अभिनेता इमरान खान को भारत छोड़ने का निर्देश: विपक्ष ने लगाया मुस्लिम फोबिया का आरोप, भाजपा ने किया बचाव
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेता इमरान खान को 28 अक्टूबर 2026 तक भारत छोड़ने का निर्देश दिए जाने के बाद मुंबई में राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने मुंबई पुलिस और इमिग्रेशन विभाग की कार्रवाई का समर्थन किया, जबकि ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रवक्ता वारिस पठान ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं को 'मुस्लिम फोबिया' हो गया है।
मामले की पृष्ठभूमि
अमेरिकी नागरिक इमरान खान, जो हिंदी सिनेमा में काम कर चुके हैं, भारत में वीजा पर रह रहे थे। अधिकारियों के अनुसार, एक प्रदर्शन में भाग लेने के बाद उन्हें हिरासत में लिया गया, जहाँ उनकी विदेशी नागरिकता की जानकारी सामने आई। इसके बाद उन्हें 28 अक्टूबर तक देश छोड़ने का निर्देश दे दिया गया।
शिवसेना का रुख: वीजा नियमों का उल्लंघन
शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने पुलिस की कार्रवाई का पूरा बचाव करते हुए कहा, 'हिंदी फिल्मों के फ्लॉप अभिनेता और सालों से बेरोजगार रह रहे इमरान खान अमेरिकी नागरिक हैं। वह भारत में वीजा पर रह रहे हैं। वीजा नियमों के हिसाब से अगर कोई विदेशी नागरिक भारत में रह रहा है, तो वह भारत सरकार के खिलाफ किसी प्रदर्शन या आंदोलन में शामिल नहीं हो सकता।'
निरुपम ने आगे कहा, 'इमरान ने जोश में आकर इन शर्तों का उल्लंघन किया, जिसके बाद उन्हें हिरासत में लिया गया। हिरासत में लिए जाने के बाद उनकी विदेशी नागरिकता से जुड़ी जानकारी सामने आई और इसके बाद उन्हें 28 अक्टूबर तक भारत से जाने के लिए कहा गया।'
AIMIM का पलटवार: 'खान' नाम पर निशाना
AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने इस कार्रवाई पर तीखा सवाल उठाते हुए कहा, 'भाजपा नेताओं को मुस्लिम फोबिया हो गया है, जहाँ इनको 'खान' दिखता है, वहीं इनको परेशानी होने लगती है। हमने इस प्रदर्शन में और लोगों के चेहरे भी देखे हैं। क्या सरकार ने उन्हें भी नोटिस थमाया है?' उन्होंने यह भी कहा कि 'इमरान खान कोई आतंकवादी नहीं थे। बस सरकार को एक मौका मिल गया। यह मुस्लिम फोबिया है और कुछ नहीं।'
गौरतलब है कि पठान ने यह भी स्वीकार किया कि इमरान भारतीय नागरिक नहीं हैं, लेकिन उन्होंने कार्रवाई के पीछे की मंशा पर सवाल उठाना जरूरी बताया।
भाजपा नेताओं के आरोप: विदेशी फंडिंग और अराजकता
भाजपा विधायक परिणय फुके ने नागपुर में मुंबई पुलिस की कार्रवाई का समर्थन करते हुए इमरान पर प्रदर्शन के जरिए देश की छवि खराब करने की कोशिश का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, 'इमरान खान जैसे आस्तीन के सांप प्रदर्शन में घुसकर देश का नाम बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं।'
भाजपा नेता किरीट सोमैया ने एक रिकॉर्ड किए गए वीडियो में दावा किया, 'अमेरिकी नागरिक इमरान खान को पाकिस्तान से फंडिंग और कुछ अन्य देशों से समर्थन मिल रहा है। इस मदद का इस्तेमाल भारत में अराजकता फैलाने और साजिशों में शामिल होने के लिए किया जा रहा है।' यह उल्लेखनीय है कि ये आरोप कथित तौर पर लगाए गए हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। सोमैया ने पहले इमरान के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी और पुलिस जाँच पूरी होने तक यात्रा प्रतिबंध लगाने की माँग भी की थी।
आगे क्या
इमरान खान को 28 अक्टूबर 2026 तक भारत छोड़ना अनिवार्य है। यह ऐसे समय में आया है जब राजनीतिक प्रदर्शनों में विदेशी नागरिकों की भागीदारी और वीजा नियमों के उल्लंघन को लेकर देशभर में बहस तेज है। विपक्षी दलों ने इस मामले को धार्मिक पहचान से जोड़ते हुए सत्तारूढ़ दल पर चुनिंदा कार्रवाई का आरोप लगाना जारी रखा है।