'लिटिल थॉमस' में रसिका दुग्गल: 'बच्चों की जिज्ञासा को कम मत आँको, उनकी नजर से दुनिया देखना खूबसूरत है'
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेत्री रसिका दुग्गल इन दिनों अपनी आगामी फिल्म 'लिटिल थॉमस' को लेकर चर्चा में हैं। 28 अक्टूबर 2026 को मुंबई में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने हिंदी सिनेमा में कहानी कहने के बदलते तरीकों और एक बच्चे की जिज्ञासा को केंद्र में रखकर बनी इस फिल्म की खासियत के बारे में खुलकर अपने विचार साझा किए। रसिका का कहना है कि तकनीक की चकाचौंध के बीच सरल लेकिन गहरी कहानियाँ अपनी अलग जगह रखती हैं।
तकनीक बनाम सादगी: रसिका का नजरिया
रसिका ने कहा, 'आज टेक्नोलॉजी ने फिल्ममेकर्स को कई तरह के रास्ते दिए हैं। ऐसे में फिल्मों में बड़े स्तर और भव्यता पर जोर देना स्वाभाविक है। लेकिन कभी-कभी इस सबके बीच हम ऐसी कहानी की खूबसूरती भूल जाते हैं, जो सरल हो, लेकिन सतही न हो।' उनके मुताबिक, रोजमर्रा की जिंदगी से उठाई गई कहानियाँ दर्शकों से गहरे स्तर पर जुड़ती हैं, क्योंकि वे हमारे अपने अनुभवों और नजरिए की परछाईं होती हैं।
निर्देशक कौशल ओझा की अनूठी शैली
रसिका ने फिल्म के निर्देशक कौशल ओझा की फिल्म बनाने की शैली की जमकर तारीफ की। उनके अनुसार, ओझा का शांत और सहज तरीका उन्हें अपने समकालीनों से अलग करता है। अभिनेत्री ने कहा, 'कहानी कहने के उनके अंदाज में यह भरोसा है कि किसी फिल्म को दर्शकों से जुड़ने के लिए हमेशा भव्य माहौल या पेचीदा कहानी की जरूरत नहीं होती। कभी-कभी सबसे साधारण विचार ही सबसे दिलचस्प कहानियाँ बन जाते हैं।' यह ऐसे समय में आया है जब बड़े बजट और विजुअल इफेक्ट्स से लदी फिल्मों का बोलबाला है।
'लिटिल थॉमस' की कहानी और थॉमस की जिज्ञासा
रसिका ने फिल्म की केंद्रीय कहानी के बारे में बताते हुए कहा, 'फिल्म में थॉमस नाम का एक बच्चा यह जानना चाहता है कि बच्चे कहाँ से आते हैं। साथ ही, वह अपने लिए एक भाई या बहन भी चाहता है — और उसकी यही जिज्ञासा कहानी को आगे बढ़ाती है।' उनके मुताबिक, 'लिटिल थॉमस' एक बच्चे की जिज्ञासा और भाई-बहन की चाहत के जरिए परिवार, बचपन, शादीशुदा जिंदगी के उतार-चढ़ाव और उदारीकरण के बाद के भारत की कहानी को एक साथ पर्दे पर उतारती है।
बच्चों की नजर से दुनिया
रसिका ने इस बात पर जोर दिया कि बच्चों की जिज्ञासा को कभी भी कम नहीं आँकना चाहिए। उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि इन सभी बातों को एक बच्चे की नजर से देखना बेहद खूबसूरत है। यह हमें याद दिलाता है कि हमें बच्चों के सवालों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।' उनकी यह टिप्पणी उस व्यापक बहस से भी जुड़ती है, जिसमें भारतीय सिनेमा से अधिक 'बचपन-केंद्रित' कथाओं की माँग की जाती है।
फिल्म की टीम और रिलीज
कौशल ओझा के निर्देशन में बनी 'लिटिल थॉमस' को वरिष्ठ फिल्मकार अनुराग कश्यप का समर्थन प्राप्त है। फिल्म में रसिका दुग्गल के अलावा गुलशन देवैया और हृदांश पारेख भी अहम भूमिकाओं में नजर आएँगे। रसिका ने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में ऐसी फिल्में बनती रहेंगी जो अपने विचारों की ताकत पर भरोसा करती हैं और साधारण जिंदगी की कहानियों को पर्दे पर सम्मान देती हैं।