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दीया मिर्जा पटाखा विवाद: वारिस पठान का आरोप — 'मुस्लिम नाम के कारण निशाना बनाया जा रहा'

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दीया मिर्जा पटाखा विवाद: वारिस पठान का आरोप — 'मुस्लिम नाम के कारण निशाना बनाया जा रहा'

सारांश

बॉम्बे उच्च न्यायालय के निर्देश पर नगर निगम अभियान का हिस्सा रहीं दीया मिर्जा को भाजपा नेता ने अकेले घेरा — जबकि माधुरी दीक्षित और अजिंक्य रहाणे के समान वीडियो पर कोई आपत्ति नहीं। AIMIM के वारिस पठान ने इसे मुस्लिम नाम के कारण चयनात्मक निशानेबाजी करार दिया।

मुख्य बातें

बॉम्बे उच्च न्यायालय ने मुंबई में सार्वजनिक सड़कों पर दिवाली के दौरान पटाखे फोड़ने पर रोक के निर्देश दिए थे।
मुंबई नगर निगम आयुक्त अश्विनी भिडे के निर्देश पर माधुरी दीक्षित , अजिंक्य रहाणे और दीया मिर्जा सहित कई हस्तियों ने जागरूकता वीडियो बनाए।
मुंबई BJP अध्यक्ष अमित साटम ने एक्स पर केवल दीया मिर्जा के वीडियो पर आपत्ति जताई; अन्य हस्तियों पर कोई टिप्पणी नहीं।
AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने इसे मुस्लिम नाम के कारण चयनात्मक निशानेबाजी और दोहरे मापदंड का उदाहरण बताया।
PM मोदी और CM देवेंद्र फडणवीस की चुप्पी पर भी पठान ने सवाल उठाए; भाजपा की आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी नहीं आई।

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने 2 नवंबर 2026 को मुंबई में कहा कि अभिनेत्री दीया मिर्जा को उनके मुस्लिम नाम के कारण निशाना बनाया जा रहा है। यह विवाद दिवाली पर पटाखों को लेकर बॉम्बे उच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के तहत बनाए गए जागरूकता वीडियो पर उठे विरोध से जुड़ा हुआ है।

पूरा मामला क्या है

बॉम्बे उच्च न्यायालय ने मुंबई में दिवाली के दौरान सार्वजनिक सड़कों और फुटपाथों पर पटाखे फोड़ने से बचने का निर्देश दिया था। ध्वनि प्रदूषण, वायु प्रदूषण और स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को इसके पीछे का कारण बताया गया था। मुंबई नगर निगम आयुक्त अश्विनी भिडे ने भी स्पष्ट किया था कि उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन अनिवार्य है।

इसके बाद नगर निगम ने कई जानी-मानी हस्तियों से संपर्क किया और उनसे जागरूकता वीडियो बनाने की अपील की। इस अभियान में अभिनेत्री माधुरी दीक्षित, पूर्व क्रिकेटर अजिंक्य रहाणे और दीया मिर्जा सहित अन्य हस्तियों ने भाग लिया। मिर्जा ने अपने वीडियो संदेश में दिवाली मनाने के अधिकार का समर्थन करते हुए पटाखों से होने वाले प्रदूषण और स्वास्थ्य जोखिमों के प्रति सचेत रहने की बात कही थी।

भाजपा की आपत्ति और वारिस पठान का पलटवार

पठान के अनुसार, मुंबई भारतीय जनता पार्टी (BJP) अध्यक्ष अमित साटम ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए केवल दीया मिर्जा को निशाना बनाया, जबकि माधुरी दीक्षित और अजिंक्य रहाणे सहित अन्य हस्तियों पर कोई टिप्पणी नहीं की। पठान ने कहा, 'यदि भाजपा को इन अपीलों पर आपत्ति थी, तो उसे सभी हस्तियों के बारे में एक समान रुख अपनाना चाहिए था। दीया मिर्जा को उनके मुस्लिम नाम के कारण निशाना बनाया जा रहा है।'

पठान ने यह भी सवाल उठाया कि जब यह पूरी पहल उच्च न्यायालय के आदेशों के पालन हेतु नगर निगम के निर्देश पर हुई, तो इस पर विवाद क्यों खड़ा किया जा रहा है और वीडियो हटाने की बात क्यों की जा रही है।

प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की चुप्पी पर सवाल

एआईएमआईएम प्रवक्ता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की इस मामले में चुप्पी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि दिवाली मनाना सभी का अधिकार है, लेकिन त्योहार की आड़ में एक मुस्लिम अभिनेत्री को अकेले निशाना बनाना दोहरे मापदंड को दर्शाता है।

व्यापक संदर्भ और प्रासंगिकता

यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब देश में पटाखों और प्रदूषण को लेकर कानूनी और सामाजिक बहस पहले से ही चल रही है। गौरतलब है कि बॉम्बे उच्च न्यायालय के निर्देश किसी धर्म विशेष के विरुद्ध नहीं, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य की दृष्टि से जारी किए गए थे। आलोचकों का कहना है कि इस तरह के चयनात्मक विरोध से सांप्रदायिक तनाव बढ़ सकता है। अभी तक भाजपा की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। आने वाले दिनों में देखना होगा कि यह विवाद राजनीतिक रूप लेता है या शांत होता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असल में यह चयनात्मक आलोचना की उस पुरानी राजनीति का नमूना है जहाँ एक ही काम करने पर अलग-अलग लोगों से अलग-अलग जवाब माँगे जाते हैं। भाजपा नेता ने माधुरी दीक्षित और अजिंक्य रहाणे के समान वीडियो पर मौन रहकर खुद को जवाब देने की स्थिति में डाल लिया है। यह भी उल्लेखनीय है कि जिस वीडियो पर आपत्ति जताई जा रही है, वह न किसी राजनीतिक दल की पहल थी, न किसी धार्मिक समूह की — बल्कि उच्च न्यायालय-निर्देशित नगर निगम अभियान का हिस्सा था। ऐसे में सवाल यह नहीं कि पटाखे जलाए जाएँ या नहीं — सवाल यह है कि किसकी आवाज़ पर किस आधार पर एतराज़ जताया जाता है।
RashtraPress
2 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दीया मिर्जा पटाखा विवाद क्या है?
बॉम्बे उच्च न्यायालय के निर्देशों के तहत मुंबई नगर निगम ने कई हस्तियों से सार्वजनिक सड़कों पर पटाखे न फोड़ने की अपील करने वाले वीडियो बनवाए। इनमें से एक वीडियो अभिनेत्री दीया मिर्जा का था, जिस पर मुंबई BJP अध्यक्ष अमित साटम ने एक्स पर आपत्ति जताई, जबकि समान वीडियो बनाने वाली अन्य हस्तियों पर कोई टिप्पणी नहीं की।
वारिस पठान ने भाजपा पर क्या आरोप लगाया?
AIMIM के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने आरोप लगाया कि दीया मिर्जा को उनके मुस्लिम नाम के कारण अकेले निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि माधुरी दीक्षित और अजिंक्य रहाणे ने भी इसी तरह के वीडियो बनाए, लेकिन उन पर कोई आपत्ति नहीं जताई गई — यह दोहरा मापदंड है।
बॉम्बे उच्च न्यायालय ने पटाखों पर क्या निर्देश दिया था?
बॉम्बे उच्च न्यायालय ने मुंबई में दिवाली के दौरान सार्वजनिक सड़कों और फुटपाथों पर पटाखे फोड़ने से बचने का निर्देश दिया था। ध्वनि और वायु प्रदूषण तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव को इसका आधार बताया गया था।
मुंबई नगर निगम के अभियान में कौन-कौन शामिल था?
नगर निगम आयुक्त अश्विनी भिडे के निर्देश पर बनाए गए जागरूकता वीडियो में अभिनेत्री माधुरी दीक्षित, पूर्व क्रिकेटर अजिंक्य रहाणे और अभिनेत्री दीया मिर्जा सहित अन्य हस्तियाँ शामिल थीं।
इस विवाद में प्रधानमंत्री मोदी और CM फडणवीस की क्या भूमिका है?
वारिस पठान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं। उनके अनुसार, त्योहार की आड़ में एक मुस्लिम अभिनेत्री को चयनात्मक तरीके से निशाना बनाए जाने पर दोनों नेताओं का मौन दोहरे मापदंड को और पुख्ता करता है।
राष्ट्र प्रेस
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