पशु कल्याण कार्यकर्ता जागृति मिश्रा मामले में MCD की कार्रवाई, JE विकास कुमार गुप्ता तत्काल निलंबित
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली नगर निगम (MCD) ने 26 अक्टूबर 2026 को पशु कल्याण कार्यकर्ता जागृति मिश्रा से जुड़े मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए बाहरी उत्तरी क्षेत्र में तैनात जूनियर इंजीनियर (भवन) विकास कुमार गुप्ता (बीएमआईडी: 40033050) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह आदेश उपायुक्त कार्यालय, बाहरी उत्तरी क्षेत्र, नरेला द्वारा जारी किया गया है और इसके साथ ही अनुशासनात्मक कार्यवाही भी विधिवत शुरू कर दी गई है।
मुख्य कार्रवाई का विवरण
एमसीडी के कार्यालय आदेश के अनुसार, विकास कुमार गुप्ता को उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही विचाराधीन रहने के कारण निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें नियमानुसार निर्वाह भत्ता दिया जाएगा और वे बिना अनुमति अपना स्टेशन नहीं छोड़ सकेंगे। उनका मुख्यालय अधीक्षण अभियंता, बाहरी उत्तरी क्षेत्र का कार्यालय निर्धारित किया गया है।
आदेश की प्रतियाँ आयुक्त, एमसीडी, निदेशक (सतर्कता), मुख्य अभियंता (भवन), अधीक्षण अभियंता और कार्यकारी अभियंता (भवन) को भी प्रेषित की गई हैं — जो इस प्रक्रिया की गंभीरता और बहुस्तरीय निगरानी को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस कार्रवाई की जानकारी साझा करते हुए लिखा, 'पशु कल्याण कार्यकर्ता जागृति मिश्रा से जुड़े मामले में शामिल जूनियर इंजीनियर को निलंबित कर दिया गया है और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। मैं बिल्कुल स्पष्ट कर देना चाहती हूं — सार्वजनिक पद पर रहने वालों की यह जिम्मेदारी है कि वे नागरिकों की सेवा संवेदनशीलता और ईमानदारी के साथ करें।'
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि हर शिकायत की निष्पक्ष जाँच हो और उचित प्रक्रिया का पालन हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि जाँच के दौरान यदि कोई कदाचार साबित होता है, तो कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मामले की पृष्ठभूमि
रिपोर्टों के अनुसार, यह मामला पशु कल्याण कार्यकर्ता जागृति मिश्रा की शिकायत से उपजा है। शिकायत प्राप्त होने के बाद सरकार ने त्वरित संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में नागरिक सेवाओं और सरकारी कर्मचारियों की जवाबदेही को लेकर जनता में संवेदनशीलता बढ़ी है।
पशु कल्याण से जुड़े मामलों में प्रशासनिक कार्रवाई अपेक्षाकृत असामान्य है, जिससे इस निलंबन को सुशासन की दिशा में एक सांकेतिक कदम के रूप में देखा जा रहा है।
आगे की प्रक्रिया
निलंबन एक प्रारंभिक कदम है और अंतिम निर्णय अनुशासनात्मक जाँच के निष्कर्ष पर निर्भर करेगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के बयान के अनुसार, प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखी जाएगी। आने वाले हफ्तों में जाँच रिपोर्ट और आगे की कार्रवाई पर सभी की नज़रें टिकी रहेंगी।