भीम स्टेडियम को ₹50 करोड़: सांसद धर्मबीर सिंह ने CM सैनी का जताया आभार, बॉक्सिंग एक्सीलेंस सेंटर की उठाई माँग
सारांश
मुख्य बातें
हरियाणा के भिवानी स्थित ऐतिहासिक भीम स्टेडियम के आधुनिकीकरण के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ₹50 करोड़ की एकमुश्त स्वीकृति दी है, जिस पर भिवानी के सांसद चौधरी धर्मबीर सिंह ने 2 नवंबर 2026 को मुख्यमंत्री का सार्वजनिक आभार व्यक्त किया। सांसद ने यह भी घोषणा की कि वे खिलाड़ियों के लिए एक 'बॉक्सिंग एक्सीलेंस सेंटर' स्थापित कराने और चोट-उपचार केंद्र की सुविधा दिलाने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य एवं खेल मंत्री को पत्र लिख चुके हैं।
मुख्य घटनाक्रम
खेल विभाग के अधिकारियों ने खिलाड़ियों की ज़रूरतें जानने के बाद एक विस्तृत सूची तैयार कर हरियाणा सरकार को अनुमान भेजा था। इसी आधार पर मुख्यमंत्री सैनी ने भीम स्टेडियम के लिए आधुनिक खेल सुविधाओं और उपकरणों की खरीद हेतु ₹50 करोड़ की स्वीकृति दी। सांसद धर्मबीर सिंह ने कहा, 'स्टेडियम की सीढ़ियाँ भी अब टूटने लगी हैं। समय के साथ हर चीज़ पुरानी होती है और भीम स्टेडियम की उम्र का असर दिखाई देने लगता है।'
हरियाणा की खेल नीति: क्यों है चर्चा में
सांसद ने मीडिया से बातचीत में बताया कि हरियाणा में खिलाड़ियों को दिए जाने वाले नकद पुरस्कार शायद देश के किसी अन्य राज्य में इतने अधिक नहीं हैं। उन्होंने कहा, 'यही वजह है कि दूसरे राज्यों के खिलाड़ी भी हरियाणा की खेल नीति से प्रभावित होकर यहाँ अपना नाम दर्ज करवाना चाहते हैं।'
इसका एक जीवंत उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि एक बालिका का जन्म राजस्थान में हुआ था और शादी महेंद्रगढ़ जिले, हरियाणा में हुई। उसके माता-पिता ने बार-बार आग्रह किया कि उनकी बेटी की शादी हरियाणा में हुई है, फिर भी उसका नाम राज्य की सूची में शामिल नहीं होने का दर्द उन्हें सता रहा है। यह प्रसंग बताता है कि राज्य की खेल नीति किस हद तक आकर्षण का केंद्र बन चुकी है।
बॉक्सिंग एक्सीलेंस सेंटर और चोट-उपचार की माँग
सांसद धर्मबीर सिंह ने स्पष्ट किया कि भिवानी को बॉक्सिंग के गढ़ के रूप में स्थापित करने के लिए एक समर्पित 'बॉक्सिंग एक्सीलेंस सेंटर' की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, 'हमने इस माँग को सरकार के सामने रखा है और उम्मीद है कि यह जल्द पूरी होगी।' इसके साथ ही चोट के उपचार के लिए एक विशेष केंद्र की स्थापना हेतु उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य और खेल मंत्री को पत्र लिखा है।
गौरतलब है कि भिवानी 'बॉक्सिंग की नर्सरी' के रूप में प्रसिद्ध है और यहाँ के खिलाड़ी राष्ट्रमंडल खेलों, एशियाई खेलों और ओलंपिक में देश का नाम रोशन कर चुके हैं। बेहतर आधारभूत ढाँचे की कमी अक्सर प्रतिभावान खिलाड़ियों की राह में बाधा बनती रही है।
आम खिलाड़ियों पर असर
सांसद का मानना है कि ₹50 करोड़ की राशि से स्टेडियम में आधुनिक उपकरण, बेहतर अभ्यास सुविधाएँ और खिलाड़ियों के लिए अनुकूल माहौल तैयार होगा। उन्होंने कहा, 'जिले में जब सुविधाएँ मिल जाएंगी तो खिलाड़ी कॉमनवेल्थ, एशियाड या ओलंपिक में और अच्छा प्रदर्शन करेंगे।'
क्या होगा आगे
अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि ₹50 करोड़ की स्वीकृत राशि कितनी जल्दी ज़मीन पर उतरती है और बॉक्सिंग एक्सीलेंस सेंटर की माँग केंद्र से हरी झंडी पाती है या नहीं। यह कदम हरियाणा को खेल अवसंरचना के मोर्चे पर और मज़बूत करने की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है।