रामलीला मैदान रैली पर BJP का पलटवार: 'खाली कुर्सियाँ बोलती हैं, कांग्रेस करे आत्ममंथन'
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली में रामलीला मैदान पर 2 नवंबर 2026 को आयोजित इंडिया ब्लॉक की रैली और उसमें कांग्रेस नेता राहुल गांधी के दिए गए बयानों पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने तीखा पलटवार किया है। उत्तर प्रदेश से BJP के राज्यसभा सांसद प्रकाश पाल और आंध्र प्रदेश से BJP नेता विनूषा रेड्डी ने रैली को पूरी तरह 'फ्लॉप' करार देते हुए राहुल गांधी के दावों पर सवाल खड़े किए।
प्रकाश पाल का पलटवार
लखनऊ में मीडिया से बात करते हुए सांसद प्रकाश पाल ने राहुल गांधी के उस बयान पर निशाना साधा, जिसमें उन्होंने कहा था कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर कार्रवाई होगी। प्रकाश पाल ने इसे 'मुंगेरीलाल के हसीन सपने' बताया।
पाल ने कहा, 'इन्होंने 10 लाख लोगों के आने का दावा किया था, लेकिन वे मैदान तक नहीं भर पाए। लोग इनका भाषण सुनने से पहले ही वापस चले गए।' उन्होंने विपक्ष पर यह भी आरोप लगाया कि वह हमेशा त्योहारों के मौसम — दुर्गा पूजा, गणेश उत्सव, विश्वकर्मा पूजा — को ही आंदोलन के लिए चुनता है।
पाल ने कहा, 'अभी दीपावली और छठ पूजा आ रही है, और ये उसी समय आंदोलन कर रहे हैं। स्थानीय व्यापारियों ने भी आग्रह किया था कि कार्यक्रम दीपावली के बाद करें, लेकिन राहुल गांधी ने जवाब दिया कि जाकर मोदी को बोलो।' इसके बाद पाल ने एक विवादास्पद तुलना करते हुए — जिसे BJP के आरोप के रूप में रिपोर्ट किया जा रहा है — कहा कि यही भाषा पहलगाम हमले के आतंकवादियों ने भी इस्तेमाल की थी।
विनूषा रेड्डी ने भीड़ के आँकड़ों पर उठाए सवाल
कुरनूल से BJP नेता विनूषा रेड्डी ने दावा किया कि रामलीला मैदान के केवल 30 से 40 प्रतिशत हिस्से को ही कार्यक्रम के लिए उपयोग में लाया गया था — उनके अनुसार, ताकि बाकी का खाली मैदान दिखाई न दे। रेड्डी ने कहा कि मैदान की अधिकतम क्षमता लगभग 50 हज़ार लोगों की है, और वहाँ भी 'खाली कुर्सियाँ' नज़र आईं।
रेड्डी ने कहा, 'इसका मतलब है कि वहाँ मुश्किल से 30 से 50 हज़ार लोग ही पहुँचे थे।' गौरतलब है कि इंडिया ब्लॉक ने रैली में 10 से 15 लाख लोगों के आने का दावा किया था। दोनों पक्षों के भीड़ के आँकड़े परस्पर विरोधी हैं और इनकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है।
एसआईआर और ईवीएम के दावों पर BJP का जवाब
विनूषा रेड्डी ने राहुल गांधी के उस बयान को 'बेतुका' करार दिया, जिसमें उन्होंने कहा कि एसआईआर (SIR) प्रक्रिया के जरिए वोट काटे गए और इसी वजह से कांग्रेस ने 2024 का लोकसभा चुनाव गँवाया। रेड्डी ने तर्क दिया कि यह प्रक्रिया 2025 में हुई थी, इसलिए इसका 2024 के चुनाव परिणाम पर असर पड़ना तार्किक रूप से संभव नहीं है।
रेड्डी ने यह भी कहा कि ईवीएम में हेरफेर और मतदाता सूची में गड़बड़ी जैसे मुद्दों का देश की आम जनता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ रहा। उनके अनुसार, 'लोग अब इन बातों पर भरोसा नहीं करते — कांग्रेस को जनता से जुड़े असली मुद्दों को उठाना चाहिए।'
जंतर-मंतर बनाम रामलीला मैदान: BJP का आरोप
विनूषा रेड्डी ने यह भी आरोप लगाया कि विपक्षी दल बार-बार जंतर-मंतर पर कार्यक्रम करने की माँग इसलिए करते थे क्योंकि वहाँ केवल 1,000 से 2,000 लोगों की क्षमता है, जहाँ 'पेशेवर प्रदर्शनकारियों' की भीड़ जमा की जा सकती थी। उन्होंने कहा कि रामलीला मैदान जैसे बड़े मंच पर आते ही 'सच्चाई सबके सामने आ गई।'
आगे क्या
यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली विधानसभा चुनाव की पृष्ठभूमि में राजनीतिक सक्रियता बढ़ी हुई है और इंडिया ब्लॉक अपनी जमीनी पकड़ मज़बूत करने की कोशिश में है। BJP की यह प्रतिक्रिया विपक्ष की जनाधार-परीक्षण की कोशिश पर सीधा प्रहार है। आने वाले दिनों में कांग्रेस की ओर से इन आरोपों पर जवाब आने की संभावना है।