इमरान खान को भारत छोड़ने के नोटिस पर अशोक पंडित बोले — 'अधिकारों के लिए पहले भारतीय होना ज़रूरी'
सारांश
मुख्य बातें
फिल्ममेकर और फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) के चीफ एडवाइजर अशोक पंडित ने 15 अक्टूबर 2026 को अभिनेता इमरान खान को मुंबई पुलिस द्वारा भारत छोड़ने का नोटिस दिए जाने के फैसले का खुलकर स्वागत किया। पंडित ने स्पष्ट कहा कि भारत में संवैधानिक अधिकारों की दावेदारी करने से पहले व्यक्ति का भारतीय नागरिक होना अनिवार्य है।
मुख्य घटनाक्रम
मुंबई पुलिस ने अभिनेता इमरान खान — जो अभिनेता आमिर खान के भांजे हैं — को नोटिस जारी कर 28 अक्टूबर 2026 तक भारत छोड़ने का निर्देश दिया है। यह कार्रवाई मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन में उनकी कथित भागीदारी के बाद की गई। इमरान को 10 अक्टूबर 2026 को उक्त प्रदर्शन के सिलसिले में पुलिस ने हिरासत में लिया था।
उनके खिलाफ इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट की धारा 7 और 29 के तहत कार्रवाई की गई है। अधिकारियों के अनुसार, इमरान खान भारतीय नागरिक नहीं हैं और इसके बावजूद वे इस विरोध प्रदर्शन में सम्मिलित हुए।
अशोक पंडित की प्रतिक्रिया
अशोक पंडित ने कहा, 'देश के नागरिकों को संविधान और कानून को समझना चाहिए और उनका सम्मान करना चाहिए। मेरे हिसाब से इमरान खान को भारत छोड़ने के लिए कहे जाने का फैसला सही है, क्योंकि देश में हर काम संविधान और कानून के दायरे में होता है।'
उन्होंने आगे जोड़ा, 'इमरान अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतर आए, लेकिन उन्हें यह समझना चाहिए कि उनके अधिकार क्या हैं। भारतीय के तौर पर अपने अधिकारों के लिए लड़ने के लिए पहले भारतीय होना ज़रूरी है। यह उनके लिए एक सीख साबित होगी।'
प्रदर्शन पर तीखी टिप्पणी
पंडित ने विरोध प्रदर्शन में इमरान की भागीदारी पर कटाक्ष करते हुए कहा, 'ऐसा लगा जैसे वह किसी गंभीर मुद्दे के बजाय शिवाजी पार्क में क्रिकेट खेलने पहुँचे हों।' उन्होंने आरोप लगाया कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर संविधान और कानून का मज़ाक नहीं बनाया जाना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई व्यक्ति इंडस्ट्री में वापसी करने या अपना करियर बनाने के लिए गंभीर राष्ट्रीय मुद्दों का उपयोग करता है, तो यह उचित नहीं है। पंडित के अनुसार, सरकार ने ऐसे मामलों में सख्त रुख अपनाकर सही कदम उठाया है।
कानूनी पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट के तहत किसी विदेशी नागरिक की राजनीतिक गतिविधियों में भागीदारी भारतीय कानून में प्रतिबंधित मानी जाती है। यह ऐसे समय में आया है जब देश में चुनाव आयोग से जुड़ी बहसें तेज़ हो रही हैं और कई शहरों में विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला जारी है।
आगे क्या होगा
इमरान खान को 28 अक्टूबर 2026 तक भारत छोड़ना होगा, अन्यथा आगे की कानूनी कार्रवाई संभव है। यह मामला मनोरंजन जगत और राजनीतिक हलकों दोनों में चर्चा का विषय बना हुआ है, और इसकी कानूनी परिणति पर सबकी निगाहें टिकी हैं।