'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा: पंकज चौधरी का दावा — कांग्रेस की दिल्ली रैली बुरी तरह फेल
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उत्तर प्रदेश प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने 2 नवंबर 2026 को महाराजगंज में एक समीक्षा बैठक की, जिसमें गोरखपुर में 4 नवंबर को आयोजित होने वाली 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा की तैयारियों का जायज़ा लिया गया। इस पदयात्रा का नेतृत्व BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन करेंगे और यह अभियान 1 से 5 नवंबर तक देशभर में चलाया जा रहा है।
पदयात्रा का उद्देश्य और व्यापक संदर्भ
बैठक में जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ पार्टी पदाधिकारियों के साथ रणनीतिक चर्चा की गई। पंकज चौधरी ने स्पष्ट किया कि यह पदयात्रा उन ताकतों को जनता का जवाब है जो, उनके अनुसार, 'अराजकता' फैलाने का प्रयास कर रही हैं। गौरतलब है कि यह अभियान उस पृष्ठभूमि में आया है जब विपक्षी दलों के गठबंधन 'इंडिया ब्लॉक' ने हाल ही में दिल्ली के रामलीला मैदान में एक बड़ी रैली का आयोजन किया था।
कांग्रेस की रैली पर BJP का आकलन
केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री ने दावा किया कि दिल्ली रैली में 10 लाख लोग जुटाने का विपक्ष का लक्ष्य हवा-हवाई साबित हुआ। उन्होंने कहा, 'मेरा अपना अनुमान है कि 35-40 हजार से ज़्यादा लोग नहीं आए थे। या तो इनके लोग शिफ्ट हो गए या फिर असंतुष्ट हो गए।' उन्होंने आगे कहा कि 20 पार्टियों के मिलकर आंदोलन करने के दावे के बावजूद रैली 'पूरी तरह विफल' रही। विपक्ष ने इन आँकड़ों पर अपनी प्रतिक्रिया अभी तक नहीं दी है।
इंडिया ब्लॉक पर 'तख्तापलट' के आरोप
चौधरी ने विपक्षी आंदोलन की कार्यशैली पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा, 'जिस प्रकार से प्रशांत भूषण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में सत्ता परिवर्तन की बात की — 'रिजीम चेंज' मतलब तख्तापलट की बात की — यह लोकतंत्र के लिए ख़तरा है।' उन्होंने महिला नेता नेहा बोहरा का भी उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि वे 'बांग्लादेश से प्रेरणा' लेकर इस आंदोलन में शामिल हुई हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या भारत को बांग्लादेश, श्रीलंका या नेपाल जैसी स्थिति में ढकेलने का इरादा है। यह ऐसे समय में आया है जब NEET परीक्षा, मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति और SIR जैसे मुद्दों पर विपक्ष पहले से सक्रिय है।
विपक्ष पर जनाधार खोने का आरोप
प्रदेश अध्यक्ष ने तर्क दिया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल — जिनमें ममता बनर्जी और अखिलेश यादव की पार्टियाँ शामिल हैं — NDA से चुनावी शिकस्त के बाद अपना जनाधार खो चुके हैं। उनके अनुसार, ये दल 'गैर-लोकतांत्रिक तरीकों' से देश को अस्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि NEET परीक्षा, CAA या संविधान — इनमें से कोई भी आंदोलन का असली मकसद नहीं है।
आगे क्या
पंकज चौधरी ने कहा कि 1 से 5 नवंबर तक देशभर में BJP के वरिष्ठ नेता पदयात्रा निकालकर जनता के बीच जाएंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और देश की 140 करोड़ जनता को धन्यवाद देते हुए कहा कि भारत का लोकतंत्र मज़बूत है और जनता किसी 'बहकावे' में नहीं आएगी। 4 नवंबर को गोरखपुर में होने वाली पदयात्रा इस अभियान का एक अहम पड़ाव होगी।