2 नवंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

चक्रवात 'मुरासु': आंध्र प्रदेश में हाई अलर्ट, CM चंद्रबाबू नायडू ने की समीक्षा बैठक

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
चक्रवात 'मुरासु': आंध्र प्रदेश में हाई अलर्ट, CM चंद्रबाबू नायडू ने की समीक्षा बैठक

सारांश

चक्रवात 'मुरासु' सोमवार रात आंध्र प्रदेश तट से टकराने वाला है — और यह राज्य के लिए लगातार दूसरा चक्रवाती झटका है। CM नायडू ने 31,000 बिजली खंभे तैनात किए, चेन्नई से 1,000 कर्मचारी बुलाए और 6,800 तालाबों की सुरक्षा के निर्देश दिए — यह तैयारी का नहीं, युद्धस्तर की कवायद का संकेत है।

मुख्य बातें

चक्रवात 'मुरासु' के सोमवार रात आंध्र प्रदेश तट से टकराने की संभावना; राज्य में हाई अलर्ट जारी।
CM चंद्रबाबू नायडू ने अमरावती में RTGS केंद्र में वरिष्ठ अधिकारियों और जिला कलेक्टरों के साथ समीक्षा बैठक की।
श्रीकाकुलम से कृष्णा जिले तक 31,000 बिजली खंभे भेजे गए; 8,000 खंभे प्रभावित होने का अनुमान।
चेन्नई से 1,000 अतिरिक्त कर्मचारी बिजली बहाली के लिए बुलाए जा रहे हैं।
पालनाडु में सर्वाधिक 30 सेंटीमीटर , प्रकाशम में 24 सेंटीमीटर वर्षा का अनुमान।
चक्रवात के बाद पुनर्निर्माण कार्य 48 घंटों के भीतर पूरे करने के निर्देश; 6,800 तालाबों की सुरक्षा पर विशेष ज़ोर।

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने सोमवार, 2 नवंबर 2026 को चक्रवात 'मुरासु' से निपटने की तैयारियों की व्यापक समीक्षा की। यह चक्रवात सोमवार रात आंध्र प्रदेश के तट से टकराने की संभावना है, जिसके चलते राज्य में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। नायडू ने प्रशासन को जानमाल के नुकसान को हर हाल में रोकने के सख्त निर्देश दिए हैं।

समीक्षा बैठक और प्रमुख निर्देश

मुख्यमंत्री नायडू ने अमरावती स्थित सचिवालय में रियल टाइम गवर्नेंस सोसायटी (RTGS) केंद्र के वरिष्ठ अधिकारियों और जिला कलेक्टरों के साथ विस्तृत बैठक की। उन्होंने दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा जिलों में मध्यम से भारी वर्षा की आशंका को देखते हुए पूरे प्रशासन को पूरी तरह सतर्क रहने का निर्देश दिया।

उन्होंने स्पष्ट किया कि आंध्र प्रदेश तट पर चक्रवात 'मुरासु' का प्रभाव अपेक्षाकृत सीमित रहने की उम्मीद है। पूर्वानुमानों के अनुसार, पिछले सप्ताह तट से टकराने वाले चक्रवात 'अर्नब' की तुलना में इस बार हवा की गति और वर्षा की तीव्रता कम रहने का अनुमान है।

चक्रवात 'अर्नब' की तुलना और पुनर्निर्माण की स्थिति

मुख्यमंत्री ने बताया कि चक्रवात 'अर्नब' से प्रभावित क्षेत्रों में काफी हद तक सामान्य स्थिति बहाल हो चुकी है। चक्रवात 'अर्नब' के दौरान श्रीकाकुलम से बापटला तक किए गए इंतज़ामों का हवाला देते हुए उन्होंने अधिकारियों को 'मुरासु' के प्रभाव को भी प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने का निर्देश दिया। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य अभी पिछले चक्रवात की क्षति से उबर ही रहा था।

बिजली बहाली और कर्मचारियों की तैनाती

अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को सूचित किया कि श्रीकाकुलम से कृष्णा जिले तक बिजली के 31,000 खंभे भेजे जा चुके हैं। अनुमान है कि चक्रवात 'मुरासु' से संबंधित हवाओं के कारण दक्षिण तटीय और रायलसीमा जिलों में लगभग 8,000 खंभे प्रभावित हो सकते हैं।

बिजली बहाली के काम में सहायता के लिए चेन्नई से 1,000 अतिरिक्त कर्मचारी बुलाए जा रहे हैं। नायडू ने इन्हें नेल्लोर और प्रकाशम सहित विभिन्न जिलों में तत्काल तैनात करने का निर्देश दिया।

जिलेवार वर्षा का अनुमान

अधिकारियों के अनुसार, पालनाडु जिले में सर्वाधिक लगभग 30 सेंटीमीटर वर्षा होने की संभावना है। इसके बाद प्रकाशम में 24 सेंटीमीटर और मार्कपुरम में 19 सेंटीमीटर बारिश का अनुमान है। कृष्णा, गुंटूर, एलुरु और नेल्लोर जिलों में 9 सेंटीमीटर तक वर्षा हो सकती है।

जल प्रबंधन और पुनर्निर्माण योजना

मुख्यमंत्री ने जल प्रबंधन को प्राथमिकता देते हुए अधिकारियों को गुंटूर, बापटला, पालनाडु, प्रकाशम, नेल्लोर और मार्कपुरम जिलों के जलाशयों और तालाबों को भरने का निर्देश दिया, जहाँ वर्षा की कमी रही है। उन्होंने चक्रवात से प्रभावित होने की आशंका वाले छह जिलों के 6,800 तालाबों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने को कहा।

नायडू ने जलधारा कार्यक्रम के तहत किए गए कार्यों का उपयोग करने, नालियों में गाद से फसलें बचाने के लिए निवारक उपाय करने और जल उपयोगकर्ता संघों को सक्रिय करने का निर्देश दिया। साथ ही उन्होंने चक्रवात के बाद पुनर्निर्माण कार्यों को 48 घंटों के भीतर पूरा करने और फसल बीमा मुआवजे तथा इनपुट सब्सिडी प्रक्रियाओं में तेजी लाने पर ज़ोर दिया।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन पिछले चक्रवातों में बिजली बहाली में हफ्तों लगने का इतिहास रहा है। 6,800 तालाबों की सुरक्षा और जलधारा कार्यक्रम का उपयोग एक सकारात्मक कदम है, पर असली जाँच तब होगी जब बाढ़ का पानी उतरे और फसल बीमा मुआवज़ा वास्तव में किसानों तक पहुँचे।
RashtraPress
2 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चक्रवात 'मुरासु' क्या है और यह आंध्र प्रदेश को कब प्रभावित करेगा?
चक्रवात 'मुरासु' एक चक्रवाती तूफान है जो 2 नवंबर 2026 की रात आंध्र प्रदेश के तट से टकराने की संभावना है। अधिकारियों के अनुसार, इसका प्रभाव पिछले सप्ताह आए चक्रवात 'अर्नब' की तुलना में कम तीव्र रहने की उम्मीद है।
चक्रवात 'मुरासु' से कौन-कौन से जिले सबसे अधिक प्रभावित होंगे?
पालनाडु, प्रकाशम, मार्कपुरम, कृष्णा, गुंटूर, एलुरु और नेल्लोर जिले सबसे अधिक प्रभावित होने की आशंका है। पालनाडु में सर्वाधिक 30 सेंटीमीटर और प्रकाशम में 24 सेंटीमीटर वर्षा का अनुमान लगाया गया है।
आंध्र प्रदेश सरकार ने बिजली बहाली के लिए क्या इंतज़ाम किए हैं?
श्रीकाकुलम से कृष्णा जिले तक 31,000 बिजली खंभे पहले से भेजे जा चुके हैं और चेन्नई से 1,000 अतिरिक्त कर्मचारी बुलाए जा रहे हैं। CM नायडू ने इन्हें नेल्लोर और प्रकाशम सहित विभिन्न जिलों में तत्काल तैनात करने का निर्देश दिया है।
CM चंद्रबाबू नायडू ने किसान और फसल नुकसान के बारे में क्या निर्देश दिए?
नायडू ने फसल बीमा मुआवजे और इनपुट सब्सिडी प्रक्रियाओं में तेजी लाने का निर्देश दिया है। साथ ही अधिकारियों को नालियों में गाद जमा होने से फसलें जलमग्न होने से बचाने के लिए निवारक उपाय करने को कहा गया है।
चक्रवात 'मुरासु' की तुलना 'अर्नब' से कैसी है?
अधिकारियों के पूर्वानुमान के अनुसार, 'मुरासु' की हवा की गति और वर्षा की तीव्रता 'अर्नब' से कम रहने की उम्मीद है। CM नायडू ने बताया कि 'अर्नब' से प्रभावित क्षेत्रों में काफी हद तक सामान्य स्थिति बहाल हो चुकी है और उसी अनुभव के आधार पर 'मुरासु' की तैयारी की जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 11 घंटे पहले
  2. 22 घंटे पहले
  3. कल
  4. 2 दिन पहले
  5. 4 दिन पहले
  6. 4 दिन पहले
  7. 5 दिन पहले
  8. 5 दिन पहले