भाजपा का 'लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ' अभियान: UP के छह क्षेत्रों में 3-5 नवंबर को पदयात्रा
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश में विपक्ष के विरुद्ध राजनीतिक आक्रामकता और तेज करते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 'लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ' अभियान की घोषणा की है, जिसके तहत 3 नवंबर से 5 नवंबर 2026 के बीच प्रदेश के सभी छह संगठनात्मक क्षेत्रों में पदयात्राएँ निकाली जाएँगी। 26 अक्टूबर को लखनऊ स्थित प्रदेश पार्टी मुख्यालय में इस अभियान की तैयारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। पार्टी का कहना है कि यह अभियान विपक्ष के कथित 'आधारहीन विरोध प्रदर्शनों' का जन-स्तर पर जवाब देने का माध्यम बनेगा।
अभियान की पृष्ठभूमि और उद्देश्य
BJP प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह ने समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए बताया कि यह अभियान विपक्ष के राजनीतिक एजेंडे और कथित दोहरे मानदंडों को जनता के सामने उजागर करने के लिए चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पदयात्राओं के ज़रिए राष्ट्रीय एकता, संवैधानिक मूल्यों, सामाजिक समरसता और नागरिक कर्तव्यों के प्रति जनजागरूकता फैलाने का प्रयास किया जाएगा। धर्मपाल सिंह ने यह भी कहा कि देश को अस्थिर करने के कथित मंसूबों और सत्ता परिवर्तन के एजेंडे को जनता के सामने रखा जाएगा।
पदयात्राओं का क्षेत्रवार कार्यक्रम
BJP ने प्रदेश के छह संगठनात्मक क्षेत्रों में पदयात्राओं का विस्तृत कार्यक्रम तय किया है। अवध क्षेत्र की पदयात्रा 3 नवंबर को लखनऊ में होगी। काशी क्षेत्र की पदयात्रा 4 नवंबर को प्रयागराज में और उसी दिन गोरखपुर क्षेत्र की पदयात्रा गोरखपुर में निकाली जाएगी। कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र की पदयात्रा भी 4 नवंबर को कानपुर में होगी। 5 नवंबर को पश्चिम क्षेत्र की पदयात्रा गाजियाबाद में और ब्रज क्षेत्र की पदयात्रा बरेली में आयोजित की जाएगी।
प्रतिभागियों का दायरा
धर्मपाल सिंह के अनुसार, इन पदयात्राओं में पार्टी पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, विभिन्न मोर्चों और प्रकोष्ठों के कार्यकर्ताओं के अलावा संत-महात्मा, व्यापारी, शिक्षक, अधिवक्ता, चिकित्सक तथा सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों को शामिल करने की भी तैयारी है। पार्टी का कहना है कि स्थानीय नागरिकों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
नेतृत्व और समन्वय
बैठक में प्रदेश महामंत्री एवं अभियान संयोजक दिलीप पटेल ने तैयारियों का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। अभियान टोली की सह-संयोजक एवं प्रदेश उपाध्यक्ष प्रियंका सिंह रावत, नीरज सिंह, पदयात्रा प्रमुख एवं प्रदेश महामंत्री संजय राय समेत पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी बैठक में उपस्थित रहे। धर्मपाल सिंह ने कहा कि पदयात्राएँ 'लोकतंत्र की हुंकार और अराजकता की हार के संकल्प' के साथ निकाली जाएंगी।
राजनीतिक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में विपक्षी दलों ने कई मुद्दों पर आंदोलन तेज किए हैं। BJP का यह कदम उसकी जमीनी गोलबंदी की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। गौरतलब है कि प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव से पहले इस तरह की व्यापक पदयात्रा-आधारित संगठनात्मक कवायद राजनीतिक रूप से महत्त्वपूर्ण मानी जाती है। आने वाले हफ्तों में यह स्पष्ट होगा कि यह अभियान जनस्तर पर कितनी प्रतिक्रिया जुटा पाता है।