था को अत्यधिक कड़ा किया गया है। पुलिस बल हर जगह तैनात है, और वाहनों की चेकिंग के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा है। जम्मू और श्रीनगर में समारोह की तैयारी जोर-शोर से चल रही है। क्या यह सुरक्षा व्यवस्था हालिया घटनाओं के मद्देनजर है?

मुख्य बातें

सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा किया गया है।
पुलिस बल हर जगह तैनात हैं।
वाहनों की चेकिंग बारीकी से की जा रही है।
गणतंत्र दिवस समारोह २६ जनवरी को मनाया जाएगा।
सुरक्षा को अलर्ट पर रखा गया है।

श्रीनगर, २५ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा के इंतजाम को बखूबी मजबूत किया गया है। हर गली-मोहल्ले पर पुलिस बल की तैनाती की गई है। सभी वाहनों की बारीकी से चेकिंग की जा रही है और तभी प्रवेश दिया जा रहा है।

जम्मू के एमए स्टेडियम में सोमवार को गणतंत्र दिवस का समारोह होगा, जहां उपराज्यपाल मनोज सिन्हा राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे और परेड की सलामी लेंगे। वहीं, श्रीनगर में उप मुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी बख्शी स्टेडियम में समारोह की अध्यक्षता करेंगे।

जम्मू और श्रीनगर में जम्मू-कश्मीर पुलिस, बीएसएफ, सीआरपीएफ, फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज, आपदा प्रबंधन, होम गार्ड और स्कूली बच्चों की टुकड़ियाँ पोडियम के सामने मार्च करेंगी।

झंडा फहराने और मार्च पास्ट के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे, जो केंद्रशासित प्रदेश में विकास और प्रगति को दर्शाएंगे। जम्मू और कश्मीर के अन्य सभी जिला मुख्यालयों में भी इसी तरह के समारोह आयोजित किए जाएंगे।

केंद्र शासित प्रदेश के २० जिलों में गणतंत्र दिवस समारोह के सभी स्थानों पर शनिवार को फुल ड्रेस रिहर्सल हुई। श्रीनगर और जम्मू में कई जगहों पर ह्यूमन इंटेलिजेंस, इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस, ड्रोन से हवाई निगरानी, अस्थायी ड्रॉप गेट, चेकपोस्ट और लोगों की तलाशी की जा रही है।

पुलिस अधिकारी ने कहा, "सुरक्षा को अधिकतम अलर्ट पर रखा गया है और हम गणतंत्र दिवस के मद्देनजर सुरक्षा को लेकर कोई चांस नहीं ले रहे हैं।" देश के ७७वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर सभी सरकारी इमारतों, फ्लाईओवर और पुलों को रोशन किया गया है।

दिल्ली में १० नवंबर २०२५ को लाल किले के पास हुए आतंकी हमले के बाद इस बार गणतंत्र दिवस समारोह अधिक सुरक्षा के बीच मनाया जा रहा है, जिसमें १२ बेगुनाह नागरिक मारे गए थे। इस घटना के चलते सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा किया गया है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि एजेंसी से मिले इनपुट के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। सेना ने पूरे इलाके को अपने कब्जे में लेकर चेकिंग अभियान भी शुरू किया है। यदि कोई भी इनपुट मिलता है, तो कार्रवाई के लिए टीम तैनात की गई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

मैं यह कह सकता हूँ कि सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा करना न केवल जम्मू-कश्मीर बल्कि पूरे देश के लिए आवश्यक है। गणतंत्र दिवस जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। यह कदम समाज की सुरक्षा और शांति को सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गणतंत्र दिवस समारोह कब मनाया जाएगा?
गणतंत्र दिवस समारोह २६ जनवरी को मनाया जाएगा।
क्या सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव किया गया है?
जी हाँ, गणतंत्र दिवस से पहले सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा किया गया है।
सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा करने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं?
हर जगह पुलिस बल तैनात हैं, वाहनों की चेकिंग हो रही है और ड्रोन से निगरानी की जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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