2 नवंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

रामलीला मैदान रैली पर सपा का दावा: इंडी गठबंधन की जीत तय, PM चेहरा चुनाव बाद तय होगा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
रामलीला मैदान रैली पर सपा का दावा: इंडी गठबंधन की जीत तय, PM चेहरा चुनाव बाद तय होगा

सारांश

रामलीला मैदान की रैली ने विपक्ष में नई ऊर्जा भर दी है — सपा नेताओं ने इसे बदलाव की जनआवाज बताया और दावा किया कि इंडी गठबंधन का अपना प्रधानमंत्री होगा। लेकिन PM चेहरे पर राहुल गांधी और अखिलेश यादव के नाम एक साथ उछालना बताता है कि गठबंधन के भीतर भी एकमत अभी दूर है।

मुख्य बातें

सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने रामलीला मैदान की रैली को ऐतिहासिक बताया और कहा कि यह देश की बदलाव की जनभावना का प्रतीक है।
इंडी गठबंधन के प्रधानमंत्री चेहरे के रूप में राहुल गांधी और अखिलेश यादव दोनों के नाम सामने आए; अंतिम फैसला चुनाव जीतने के बाद होगा।
सपा प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने आरोप लगाया कि BJP की आंतरिक राजनीति के कारण केशव प्रसाद मौर्य को किनारे कर दिया गया है।
सपा सांसद रामजीलाल सुमन ने मौर्य को 'नकली उपमुख्यमंत्री' बताया और कहा कि वे विधानसभा चुनाव हार चुके हैं।
सपा विधायक संग्राम यादव ने कहा कि देश की जनता अखिलेश यादव पर भरोसा करती है और पीडीए वर्ग उनके साथ खड़ा है।

नई दिल्ली में रामलीला मैदान पर आयोजित इंडी गठबंधन की विशाल रैली के बाद समाजवादी पार्टी (सपा) के नेताओं ने इसे देश में बदलाव की निर्णायक आवाज करार दिया है। सपा नेताओं ने 2 नवंबर 2026 को एक के बाद एक बयान जारी करते हुए दावा किया कि रैली में उमड़ी भीड़ सत्ता परिवर्तन की जनभावना का प्रतीक है। साथ ही उन्होंने केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी और उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के बयानों पर भी तीखा पलटवार किया।

रैली को लेकर सपा सांसद अवधेश प्रसाद का बयान

सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने रामलीला मैदान की रैली को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इसमें जुटी भीड़ किसी एक दल, व्यक्ति या समाज के किसी खास तबके की नहीं थी — यह पूरे देश और आम जनता की सामूहिक आवाज थी। उन्होंने कहा कि मैदान में पैर रखने तक की जगह नहीं बची थी और आसपास की सड़कों पर भी जनसैलाब उमड़ा हुआ था।

प्रसाद ने स्पष्ट किया कि रैली किसी के विरुद्ध या किसी को नुकसान पहुँचाने के इरादे से नहीं थी, बल्कि यह एक विशाल जनसभा में तब्दील हो गई जो बदलाव की माँग लेकर आई थी।

इंडी गठबंधन का प्रधानमंत्री चेहरा — राहुल गांधी या अखिलेश यादव?

केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि बदलाव प्रकृति का नियम है और जब परिवर्तन की हवा चलने लगे तो उसे रोका नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इंडी गठबंधन का अपना प्रधानमंत्री होगा।

उन्होंने यह भी कहा कि गठबंधन जिसे अपना नेता चुनेगा वही प्रधानमंत्री बनेगा। यह चेहरा राहुल गांधी या समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव हो सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस संबंध में अंतिम फैसला चुनाव जीतने के बाद इंडी गठबंधन के नेता मिलकर करेंगे।

केशव प्रसाद मौर्य पर सपा का पलटवार

सपा प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को उत्तर प्रदेश का अच्छा नेता तो बताया, लेकिन आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) की आंतरिक राजनीति के कारण उन्हें किनारे कर दिया गया है। वर्मा ने कहा कि मौर्य को 'शैडो प्रधानमंत्री' या 'शैडो मुख्यमंत्री' जैसी बातों में उलझने के बजाय चुनाव जीतने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हाल के चुनावों में मौर्य को अपेक्षित सफलता नहीं मिली है।

सपा सांसद रामजीलाल सुमन ने भी मौर्य पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव वास्तविक मुख्यमंत्री रहे हैं और यदि राहुल गांधी प्रधानमंत्री बनते हैं तो वह वास्तविक प्रधानमंत्री होंगे। सुमन ने मौर्य को 'नकली उपमुख्यमंत्री' बताते हुए याद दिलाया कि वे विधानसभा चुनाव हार गए थे। उन्होंने कहा कि जिनका अपना दामन साफ नहीं, उन्हें दूसरों पर आरोप लगाने से पहले अपने आचरण पर ध्यान देना चाहिए।

संग्राम यादव बोले — अखिलेश पर देश को भरोसा

सपा विधायक संग्राम यादव ने कहा कि मौर्य की बातों को कोई गंभीरता से नहीं लेता। उन्होंने रामलीला मैदान की रैली का हवाला देते हुए कहा कि देश के नौजवान लोकतंत्र, संविधान और मतदान के अधिकार की रक्षा के लिए बड़ी संख्या में जुटे और पूरी दुनिया ने यह जनसमूह देखा।

संग्राम यादव ने कहा कि देश की जनता को अखिलेश यादव पर भरोसा है और वे पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) की एक मजबूत आवाज बनकर उभरे हैं। उनके नाम और सपा के चुनाव चिह्न पर उम्मीदवार बड़ी जीत हासिल कर रहे हैं।

आगे क्या होगा

रामलीला मैदान की रैली ने इंडी गठबंधन के भीतर प्रधानमंत्री पद के चेहरे को लेकर बहस को फिर से हवा दे दी है। सपा नेताओं के बयान संकेत देते हैं कि गठबंधन अभी किसी एक नाम पर सहमत नहीं है और चुनाव परिणाम के बाद ही यह फैसला होगा। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह रैली और उसके बाद की बयानबाज़ी आगामी चुनावों से पहले विपक्षी एकजुटता की परीक्षा भी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि प्रधानमंत्री चेहरे को लेकर सपा की दोहरी बात है — एक ही बयान में राहुल गांधी और अखिलेश यादव दोनों के नाम उछालना गठबंधन की भीतरी असहमति को उजागर करता है। विपक्ष बाहर से एकजुट दिखता है, लेकिन सत्ता साझेदारी का खाका अभी कोरा है। केशव प्रसाद मौर्य पर तीखे हमले भी बताते हैं कि सपा की असली रणनीति भाजपा की आंतरिक दरारों को उत्तर प्रदेश में भुनाने की है। यह रैली अगर सचमुच 'बदलाव की आवाज' है, तो विपक्ष को जल्द यह तय करना होगा कि वह आवाज किसकी है।
RashtraPress
2 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रामलीला मैदान की इंडी गठबंधन रैली क्यों महत्वपूर्ण है?
यह रैली विपक्षी एकजुटता का सार्वजनिक प्रदर्शन थी जिसे सपा नेताओं ने देशव्यापी बदलाव की माँग का प्रतीक बताया। सपा सांसद अवधेश प्रसाद के अनुसार मैदान में पैर रखने तक की जगह नहीं बची और आसपास की सड़कों पर भी भारी भीड़ थी।
इंडी गठबंधन का प्रधानमंत्री चेहरा कौन होगा?
सपा सांसद अवधेश प्रसाद के अनुसार यह फैसला चुनाव जीतने के बाद गठबंधन के नेता मिलकर करेंगे। संभावित नामों में राहुल गांधी और अखिलेश यादव दोनों का ज़िक्र किया गया है।
सपा ने केशव प्रसाद मौर्य पर क्या आरोप लगाए?
सपा प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने कहा कि BJP की आंतरिक राजनीति के कारण मौर्य को किनारे कर दिया गया है और उन्हें 'शैडो' पदों की बात छोड़कर चुनाव जीतने पर ध्यान देना चाहिए। सपा सांसद रामजीलाल सुमन ने उन्हें 'नकली उपमुख्यमंत्री' बताते हुए याद दिलाया कि वे विधानसभा चुनाव हार चुके हैं।
सपा का पीडीए फॉर्मूला क्या है?
पीडीए का अर्थ है पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक। सपा विधायक संग्राम यादव के अनुसार अखिलेश यादव इन तीनों वर्गों की मजबूत आवाज बनकर उभरे हैं और उनके नाम पर उम्मीदवार बड़ी जीत हासिल कर रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी के किस बयान पर सपा ने प्रतिक्रिया दी?
स्रोत के अनुसार प्रह्लाद जोशी ने रैली या बदलाव को लेकर कोई बयान दिया था जिसके जवाब में सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि बदलाव प्रकृति का नियम है और जब परिवर्तन की हवा चले तो उसे रोका नहीं जा सकता।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 घंटा पहले
  2. कल
  3. कल
  4. 1 सप्ताह पहले
  5. 3 सप्ताह पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 4 महीने पहले
  8. 7 महीने पहले