चक्रवात 'मुरासु': आंध्र प्रदेश में हाई अलर्ट, CM चंद्रबाबू नायडू ने की समीक्षा बैठक
सारांश
मुख्य बातें
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने सोमवार, 2 नवंबर 2026 को चक्रवात 'मुरासु' से निपटने की तैयारियों की व्यापक समीक्षा की। यह चक्रवात सोमवार रात आंध्र प्रदेश के तट से टकराने की संभावना है, जिसके चलते राज्य में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। नायडू ने प्रशासन को जानमाल के नुकसान को हर हाल में रोकने के सख्त निर्देश दिए हैं।
समीक्षा बैठक और प्रमुख निर्देश
मुख्यमंत्री नायडू ने अमरावती स्थित सचिवालय में रियल टाइम गवर्नेंस सोसायटी (RTGS) केंद्र के वरिष्ठ अधिकारियों और जिला कलेक्टरों के साथ विस्तृत बैठक की। उन्होंने दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा जिलों में मध्यम से भारी वर्षा की आशंका को देखते हुए पूरे प्रशासन को पूरी तरह सतर्क रहने का निर्देश दिया।
उन्होंने स्पष्ट किया कि आंध्र प्रदेश तट पर चक्रवात 'मुरासु' का प्रभाव अपेक्षाकृत सीमित रहने की उम्मीद है। पूर्वानुमानों के अनुसार, पिछले सप्ताह तट से टकराने वाले चक्रवात 'अर्नब' की तुलना में इस बार हवा की गति और वर्षा की तीव्रता कम रहने का अनुमान है।
चक्रवात 'अर्नब' की तुलना और पुनर्निर्माण की स्थिति
मुख्यमंत्री ने बताया कि चक्रवात 'अर्नब' से प्रभावित क्षेत्रों में काफी हद तक सामान्य स्थिति बहाल हो चुकी है। चक्रवात 'अर्नब' के दौरान श्रीकाकुलम से बापटला तक किए गए इंतज़ामों का हवाला देते हुए उन्होंने अधिकारियों को 'मुरासु' के प्रभाव को भी प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने का निर्देश दिया। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य अभी पिछले चक्रवात की क्षति से उबर ही रहा था।
बिजली बहाली और कर्मचारियों की तैनाती
अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को सूचित किया कि श्रीकाकुलम से कृष्णा जिले तक बिजली के 31,000 खंभे भेजे जा चुके हैं। अनुमान है कि चक्रवात 'मुरासु' से संबंधित हवाओं के कारण दक्षिण तटीय और रायलसीमा जिलों में लगभग 8,000 खंभे प्रभावित हो सकते हैं।
बिजली बहाली के काम में सहायता के लिए चेन्नई से 1,000 अतिरिक्त कर्मचारी बुलाए जा रहे हैं। नायडू ने इन्हें नेल्लोर और प्रकाशम सहित विभिन्न जिलों में तत्काल तैनात करने का निर्देश दिया।
जिलेवार वर्षा का अनुमान
अधिकारियों के अनुसार, पालनाडु जिले में सर्वाधिक लगभग 30 सेंटीमीटर वर्षा होने की संभावना है। इसके बाद प्रकाशम में 24 सेंटीमीटर और मार्कपुरम में 19 सेंटीमीटर बारिश का अनुमान है। कृष्णा, गुंटूर, एलुरु और नेल्लोर जिलों में 9 सेंटीमीटर तक वर्षा हो सकती है।
जल प्रबंधन और पुनर्निर्माण योजना
मुख्यमंत्री ने जल प्रबंधन को प्राथमिकता देते हुए अधिकारियों को गुंटूर, बापटला, पालनाडु, प्रकाशम, नेल्लोर और मार्कपुरम जिलों के जलाशयों और तालाबों को भरने का निर्देश दिया, जहाँ वर्षा की कमी रही है। उन्होंने चक्रवात से प्रभावित होने की आशंका वाले छह जिलों के 6,800 तालाबों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने को कहा।
नायडू ने जलधारा कार्यक्रम के तहत किए गए कार्यों का उपयोग करने, नालियों में गाद से फसलें बचाने के लिए निवारक उपाय करने और जल उपयोगकर्ता संघों को सक्रिय करने का निर्देश दिया। साथ ही उन्होंने चक्रवात के बाद पुनर्निर्माण कार्यों को 48 घंटों के भीतर पूरा करने और फसल बीमा मुआवजे तथा इनपुट सब्सिडी प्रक्रियाओं में तेजी लाने पर ज़ोर दिया।