वर्ल्ड बॉक्सिंग अंडर-19 चैंपियनशिप 2026: आदित्य और मेघा श्योकंद फाइनल में, भारत को 2 ब्रॉन्ज भी
सारांश
मुख्य बातें
वर्ल्ड बॉक्सिंग अंडर-19 चैंपियनशिप 2026 में भारत के लिए ऐतिहासिक क्षण आया जब आदित्य पुरुषों के 55 किलोग्राम वर्ग में फाइनल में पहुँचने वाले दूसरे भारतीय मुक्केबाज बन गए और महिलाओं के 80 किलोग्राम वर्ग में मेघा श्योकंद ने भी स्वर्ण पदक मुकाबले में अपनी जगह पक्की कर ली। मोंटेनेग्रो के बुडवा में जारी इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में 26 अक्टूबर 2026 को भारतीय मुक्केबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया।
आदित्य का सेमीफाइनल में दबदबा
एशियन अंडर-19 सिल्वर मेडलिस्ट आदित्य ने पुरुषों के 55 किलोग्राम सेमीफाइनल में अजरबैजान के निहात गासिमोव को तीनों राउंड में हराकर 5:0 के सर्वसम्मत निर्णय से जीत हासिल की। जजों के फैसले से स्पष्ट है कि आदित्य ने पूरे मुकाबले में अपना वर्चस्व बनाए रखा। अब उनका गोल्ड मेडल मुकाबला रूस के इस्लाम मैगोमेदोव से होगा।
मेघा श्योकंद का RSC से धमाकेदार प्रदर्शन
महिलाओं के 80 किलोग्राम वर्ग में मेघा श्योकंद ने किर्गिस्तान की मीरिम चिनीबेकोवा को रेफरी स्टॉप कॉन्टेस्ट (RSC) से परास्त कर फाइनल में प्रवेश किया। मेघा ने पहले राउंड से ही हमलावर अंदाज अपनाया। दूसरे राउंड में उनकी प्रतिद्वंद्वी को तीन बार काउंट का सामना करना पड़ा, जिसके बाद रेफरी ने मुकाबला रोकने का फैसला किया। गोल्ड मेडल के लिए अब मेघा का सामना एकातेरिना फ्रोलोवा से होगा।
प्राची और हर्षिका ने दिलाए ब्रॉन्ज मेडल
महिलाओं के 80+ किलोग्राम वर्ग में प्राची टोकस सेमीफाइनल में रूस की समीरा इतोनीवा से 1:4 से हारीं और ब्रॉन्ज मेडल के साथ स्वदेश लौटेंगी। इसी तरह रविवार को महिलाओं के 65 किलोग्राम सेमीफाइनल में हर्षिका ने अमेरिका की लॉरिन एल्मोर के खिलाफ कड़ी चुनौती दी, परंतु 3:2 के करीबी मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा। इस प्रकार भारत के खाते में दो ब्रॉन्ज मेडल सुनिश्चित हो गए हैं।
हर्षिता की जीत और प्राची का सफर
शनिवार देर शाम, महिलाओं के 65 किलोग्राम वर्ग में हर्षिता ने आयरलैंड की ग्रेस बेली को 5:0 से हराकर भारत के लिए चौथा पदक सुनिश्चित किया। हालांकि, एशियन अंडर-19 चैंपियन प्राची महिलाओं के 57 किलोग्राम वर्ग के क्वार्टर फाइनल में चीन की यारू झेंग से हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गईं।
भारत की पदक स्थिति और आगे की राह
अब तक के प्रदर्शन में भारत ने 2 फाइनल बर्थ और 2 ब्रॉन्ज मेडल सुनिश्चित किए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय जूनियर मुक्केबाजी तेजी से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रही है। आदित्य और मेघा के फाइनल मुकाबलों के नतीजे भारत की पदक संख्या को और बढ़ा सकते हैं।