अमित शाह से मिले सुनील शर्मा, जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा-विकास और राजनीतिक स्थिति पर दिल्ली में विस्तृत चर्चा
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा ने 7 जून 2025 को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इस बैठक में केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर की मौजूदा सुरक्षा स्थिति, कानून-व्यवस्था, विकास कार्यों और राजनीतिक परिदृश्य पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।
बैठक में उठाए गए प्रमुख मुद्दे
शर्मा ने गृह मंत्री को जमीनी स्तर पर सामने आ रही चुनौतियों और विभिन्न मुद्दों से अवगत कराया। उन्होंने जम्मू-कश्मीर की जनता की शांति, समावेशी विकास और प्रभावी शासन से जुड़ी अपेक्षाओं को भी बैठक में रखा। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र शासित प्रदेश में सुरक्षा और राजनीतिक स्थिरता को लेकर चर्चाएँ जारी हैं।
केंद्र सरकार के प्रयासों की समीक्षा
बैठक के दौरान सुरक्षा को और सुदृढ़ बनाने, समावेशी विकास को प्रोत्साहन देने तथा जमीनी स्तर पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को सशक्त बनाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा की गई। दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि हाल के वर्षों में जम्मू-कश्मीर में आए सकारात्मक बदलावों को और मजबूत किया जाना चाहिए, ताकि विकास का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुँच सके।
गृह मंत्री का आश्वासन
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शर्मा द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों को गंभीरता से सुना। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर में स्थायी शांति, मजबूत सुरक्षा व्यवस्था, तीव्र विकास और जनहित की रक्षा के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। शाह ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार प्रदेश के समग्र विकास और समृद्धि के लिए हर संभव सहयोग जारी रखेगी।
भारतीय जनता पार्टी की प्रतिबद्धता
शर्मा ने भी इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) की जम्मू-कश्मीर के लोगों के हितों की रक्षा और प्रदेश में स्थायी शांति एवं विकास के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और गृह मंत्री शाह के मार्गदर्शन में जम्मू-कश्मीर ने विकास, पारदर्शिता और जनसशक्तिकरण के एक नए दौर में प्रवेश किया है।
आगे की राह
गौरतलब है कि यह बैठक जम्मू-कश्मीर में विधानसभा सत्र और सुरक्षा परिदृश्य के संदर्भ में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। नेता प्रतिपक्ष और केंद्रीय गृह मंत्री के बीच इस तरह की सीधी बातचीत केंद्र-राज्य समन्वय की दिशा में एक सकारात्मक संकेत के रूप में देखी जा रही है।