2 नवंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

दीया मिर्जा के दिवाली वीडियो पर बीएमसी महापौर ऋतु तावड़े का पलटवार: 'हिंदुओं को दिवाली सिखाने की जरूरत नहीं'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
दीया मिर्जा के दिवाली वीडियो पर बीएमसी महापौर ऋतु तावड़े का पलटवार: 'हिंदुओं को दिवाली सिखाने की जरूरत नहीं'

सारांश

बीएमसी की महापौर ऋतु तावड़े ने दीया मिर्जा के प्रदूषण-मुक्त दिवाली वीडियो को हिंदुत्व-विरोधी एजेंडे से जोड़ा। भाजपा की आपत्ति के बाद बीएमसी ने वीडियो हटाया। सवाल यह है — क्या पर्यावरण जागरूकता अभियान राजनीति की भेंट चढ़ गया?

मुख्य बातें

बीएमसी महापौर ऋतु तावड़े ने 2 नवंबर 2026 को दीया मिर्जा के प्रदूषण-मुक्त दिवाली वीडियो की कड़ी आलोचना की।
मुंबई भाजपा अध्यक्ष अमित साटम की आपत्ति के बाद बीएमसी ने वीडियो अपने प्लेटफ़ॉर्म से हटाया।
महापौर ने दावा किया कि अभियान के लिए कलाकारों की सूची उनकी स्वीकृति के बिना तैयार की गई।
हाईकोर्ट के निर्देश पर बीएमसी ने सेलिब्रिटी से AQI सुधार हेतु पटाखा-मुक्त दिवाली का संदेश दिलवाया था।
दीया मिर्जा ने कहा — वायु प्रदूषण जनस्वास्थ्य का मुद्दा है और वीडियो जन जागरूकता के लिए था।

बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) की महापौर ऋतु तावड़े ने सोमवार, 2 नवंबर 2026 को बॉलीवुड अभिनेत्री दीया मिर्जा के प्रदूषण-मुक्त दिवाली से जुड़े वीडियो पर कड़ी आपत्ति जताई और आरोप लगाया कि अभिनेत्री का रुख लगातार हिंदुत्व तथा उससे जुड़े लोगों के विरुद्ध रहा है। बीएमसी ने इससे पहले मुंबई भाजपा अध्यक्ष अमित साटम की आपत्ति के बाद वह वीडियो अपने प्लेटफ़ॉर्म से हटा दिया था।

महापौर की सीधी चुनौती

पत्रकारों से बातचीत में महापौर तावड़े ने कहा, 'अगर हम दीया मिर्जा की पूरी प्रोफाइल देखें तो पता चलता है कि उन्होंने नर्मदा परियोजना, समान नागरिक संहिता (UCC) का विरोध किया है। उन्होंने उन पर्यावरणीय मुद्दों पर भी विरोध जताया जिन पर हम काम कर रहे थे, और प्रधानमंत्री मोदी के बयानों का भी विरोध किया। हमने लगातार देखा है कि उनका विरोध हिंदुत्व और उसके लिए काम करने वालों के खिलाफ रहा है।'

तावड़े ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'हमें अपनी दिवाली मनाना आता है। वह अपना अलग और चुनिंदा एजेंडा चला रही हैं। इससे पता चलता है कि वह हिंदुत्व के खिलाफ हैं। इसीलिए हमने उनके वीडियो का कड़ा विरोध किया।'

हाईकोर्ट के निर्देश और अभियान का विवाद

महापौर ने यह भी स्वीकार किया कि माननीय हाईकोर्ट ने निर्देश दिया था कि प्रमुख कलाकार और सेलिब्रिटी लोगों को पटाखों के बिना दिवाली मनाने का संदेश दें, क्योंकि वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) में वृद्धि हो रही है। हालाँकि उन्होंने आपत्ति जताई कि इस अभियान के लिए कलाकारों का चयन करते समय उनकी पूरी सूची महापौर को नहीं दिखाई गई।

तावड़े ने कहा, 'प्रशासन ने मुझे यह सूची देना जरूरी नहीं समझा। महापौर को हर निर्णय की जानकारी दी जानी चाहिए, उनकी स्वीकृति ली जानी चाहिए और उसके बाद ही उसे लागू किया जाना चाहिए।' यह बयान बीएमसी के प्रशासनिक ढाँचे और निर्वाचित प्रतिनिधियों के अधिकार के बीच के तनाव को उजागर करता है।

दीया मिर्जा का पक्ष

अभिनेत्री दीया मिर्जा ने इस विवाद पर अपना बयान जारी करते हुए कहा, 'दिवाली अंधकार पर प्रकाश, अज्ञानता पर ज्ञान और निराशा पर आशा की जीत का उत्सव है। यह वीडियो जन जागरूकता के उद्देश्य से रिकॉर्ड किया गया था, ताकि लोग अधिक स्वस्थ और जिम्मेदार तरीके से त्योहार मनाने के लिए प्रेरित हों।'

उन्होंने आगे कहा, 'वायु प्रदूषण जनस्वास्थ्य से जुड़ा मुद्दा है और इसे कम करने की दिशा में उठाया गया हर कदम सभी के लिए बेहतर पर्यावरण की ओर एक प्रयास है।' उल्लेखनीय है कि दीया मिर्जा लंबे समय से पर्यावरण संरक्षण से जुड़े अभियानों में सक्रिय रही हैं।

राजनीतिक विवाद और वीडियो हटाने की कार्रवाई

यह विवाद तब शुरू हुआ जब मुंबई भाजपा अध्यक्ष अमित साटम ने दीया मिर्जा को इस सार्वजनिक अभियान में शामिल किए जाने पर आपत्ति जताई। इसके बाद बीएमसी ने वीडियो हटाने का निर्णय लिया। यह ऐसे समय में आया है जब मुंबई और अन्य महानगरों में दिवाली के आसपास वायु प्रदूषण एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चिंता बन चुकी है, और न्यायालय भी इस मुद्दे पर संज्ञान ले चुके हैं।

गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब किसी पर्यावरण-केंद्रित दिवाली अभियान ने राजनीतिक रंग लिया हो। पर्यावरणीय संदेश और धार्मिक परंपराओं के बीच का यह टकराव आने वाले दिनों में और बड़ी बहस का रूप ले सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी जड़ें उस गहरे राजनीतिक तनाव में हैं जहाँ पर्यावरण संदेश और धार्मिक पहचान की राजनीति आपस में टकराती है। महापौर का यह कहना कि कलाकारों की सूची उनकी स्वीकृति के बिना बनी, एक वैध प्रशासनिक शिकायत है — लेकिन इसे दीया मिर्जा की वैचारिक 'प्रोफाइलिंग' के साथ जोड़ना, विरोध को एक अलग ही रंग दे देता है। असली सवाल यह है कि जब हाईकोर्ट AQI सुधार के लिए जागरूकता अभियान का निर्देश दे, तो क्या उसमें भागीदार की वैचारिक पृष्ठभूमि की जाँच जरूरी है? यह मामला यह भी बताता है कि नागरिक निकायों में निर्वाचित प्रतिनिधित्व और तकनीकी प्रशासन के बीच की खाई कितनी चौड़ी हो सकती है।
RashtraPress
2 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दीया मिर्जा के दिवाली वीडियो का विवाद क्या है?
बीएमसी ने हाईकोर्ट के निर्देश पर अभिनेत्री दीया मिर्जा का प्रदूषण-मुक्त दिवाली जागरूकता वीडियो जारी किया था। मुंबई भाजपा अध्यक्ष अमित साटम की आपत्ति के बाद बीएमसी ने वह वीडियो हटा लिया, और महापौर ऋतु तावड़े ने अभिनेत्री पर हिंदुत्व-विरोधी एजेंडे का आरोप लगाया।
बीएमसी महापौर ऋतु तावड़े ने दीया मिर्जा पर क्या आरोप लगाए?
महापौर तावड़े ने आरोप लगाया कि दीया मिर्जा ने नर्मदा परियोजना, UCC और प्रधानमंत्री मोदी के बयानों का विरोध किया है, और उनका समग्र रुख हिंदुत्व के विरुद्ध रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि हिंदुओं को दिवाली मनाने का तरीका सीखने की कोई जरूरत नहीं।
दीया मिर्जा ने विवाद पर क्या कहा?
दीया मिर्जा ने कहा कि वीडियो जन जागरूकता के उद्देश्य से रिकॉर्ड किया गया था ताकि लोग स्वस्थ और जिम्मेदार तरीके से त्योहार मनाएँ। उन्होंने वायु प्रदूषण को जनस्वास्थ्य का मुद्दा बताया और कहा कि इसे कम करने की दिशा में हर कदम बेहतर पर्यावरण के लिए प्रयास है।
बीएमसी ने यह अभियान क्यों चलाया था?
हाईकोर्ट के निर्देश पर बीएमसी ने यह अभियान शुरू किया था, जिसके तहत प्रमुख सेलिब्रिटी को AQI सुधार हेतु पटाखा-मुक्त दिवाली का संदेश देने के लिए कहा गया था। महापौर ने माना कि हाईकोर्ट का निर्देश सही था, लेकिन उन्हें कलाकारों की सूची नहीं दिखाई गई।
क्या महापौर को इस अभियान की जानकारी थी?
महापौर ऋतु तावड़े ने स्वीकार किया कि प्रशासन ने कलाकारों की सूची उनकी स्वीकृति के बिना तैयार की। उन्होंने कहा कि निर्वाचित पार्षद और महापौर का कार्यभार संभालने के बाद हर महत्वपूर्ण निर्णय की जानकारी और स्वीकृति उनसे लेना अनिवार्य होना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 घंटे पहले
  2. 3 घंटे पहले
  3. 3 घंटे पहले
  4. 5 घंटे पहले
  5. 5 घंटे पहले
  6. 6 घंटे पहले
  7. 1 सप्ताह पहले
  8. 1 साल पहले