बॉम्बे हाईकोर्ट ने इमरान खान की 'लीव इंडिया' नोटिस पर रोक 7 दिसंबर तक बढ़ाई, बिना शर्त माफी का निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
बॉलीवुड अभिनेता इमरान खान को 2 नवंबर 2026 को बॉम्बे हाईकोर्ट से अंतरिम राहत मिली, जब अदालत ने विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (FRRO) द्वारा जारी 'लीव इंडिया' नोटिस पर लगी रोक को 7 दिसंबर तक बढ़ा दिया। यह मामला अभिनेता के ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया (OCI) कार्ड के कथित उल्लंघन से जुड़ा है। हालांकि अदालत ने स्पष्ट किया कि राहत के लिए इमरान खान को बिना शर्त माफी मांगनी होगी।
मामले की पृष्ठभूमि
यह विवाद 10 अक्टूबर 2026 को मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान के निकट हुए एक प्रदर्शन से उपजा है। उस दिन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विरोध में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर प्रदर्शन हो रहा था। इमरान खान अपनी पार्टनर लेखा वाशिंगटन के साथ वहाँ मौजूद थे, और पुलिस ने उन्हें कुछ समय के लिए हिरासत में लिया था।
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता किरीट सोमैया की शिकायत के बाद FRRO ने 14 अक्टूबर को इमरान खान को नोटिस जारी कर 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का निर्देश दिया। इसके अलावा 17 अक्टूबर को उनके OCI कार्ड का पंजीकरण रद्द करने को लेकर कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया था।
अदालत में क्या हुआ
सुनवाई के दौरान अदालत ने इमरान खान की प्रदर्शन में मौजूदगी पर कड़े सवाल उठाए। जज ने पूछा कि OCI कार्डधारक होने के बावजूद वे राजनीतिक प्रदर्शन में क्यों शामिल हुए — क्या यह किसी फिल्म की रिलीज़ या प्रमोशन के लिए था? अदालत ने यह भी रेखांकित किया कि OCI कार्डधारकों को भारतीय नागरिकों के समान सभी अधिकार प्राप्त नहीं होते और उन्हें निर्धारित नियमों का पालन अनिवार्य रूप से करना होता है।
अदालत ने यह भी सवाल किया कि इमरान खान पिछले 42 वर्षों से भारत में रह रहे हैं, यहाँ शिक्षा प्राप्त की है और करियर बनाया है, फिर भी उन्होंने भारतीय नागरिकता क्यों नहीं ली। इस पर अदालत ने 'वसुधैव कुटुंबकम' का भी उल्लेख करते हुए कहा कि अभिनेता को अपना पक्ष रखने का उचित अवसर मिलना चाहिए।
बचाव पक्ष की दलीलें
इमरान खान की ओर से पेश वकील ने तर्क दिया कि अभिनेता का उस प्रदर्शन का आयोजन करने वाले संगठन से कोई संबंध नहीं है। वकील ने बताया कि इमरान खान ने भारत में ही शिक्षा प्राप्त की है और लंबे समय से यहीं निवास कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका में वे केवल लगभग दो वर्ष रहे थे। इसके अतिरिक्त, वकील ने यह भी तर्क दिया कि FIR में अभिनेता के विरुद्ध कोई विशेष आरोप नहीं है और दर्ज धाराएँ जमानती हैं।
अभिनेता ने अदालत को आश्वस्त किया कि वे आवश्यक शर्तों का पालन करने और हर प्रकार का आश्वासन देने के लिए तत्पर हैं।
FRRO का पक्ष और अदालत का निर्देश
FRRO की ओर से अदालत को बताया गया कि इमरान खान अमेरिकी नागरिक हैं और उनके पास OCI कार्ड है। विभाग ने स्पष्ट किया कि OCI नियमों के उल्लंघन की स्थिति में कार्रवाई करने का उसे वैधानिक अधिकार है।
अदालत ने इन दोनों पक्षों को सुनने के बाद 'लीव इंडिया' नोटिस पर रोक को 7 दिसंबर तक बढ़ा दिया। साथ ही स्पष्ट किया कि केवल भविष्य में नियमों का पालन करने का आश्वासन पर्याप्त नहीं होगा — इमरान खान को बिना शर्त माफी मांगनी होगी।
आगे क्या होगा
मामले की अगली सुनवाई 7 दिसंबर 2026 को निर्धारित है। तब तक FRRO की नोटिस पर रोक बरकरार रहेगी और इमरान खान भारत में रह सकेंगे। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अभिनेता बिना शर्त माफी मांगते हैं या नहीं, क्योंकि इस पर ही उनकी आगे की राहत निर्भर करती है।