रामलीला मैदान रैली पर सपा का दावा: इंडी गठबंधन की जीत तय, PM चेहरा चुनाव बाद तय होगा
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली में रामलीला मैदान पर आयोजित इंडी गठबंधन की विशाल रैली के बाद समाजवादी पार्टी (सपा) के नेताओं ने इसे देश में बदलाव की निर्णायक आवाज करार दिया है। सपा नेताओं ने 2 नवंबर 2026 को एक के बाद एक बयान जारी करते हुए दावा किया कि रैली में उमड़ी भीड़ सत्ता परिवर्तन की जनभावना का प्रतीक है। साथ ही उन्होंने केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी और उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के बयानों पर भी तीखा पलटवार किया।
रैली को लेकर सपा सांसद अवधेश प्रसाद का बयान
सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने रामलीला मैदान की रैली को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इसमें जुटी भीड़ किसी एक दल, व्यक्ति या समाज के किसी खास तबके की नहीं थी — यह पूरे देश और आम जनता की सामूहिक आवाज थी। उन्होंने कहा कि मैदान में पैर रखने तक की जगह नहीं बची थी और आसपास की सड़कों पर भी जनसैलाब उमड़ा हुआ था।
प्रसाद ने स्पष्ट किया कि रैली किसी के विरुद्ध या किसी को नुकसान पहुँचाने के इरादे से नहीं थी, बल्कि यह एक विशाल जनसभा में तब्दील हो गई जो बदलाव की माँग लेकर आई थी।
इंडी गठबंधन का प्रधानमंत्री चेहरा — राहुल गांधी या अखिलेश यादव?
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि बदलाव प्रकृति का नियम है और जब परिवर्तन की हवा चलने लगे तो उसे रोका नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इंडी गठबंधन का अपना प्रधानमंत्री होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि गठबंधन जिसे अपना नेता चुनेगा वही प्रधानमंत्री बनेगा। यह चेहरा राहुल गांधी या समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव हो सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस संबंध में अंतिम फैसला चुनाव जीतने के बाद इंडी गठबंधन के नेता मिलकर करेंगे।
केशव प्रसाद मौर्य पर सपा का पलटवार
सपा प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को उत्तर प्रदेश का अच्छा नेता तो बताया, लेकिन आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) की आंतरिक राजनीति के कारण उन्हें किनारे कर दिया गया है। वर्मा ने कहा कि मौर्य को 'शैडो प्रधानमंत्री' या 'शैडो मुख्यमंत्री' जैसी बातों में उलझने के बजाय चुनाव जीतने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हाल के चुनावों में मौर्य को अपेक्षित सफलता नहीं मिली है।
सपा सांसद रामजीलाल सुमन ने भी मौर्य पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव वास्तविक मुख्यमंत्री रहे हैं और यदि राहुल गांधी प्रधानमंत्री बनते हैं तो वह वास्तविक प्रधानमंत्री होंगे। सुमन ने मौर्य को 'नकली उपमुख्यमंत्री' बताते हुए याद दिलाया कि वे विधानसभा चुनाव हार गए थे। उन्होंने कहा कि जिनका अपना दामन साफ नहीं, उन्हें दूसरों पर आरोप लगाने से पहले अपने आचरण पर ध्यान देना चाहिए।
संग्राम यादव बोले — अखिलेश पर देश को भरोसा
सपा विधायक संग्राम यादव ने कहा कि मौर्य की बातों को कोई गंभीरता से नहीं लेता। उन्होंने रामलीला मैदान की रैली का हवाला देते हुए कहा कि देश के नौजवान लोकतंत्र, संविधान और मतदान के अधिकार की रक्षा के लिए बड़ी संख्या में जुटे और पूरी दुनिया ने यह जनसमूह देखा।
संग्राम यादव ने कहा कि देश की जनता को अखिलेश यादव पर भरोसा है और वे पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) की एक मजबूत आवाज बनकर उभरे हैं। उनके नाम और सपा के चुनाव चिह्न पर उम्मीदवार बड़ी जीत हासिल कर रहे हैं।
आगे क्या होगा
रामलीला मैदान की रैली ने इंडी गठबंधन के भीतर प्रधानमंत्री पद के चेहरे को लेकर बहस को फिर से हवा दे दी है। सपा नेताओं के बयान संकेत देते हैं कि गठबंधन अभी किसी एक नाम पर सहमत नहीं है और चुनाव परिणाम के बाद ही यह फैसला होगा। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह रैली और उसके बाद की बयानबाज़ी आगामी चुनावों से पहले विपक्षी एकजुटता की परीक्षा भी है।