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दरबार मूव की वापसी पर विधानसभा अध्यक्ष राथर बोले — लोगों की इच्छा के अनुरूप लिया फैसला

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दरबार मूव की वापसी पर विधानसभा अध्यक्ष राथर बोले — लोगों की इच्छा के अनुरूप लिया फैसला

सारांश

154 साल पुरानी दरबार मूव परंपरा की वापसी सिर्फ एक प्रशासनिक बदलाव नहीं — यह उमर अब्दुल्ला सरकार का जम्मू क्षेत्र के प्रति जुड़ाव का सांकेतिक संदेश है। विधानसभा अध्यक्ष राथर ने इसे जनइच्छा की पूर्ति बताया, जो 2021 में उपराज्यपाल प्रशासन द्वारा रोकी गई थी।

मुख्य बातें

जम्मू-कश्मीर सरकार ने 2 नवंबर 2026 से जम्मू में कामकाज पुनः शुरू किया — दरबार मूव के तहत।
दरबार मूव 154 वर्ष पुरानी परंपरा है, जिसे 1872 में डोगरा शासकों ने शुरू किया था।
उपराज्यपाल प्रशासन ने 2021 में इसे बंद किया था; अक्टूबर 2025 में उमर अब्दुल्ला सरकार ने बहाल किया।
विधानसभा अध्यक्ष अब्दुल रहीम राथर ने परंपरा की वापसी को 'जनइच्छा के अनुरूप' बताया।
राथर ने आगामी बजट सत्र के सुचारू संचालन पर विश्वास जताया; सरकार में चार नए मंत्री शामिल।

जम्मू-कश्मीर विधानसभा के अध्यक्ष अब्दुल रहीम राथर ने 2 नवंबर 2026 को जम्मू में कहा कि 'दरबार मूव' को 2025 में पुनः बहाल करने का निर्णय सरकार ने पूरी समझदारी और जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए लिया है। जम्मू-कश्मीर सरकार ने सोमवार से जम्मू में अपना कार्यालयी कामकाज फिर शुरू कर दिया, जो इसी परंपरा का हिस्सा है।

दरबार मूव: एक ऐतिहासिक परंपरा

दरबार मूव वर्ष में दो बार होने वाली वह परंपरा है जिसमें जम्मू-कश्मीर सरकार अपनी राजधानी और प्रशासनिक कार्यालयों को श्रीनगर और जम्मू के बीच स्थानांतरित करती है। यह परंपरा 154 वर्ष पुरानी है और इसकी नींव 1872 में डोगरा शासकों ने रखी थी। गौरतलब है कि उपराज्यपाल के नेतृत्व वाले प्रशासन ने 2021 में इस परंपरा को बंद कर दिया था। इसके बाद अक्टूबर 2025 में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की सरकार ने इसे पुनः बहाल किया।

राथर का बयान: 'यह नई बात नहीं'

जम्मू में दरबार मूव के पहले दिन विधानसभा कक्ष में पत्रकारों से बातचीत करते हुए राथर ने कहा, 'दरबार मूव कोई नई बात नहीं है। इसमें कोई शक नहीं कि इसे कुछ समय के लिए रोक दिया गया था, लेकिन पिछले साल इसे फिर से शुरू कर दिया गया। हमने जम्मू और कश्मीर के लोगों की वहाँ पूरे छह महीने तक सेवा की। हम यहाँ भी ऐसा ही करेंगे।'

उन्होंने स्पष्ट किया कि यह परंपरा दशकों तक अनवरत जारी रही और महज कुछ वर्षों के लिए इसे विराम दिया गया था। राथर के अनुसार, दरबार मूव की पुनर्बहाली 'लोगों की इच्छा के अनुरूप' है और यह परंपरा आगे भी दोनों क्षेत्रों की जनता की सेवा करती रहेगी।

बजट सत्र और विधायी अनुभव

राथर ने आने वाले बजट सत्र के सुचारू संचालन पर भी भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि उनके पास चार दशकों का राजनीतिक और विधायी अनुभव है, इसलिए सदन का संचालन उनके लिए कोई नई चुनौती नहीं। पिछले बजट सत्र में विपक्ष सहित सभी दलों के प्रतिनिधियों को अपनी बात रखने का पर्याप्त अवसर दिया गया था और लगभग सभी सदस्यों ने कार्यवाही के संचालन पर संतोष व्यक्त किया था।

नए मंत्रियों पर उम्मीद

सरकार में चार नए मंत्रियों को शामिल किए जाने के बारे में पूछे जाने पर राथर ने कहा कि नए और अनुभवी दोनों तरह के मंत्रियों से उनकी यही अपेक्षा है कि वे जनता की आकांक्षाओं के अनुरूप अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे। यह बयान ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर में नई निर्वाचित सरकार अपनी जड़ें मज़बूत करने की कोशिश में है और प्रशासनिक ढाँचे को पुरानी परंपराओं के साथ पुनः जोड़ने की दिशा में कदम उठा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ 2021 से बंद इस परंपरा को लेकर नाराज़गी थी। सवाल यह है कि क्या इस परंपरा की बहाली से दोनों क्षेत्रों के बीच प्रशासनिक असंतुलन की शिकायत वास्तव में दूर होगी, या यह केवल भावनात्मक संतुष्टि तक सीमित रहेगी। प्रशासनिक दक्षता और क्षेत्रीय समानता के बीच यह तनाव जम्मू-कश्मीर की राजनीति में दशकों पुराना है और एक प्रतीकात्मक कदम इसका स्थायी समाधान नहीं है।
RashtraPress
2 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दरबार मूव क्या है और इसे क्यों बहाल किया गया?
दरबार मूव जम्मू-कश्मीर की 154 वर्ष पुरानी परंपरा है जिसमें सरकार अपनी राजधानी और प्रशासनिक कार्यालय गर्मियों में श्रीनगर और सर्दियों में जम्मू स्थानांतरित करती है। इसे 1872 में डोगरा शासकों ने शुरू किया था और 2021 में उपराज्यपाल प्रशासन ने बंद कर दिया था। अक्टूबर 2025 में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की सरकार ने इसे जनभावनाओं को देखते हुए पुनः बहाल किया।
दरबार मूव को किसने और कब बंद किया था?
जम्मू-कश्मीर में उपराज्यपाल के नेतृत्व वाले प्रशासन ने 2021 में दरबार मूव की परंपरा को बंद कर दिया था। इसके बाद अक्टूबर 2025 में निर्वाचित सरकार के सत्ता में आने पर इसे फिर से शुरू किया गया।
विधानसभा अध्यक्ष अब्दुल रहीम राथर ने दरबार मूव पर क्या कहा?
विधानसभा अध्यक्ष अब्दुल रहीम राथर ने कहा कि दरबार मूव कोई नई परंपरा नहीं है और इसे फिर से शुरू करना लोगों की इच्छाओं के अनुरूप है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार कश्मीर में छह महीने काम करने के बाद अब जम्मू में भी उतनी ही सेवा करेगी।
जम्मू-कश्मीर के आगामी बजट सत्र को लेकर क्या स्थिति है?
विधानसभा अध्यक्ष राथर ने आगामी बजट सत्र के सुचारू संचालन पर पूरा भरोसा जताया है। उनके अनुसार चार दशकों के अनुभव के आधार पर सदन चलाना उनके लिए नई चुनौती नहीं है और पिछले सत्र में सभी दलों ने कार्यवाही पर संतोष व्यक्त किया था।
सरकार में नए मंत्रियों को शामिल करने पर राथर की क्या राय है?
विधानसभा अध्यक्ष राथर ने सरकार में शामिल चार नए मंत्रियों के बारे में कहा कि उन्हें नए और अनुभवी दोनों तरह के मंत्रियों से यही उम्मीद है कि वे जनता की इच्छाओं और आकांक्षाओं के अनुरूप काम करेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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