28 अक्टूबर 2026
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बॉम्बे हाईकोर्ट ने इमरान खान को अंतरिम राहत दी, भारत छोड़ने के नोटिस पर 2 नवंबर तक रोक

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बॉम्बे हाईकोर्ट ने इमरान खान को अंतरिम राहत दी, भारत छोड़ने के नोटिस पर 2 नवंबर तक रोक

सारांश

बॉलीवुड अभिनेता इमरान खान को बॉम्बे हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है — 'भारत छोड़ो' नोटिस पर 2 नवंबर तक रोक लगा दी गई है। OCI कार्डधारक के रूप में राजनीतिक प्रदर्शन में हिस्सा लेने का आरोप है, जिसे अभिनेता मनमाना बता रहे हैं।

मुख्य बातें

बॉम्बे हाईकोर्ट ने 27 अक्टूबर 2026 को अभिनेता इमरान खान को अंतरिम राहत देते हुए 'भारत छोड़ो' नोटिस के अमल पर रोक लगाई।
केंद्र सरकार ने नोटिस में अभिनेता को 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का निर्देश दिया था।
मामले की अगली सुनवाई 2 नवंबर को दोपहर 3 बजे निर्धारित की गई है।
FRRO का आरोप है कि OCI कार्डधारक इमरान ने विदेशी अधिनियम का उल्लंघन कर राजनीतिक प्रदर्शन में भाग लिया।
इमरान ने याचिका में कार्रवाई को मनमाना बताया; कहा — बिना कारण बताओ नोटिस के 14 दिन में देश छोड़ने का आदेश दिया गया।

बॉलीवुड अभिनेता इमरान खान को मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को बॉम्बे हाईकोर्ट से बड़ी अंतरिम राहत मिली, जब अदालत ने केंद्र सरकार द्वारा जारी 'भारत छोड़ो' नोटिस के क्रियान्वयन पर तत्काल रोक लगा दी। इस नोटिस में अभिनेता को 28 अक्टूबर तक देश छोड़ने का निर्देश दिया गया था। हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 2 नवंबर को दोपहर 3 बजे के लिए निर्धारित की है।

मामले की पृष्ठभूमि

यह विवाद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग को लेकर आयोजित एक राजनीतिक विरोध प्रदर्शन में इमरान खान की कथित भागीदारी से जुड़ा है। विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (FRRO) ने अपने आदेश में आरोप लगाया कि इमरान — जो भारतीय नागरिक नहीं हैं, बल्कि ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया (OCI) कार्डधारक हैं — ने एक राजनीतिक प्रदर्शन में हिस्सा लेकर विदेशी अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन किया।

गौरतलब है कि OCI कार्डधारकों को भारत में लंबे समय तक रहने का अधिकार है, परंतु वे राजनीतिक गतिविधियों में भाग लेने के पात्र नहीं माने जाते। अधिकारियों के अनुसार, इसी आधार पर अभिनेता को 14 दिनों के भीतर भारत छोड़ने का निर्देश जारी किया गया था।

इमरान खान की याचिका में क्या है

अभिनेता ने हाईकोर्ट में दायर अपनी याचिका में इस पूरी कार्रवाई को 'मनमाना और न्याय के सिद्धांतों के विरुद्ध' बताया है। याचिका में तर्क दिया गया है कि उन्हें बिना किसी प्रारंभिक जाँच, कारण बताओ नोटिस या अपना पक्ष रखने का अवसर दिए सीधे देश छोड़ने का आदेश दे दिया गया।

याचिका में यह भी कहा गया है कि जहाँ विरोध प्रदर्शन हुआ, वह स्थान किसी प्रतिबंधित क्षेत्र के रूप में अधिसूचित नहीं था। इमरान के अनुसार, उन्होंने न किसी बैरिकेड को पार किया और न ही प्रदर्शन के दौरान किसी कानून का उल्लंघन किया। उनका दावा है कि वे प्रदर्शन स्थल से निकलने की तैयारी कर रहे थे, तभी मीडियाकर्मियों ने उन्हें घेर लिया और इसके बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया।

अदालत में सुनवाई का घटनाक्रम

सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से उपस्थित अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (ASG) ने अदालत से अनुरोध किया कि मामले की सुनवाई अगले सप्ताह तक स्थगित की जाए और तब तक इमरान के विरुद्ध कोई दंडात्मक कार्रवाई न की जाए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के पश्चात हाईकोर्ट की पीठ ने नोटिस के अमल पर रोक बरकरार रखने का फैसला सुनाया।

आगे क्या होगा

अदालत के अंतरिम आदेश के चलते 2 नवंबर 2026 को अगली सुनवाई तक इमरान खान के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती। यह मामला विदेशी अधिनियम के अंतर्गत OCI कार्डधारकों की अभिव्यक्ति एवं सभा की स्वतंत्रता की सीमाओं से जुड़े महत्वपूर्ण कानूनी प्रश्न उठाता है। अगली सुनवाई में केंद्र सरकार को अपना पूर्ण जवाब दाखिल करना होगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इमरान खान को भारत छोड़ने का नोटिस क्यों जारी किया गया?
विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (FRRO) ने आरोप लगाया कि OCI कार्डधारक इमरान खान ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की माँग से जुड़े एक राजनीतिक विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया, जो विदेशी अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन है। इसी आधार पर उन्हें 14 दिनों के भीतर भारत छोड़ने का निर्देश दिया गया।
बॉम्बे हाईकोर्ट ने इमरान खान को क्या राहत दी?
बॉम्बे हाईकोर्ट ने 27 अक्टूबर 2026 को भारत छोड़ने के नोटिस के क्रियान्वयन पर अंतरिम रोक लगा दी और अगली सुनवाई तक अभिनेता के विरुद्ध किसी भी दंडात्मक कार्रवाई पर प्रतिबंध लगाया। अगली सुनवाई 2 नवंबर 2026 को दोपहर 3 बजे निर्धारित है।
OCI कार्डधारक भारत में राजनीतिक गतिविधि में भाग ले सकते हैं?
नहीं — OCI कार्डधारकों को भारत में दीर्घकालिक निवास का अधिकार है, लेकिन वे राजनीतिक गतिविधियों में भाग लेने के पात्र नहीं माने जाते। विदेशी अधिनियम के तहत इस तरह की भागीदारी को उल्लंघन माना जा सकता है, हालाँकि इसकी सटीक कानूनी परिभाषा इस मामले में विवाद का मुख्य बिंदु है।
इमरान खान ने अपनी याचिका में क्या तर्क दिए?
इमरान ने याचिका में कहा कि बिना कारण बताओ नोटिस या अपना पक्ष रखने का मौका दिए उन्हें मनमाने ढंग से देश छोड़ने का आदेश दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदर्शन स्थल किसी प्रतिबंधित क्षेत्र में नहीं था और उन्होंने कोई बैरिकेड नहीं तोड़ा।
इस मामले में आगे क्या होगा?
बॉम्बे हाईकोर्ट में अगली सुनवाई 2 नवंबर 2026 को दोपहर 3 बजे होगी, जिसमें केंद्र सरकार को अपना पूर्ण जवाब प्रस्तुत करना होगा। तब तक नोटिस के क्रियान्वयन पर रोक जारी रहेगी और इमरान खान भारत में रह सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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