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दिल्ली सरकार का बड़ा निर्णय: 13 जिलों में एसपीसीए समितियों का गठन

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दिल्ली सरकार का बड़ा निर्णय: 13 जिलों में एसपीसीए समितियों का गठन

सारांश

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा राजधानी में पशु कल्याण व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए 13 जिलों में एसपीसीए समितियों के गठन का निर्णय लिया गया है। यह कदम पशु संरक्षण कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए उठाया गया है।

मुख्य बातें

दिल्ली सरकार ने 13 जिलों में एसपीसीए समितियों का गठन किया।
समितियों की अध्यक्षता जिला मजिस्ट्रेट करेंगे।
सभी समितियाँ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 के तहत कार्य करेंगी।
नवीनतम प्रणाली डीएसपीसीए को बंद करेगी।
यह कदम पशु कल्याण में ठोस सुधार लाने की दिशा में है।

नई दिल्ली, 2 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ने राजधानी में पशु कल्याण व्यवस्था को जमीनी स्तर पर सुदृढ़ करने के लिए एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम उठाया है। सभी 13 राजस्व जिलों में सोसाइटी फॉर प्रिवेंशन ऑफ क्रुएल्टी टू एनिमल्स (एसपीसीए) का गठन करने का निर्णय लिया गया है, जिसकी जिम्मेदारी अब संबंधित जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) के हाथ में होगी।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि राजस्व जिलों के हालिया पुनर्गठन के बाद यह कदम उठाया गया है ताकि पशु संरक्षण से जुड़े कानूनों का प्रभावी कार्यान्वयन जिला स्तर पर सुनिश्चित किया जा सके। ये सभी एसपीसीए समितियां पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 के तहत कार्य करेंगी, जिसमें पशु कल्याण के क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों और अन्य सदस्यों को शामिल किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर डीएम की अध्यक्षता में काम करने वाली ये समितियां पशुओं के प्रति क्रूरता के मामलों में त्वरित कार्रवाई, बेहतर निगरानी और समन्वय सुनिश्चित करेंगी, जिससे जमीनी स्तर पर व्यवस्था अधिक प्रभावी बनेगी।

उन्होंने जानकारी दी कि राज्य स्तर पर गठित एनिमल वेलफेयर बोर्ड इस पूरी व्यवस्था का शीर्ष निकाय होगा। यह बोर्ड कानून के प्रभावी क्रियान्वयन की निगरानी करेगा और जिला स्तर पर कार्यरत एसपीसीए को तकनीकी और वित्तीय सहायता प्रदान करेगा, जिससे उनकी क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद अब अलग से संचालित दिल्ली सोसाइटी फॉर प्रिवेंशन ऑफ क्रुएल्टी टू एनिमल्स (डीएसपीसीए) को बंद कर दिया जाएगा। इस कदम से व्यवस्था अधिक स्पष्ट, सुव्यवस्थित और प्रभावी बनेगी।

उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार पशुओं के संरक्षण और कल्याण के प्रति पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। राज्य स्तरीय एनिमल वेलफेयर बोर्ड और जिला एसपीसीए का यह संयुक्त ढांचा न केवल संस्थागत व्यवस्था को मजबूत करेगा, बल्कि राजधानी में पशु कल्याण के परिणामों में भी ठोस सुधार सुनिश्चित करेगा। पशुओं का संरक्षण एक संवेदनशील और जिम्मेदार समाज की पहचान है।

उन्होंने विश्वास जताया कि ये कदम दिल्ली को अधिक मानवीय और उत्तरदायी समाज बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह एक जिम्मेदार और संवेदनशील समाज की दिशा में भी एक बड़ा कदम है।
RashtraPress
18 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली में एसपीसीए समितियों का गठन क्यों किया गया है?
एसपीसीए समितियों का गठन पशु कल्याण कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए किया गया है।
एसपीसीए समितियों की अध्यक्षता कौन करेगा?
एसपीसीए समितियों की अध्यक्षता संबंधित जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) द्वारा की जाएगी।
नई प्रणाली में डीएसपीसीए का क्या होगा?
नई व्यवस्था लागू होने के बाद दिल्ली सोसाइटी फॉर प्रिवेंशन ऑफ क्रुएल्टी टू एनिमल्स (डीएसपीसीए) को बंद कर दिया जाएगा।
एनिमल वेलफेयर बोर्ड की भूमिका क्या होगी?
एनिमल वेलफेयर बोर्ड इस व्यवस्था का शीर्ष निकाय होगा और कानून के प्रभावी क्रियान्वयन की निगरानी करेगा।
पशु कल्याण में यह कदम कैसे मदद करेगा?
यह कदम पशुओं के प्रति क्रूरता के मामलों में तेजी से कार्रवाई और बेहतर निगरानी सुनिश्चित करेगा।
राष्ट्र प्रेस
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