13 अक्टूबर 2026
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दरबार मूव 2026: CM उमर अब्दुल्ला ने 31 अक्टूबर-1 नवंबर के काफिले की तैयारियों की समीक्षा की

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दरबार मूव 2026: CM उमर अब्दुल्ला ने 31 अक्टूबर-1 नवंबर के काफिले की तैयारियों की समीक्षा की

सारांश

उमर अब्दुल्ला सरकार का पहला पूर्ण 'दरबार मूव' — वह परंपरा जिसे LG शासन ने बंद कर दिया था — अब 31 अक्टूबर और 1 नवंबर को दो-दिवसीय काफिले के रूप में होगा। यह प्रशासनिक बहाली जम्मू-कश्मीर की चुनी हुई सरकार के लिए एक सांकेतिक और व्यावहारिक, दोनों रूपों में महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्य बातें

CM उमर अब्दुल्ला ने 13 अक्टूबर 2026 को उच्चस्तरीय बैठक में 'दरबार मूव' की तैयारियों की समीक्षा की।
'डाउन काफिला' 31 अक्टूबर और 1 नवंबर 2026 को लगातार दो दिनों में श्रीनगर से जम्मू रवाना होगा।
LG शासन के दौरान बंद हुई यह परंपरा अब चुनी हुई सरकार ने पुनः बहाल की है।
JKRTC को पर्याप्त बसों की व्यवस्था और नेशनल हाईवे पर यातायात प्रबंधन के निर्देश दिए गए।
काफिले के मार्ग पर डॉक्टर, पैरामेडिक्स और एम्बुलेंस तैनात की जाएंगी।
कश्मीर-स्थित कर्मचारियों को विशेष आकस्मिक अवकाश दिया जाएगा; मंत्रियों-सचिवों का मासिक रोस्टर जल्द जारी होगा।

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को एक उच्चस्तरीय बैठक में ऐतिहासिक 'दरबार मूव' की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। इस वर्ष 31 अक्टूबर और 1 नवंबर को लगातार दो दिनों में श्रीनगर से जम्मू की ओर 'डाउन काफिला' निकाले जाने की योजना है। यह परंपरागत प्रशासनिक स्थानांतरण उस पुरानी रीत को फिर से जीवित करता है जिसे लेफ्टिनेंट गवर्नर के शासनकाल में बंद कर दिया गया था।

दरबार मूव: एक ऐतिहासिक परंपरा

पुराने डोगरा महाराजाओं के ज़माने से चली आ रही इस परंपरा के तहत जम्मू-कश्मीर के सभी प्रमुख सरकारी दफ्तर हर छह महीने में श्रीनगर और जम्मू के बीच स्थानांतरित होते हैं। गर्मियों में राजधानी श्रीनगर और सर्दियों में जम्मू बनती है।

गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर के केंद्रशासित प्रदेश बनने के बाद लेफ्टिनेंट गवर्नर के प्रशासन ने इस परंपरा को बंद कर दिया था। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की अगुवाई में चुनी हुई सरकार ने इसे पुनः बहाल करने का निर्णय लिया, जिसे प्रशासनिक विकेंद्रीकरण और दोनों क्षेत्रों के प्रति संतुलित प्रतिनिधित्व के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है।

मुख्य घटनाक्रम और बैठक के निर्देश

जनरल एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट (GAD) के कमिश्नर सेक्रेटरी एम. राजू ने बैठक में काफिले के लिए परिवहन और लॉजिस्टिक्स की व्यवस्थाओं पर विस्तृत प्रस्तुति दी। जम्मू में तैनात अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस बैठक में शामिल हुए।

मुख्यमंत्री ने जेकेआरटीसी (JKRTC) के मैनेजिंग डायरेक्टर और ट्रैफिक विभाग को निर्देश दिया कि कर्मचारियों और सामान की सुरक्षित ढुलाई के लिए पर्याप्त बसों की व्यवस्था की जाए। 31 अक्टूबर और 1 नवंबर 2026 को दो चरणों में 'डाउन काफिला' संचालित करने की योजना को मंजूरी दी गई।

सुरक्षा और यातायात प्रबंधन

मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग और अन्य संबद्ध एजेंसियों को नेशनल हाईवे पर व्यापक यातायात प्रबंधन और कर्मचारियों के रिहायशी इलाकों में विशेष सुरक्षा इंतज़ाम करने के निर्देश दिए। जम्मू के डिविजनल कमिश्नर को शहर के भीतर, खासकर बड़े आवासीय क्षेत्रों के पास यातायात व्यवस्था की समीक्षा करने और काफिले के रास्ते में भोजन व सार्वजनिक सुविधाओं के लिए उचित स्थानों की पहचान करने को कहा गया।

बैठक में यह भी बताया गया कि काफिले के मार्ग पर कश्मीर और जम्मू दोनों डिवीजनों में डॉक्टर, पैरामेडिक्स और एम्बुलेंस तैनात की जाएंगी, ताकि चिकित्सा सहायता तत्काल उपलब्ध हो सके।

कर्मचारियों के लिए सुविधाएँ और रोस्टर

मुख्यमंत्री ने सामान्य प्रशासन विभाग को निर्देश दिया कि नवंबर से शुरू होने वाले 'विंटर सचिवालय' में मंत्रियों और प्रशासनिक सचिवों की तैनाती के लिए मासिक रोस्टर जारी किया जाए। श्रीनगर में न्यूनतम स्टाफ के साथ 'विंटर सेक्रेटेरिएट' का कामकाज जारी रहेगा।

कश्मीर-आधारित उन कर्मचारियों को जो 'दरबार मूव' के तहत जम्मू जाएंगे, विशेष आकस्मिक अवकाश (कैजुअल लीव) दिया जाएगा। इस संबंध में जल्द ही आधिकारिक आदेश जारी होने की जानकारी दी गई।

आगे क्या होगा

यह स्थानांतरण उमर अब्दुल्ला सरकार के पहले पूर्ण 'दरबार मूव' के रूप में विशेष महत्व रखता है, क्योंकि यह उनके सत्ता में आने के बाद पहली बार बहाल किया जा रहा है। सभी विभागों को आपस में तालमेल बनाते हुए काम करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जम्मू में सरकारी कामकाज बिना किसी व्यवधान के शुरू हो सके।

संपादकीय दृष्टिकोण

LG शासन से अलग, जम्मू और कश्मीर दोनों क्षेत्रों के प्रति समान रूप से जवाबदेह है। हालाँकि यह परंपरा ऐतिहासिक रूप से प्रशंसनीय रही है, आलोचक यह भी तर्क देते रहे हैं कि इससे हर वर्ष करोड़ों रुपये का सरकारी खर्च और प्रशासनिक व्यवधान होता है। असली कसौटी यह होगी कि क्या यह स्थानांतरण सुचारू रूप से होता है और जम्मू में सेवाएँ बिना देरी के शुरू हो पाती हैं — जो कि पिछले अनुभव में हमेशा सहज नहीं रहा।
RashtraPress
13 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'दरबार मूव' क्या है और यह क्यों होता है?
'दरबार मूव' जम्मू-कश्मीर की वह ऐतिहासिक परंपरा है जिसमें सरकार के सभी प्रमुख दफ्तर हर छह महीने में श्रीनगर और जम्मू के बीच स्थानांतरित होते हैं। गर्मियों में श्रीनगर और सर्दियों में जम्मू राजधानी के रूप में काम करती है। यह परंपरा डोगरा महाराजाओं के शासनकाल से चली आ रही है।
इस बार दरबार मूव कब होगा?
इस वर्ष 'डाउन काफिला' 31 अक्टूबर और 1 नवंबर 2026 को लगातार दो दिनों में श्रीनगर से जम्मू की ओर निकाला जाएगा। JKRTC को कर्मचारियों और सामान के लिए पर्याप्त बसों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।
LG शासन के दौरान दरबार मूव क्यों बंद हुआ था?
जम्मू-कश्मीर के केंद्रशासित प्रदेश बनने के बाद लेफ्टिनेंट गवर्नर प्रशासन ने इस परंपरा को बंद कर दिया था। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की अगुवाई में चुनी हुई सरकार ने सत्ता में आने के बाद इसे पुनः बहाल करने का फैसला किया।
दरबार मूव में जाने वाले कर्मचारियों को क्या सुविधाएँ मिलेंगी?
कश्मीर-आधारित कर्मचारियों को जम्मू जाने पर विशेष आकस्मिक अवकाश दिया जाएगा, जिसके आदेश जल्द जारी होंगे। काफिले के मार्ग पर डॉक्टर, पैरामेडिक्स और एम्बुलेंस की व्यवस्था की जाएगी और भोजन व सार्वजनिक सुविधाओं के लिए उचित स्थान चिह्नित किए जाएंगे।
विंटर सचिवालय में कामकाज कैसे होगा?
नवंबर से शुरू होने वाले 'विंटर सचिवालय' के लिए मंत्रियों और प्रशासनिक सचिवों की तैनाती हेतु मासिक रोस्टर जारी किया जाएगा। श्रीनगर में न्यूनतम स्टाफ के साथ 'विंटर सेक्रेटेरिएट' का कामकाज जारी रहेगा।
राष्ट्र प्रेस
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