सीएम योगी का विपक्ष पर हमला: महिला आरक्षण बिल में संकुचन का रोड़ा

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सीएम योगी का विपक्ष पर हमला: महिला आरक्षण बिल में संकुचन का रोड़ा

सारांश

लखनऊ में भाजपा ने 'जन आक्रोश महिला पदयात्रा' का आयोजन किया, जहां सीएम योगी ने विपक्ष को महिला आरक्षण बिल में रोड़े अटकाने का दोषी ठहराया। यह पदयात्रा महिलाओं के अधिकारों की मांग को लेकर थी।

Key Takeaways

  • महिला आरक्षण के अधिकार की मांग को लेकर भाजपा का आक्रोश प्रदर्शन।
  • सीएम योगी का विपक्ष पर तीखा हमला।
  • महिलाओं के मुद्दों पर राजनीतिक दलों के बीच विवाद।
  • पदयात्रा में हजारों लोगों की भागीदारी।
  • सरकार की योजनाएं महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए।

लखनऊ, 20 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। महिला आरक्षण संशोधन विधेयक को विपक्ष द्वारा अस्वीकृत किए जाने के खिलाफ भाजपा ने लखनऊ में 'जन आक्रोश महिला पदयात्रा' का आयोजन किया। इस यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाओं के साथ भाजपा कार्यकर्ता और सीएम योगी आदित्यनाथ अपने निवास से निकलकर मंत्रिमंडल के सदस्यों के साथ विधानसभा तक पैदल चलते हुए पहुंचे। लगभग 1.75 किलोमीटर की इस पदयात्रा में हजारों लोग शामिल हुए। विधानसभा के बाहर स्थित मंच से पदयात्रा में शामिल लोगों को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने विपक्ष पर तीखा हमला किया।

मुख्यमंत्री ने कहा, "आज बहनों के नेतृत्व में यह आक्रोश मार्च निकाला जा रहा है। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के जन-विरोधी आचरण के कारण देश और प्रदेश की महिलाओं में गहरा गुस्सा है। मोदी सरकार महिलाओं को उनका अधिकार देना चाहती है लेकिन ये दल अपनी संकुचित मानसिकता के चलते रोड़े अटका रहे हैं।"

सीएम योगी ने कहा, "सपा-कांग्रेस और टीएमसी से महिलाएं नाखुश हैं। देशभर में आक्रोश रैली आयोजित की जा रही है। विपक्ष का महिला विरोधी चेहरा अब सामने आ चुका है। प्रधानमंत्री ने कहा था कि देश में केवल चार जातियां हैं: महिला, गरीब, युवा और किसान, और इनमें से सबसे पहली जाति महिला है। प्रधानमंत्री चाहते थे कि 2029 में ही महिला आरक्षण लागू हो जाए, लेकिन इसके बावजूद विपक्ष ने महिला विरोधी कार्य किए हैं। आज की इस आक्रोश रैली में बहनें शामिल हुई हैं। जिस तरह से केंद्र की मोदी सरकार महिलाओं के लिए योजनाएं चला रही है, उसी तरह डबल इंजन की सरकार में भी चलाया जा रहा है।"

मुख्यमंत्री ने कहा, "मैं उन सभी बहनों को तहे दिल से बधाई देता हूं, जिन्होंने इस विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया और आपको भरोसा दिलाता हूं कि राज्य का हर व्यक्ति आधी आबादी की उनकी जायज़ मांग के समर्थन में खड़ा है।"

'जन आक्रोश महिला पदयात्रा' में शामिल उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, "जिन पार्टियों को महिलाओं के वोट नहीं मिलेंगे, वे विधानसभा और लोकसभा चुनावों में अपना खाता भी नहीं खोल पाएंगे। जब तक आरक्षण लागू नहीं हो जाता, यह संघर्ष जारी रहेगा।"

उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा, "यह समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के विरोध का नतीजा है। महिलाएं गुस्से में सड़कों पर उतर आई हैं, राज्य की महिलाओं के इस अद्भुत शक्ति प्रदर्शन को देख सकते हैं।"

'जन आक्रोश महिला पदयात्रा' को संबोधित करते हुए भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा, "आपका उत्साह दिखाता है कि महिलाओं के मन में कितना गुस्सा भरा हुआ है। महिलाओं का उत्थान और सम्मान ही भाजपा की पहचान है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकारें महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए लगातार काम कर रही हैं—चाहे वह केंद्र सरकार हो या उत्तर प्रदेश सरकार।"

Point of View

NationPress
22/04/2026

Frequently Asked Questions

महिला आरक्षण बिल क्या है?
महिला आरक्षण बिल का उद्देश्य महिलाओं को राजनीतिक हिस्सेदारी में बढ़ावा देना है, जिससे संसद और विधानसभा में महिलाओं के लिए सीटों का आरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।
इस पदयात्रा में कौन शामिल था?
इस पदयात्रा में सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ भाजपा कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल थीं।
विपक्ष ने महिला आरक्षण बिल को क्यों खारिज किया?
विपक्ष का कहना है कि यह बिल महिलाओं के वास्तविक मुद्दों को संबोधित नहीं करता और इसके पीछे राजनीतिक हित हैं।
क्या यह रैली महिलाओं के अधिकारों के लिए महत्वपूर्ण है?
हाँ, यह रैली महिलाओं के अधिकारों की मांग को लेकर एक महत्वपूर्ण शक्ति प्रदर्शन है।
क्या सीएम योगी ने किसी विशेष बात का उल्लेख किया?
हाँ, उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करना चाहते थे, लेकिन विपक्ष ने बाधाएं उत्पन्न की हैं।
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